नेपाल के डोल्पा जिले में भारी बर्फबारी के बीच फंसे छह भारतीय पर्यटकों को लेकर रविवार (1 नवंबर 2026) सुबह से चिंता बनी हुई थी। पहले खबर आई कि शे-फोक्सुंडो झील की ओर जा रहे इस ग्रुप से संपर्क टूट गया है। अब नेपाल के जिला प्रशासन की आपात सूचना के हवाले से नेपाली मीडिया ने बताया है कि इन पर्यटकों को हेलिकॉप्टर से निकालने का अभियान शुरू हो गया है। यह खबर उन हजारों भारतीयों के लिए भी अहम है जो सर्दियों में हिमालयी ट्रेक पर जाने की योजना बनाते हैं।
कौन हैं फंसे हुए पर्यटक?
डोल्पा जिला प्रशासन कार्यालय की सूचना के अनुसार, ग्रुप में दो महिलाएं और चार पुरुष हैं। इनके नाम मौमिता हालदार, पियाली कोले, जजला त्रिवेद कुमार, आदित्य सिंघा, डिप्लिना बिस्वास और राजेश डे बताए गए हैं (नाम नेपाली मीडिया में छपी सूचना के अनुसार)। सभी भारतीय नागरिक हैं और प्रसिद्ध शे-फोक्सुंडो झील देखने डोल्पा पहुंचे थे।
कैसे फंसे?
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रुप डोल्पा के धो (Dho) इलाके से शे-फोक्सुंडो झील की ओर लौट रहा था, तभी नुमा ला और बागा ला दर्रों के आसपास उनसे संपर्क टूट गया। ये दोनों दर्रे शे-फोक्सुंडो ग्रामीण नगरपालिका के वार्ड 4 और 8 के बीच हैं, जहां मोबाइल नेटवर्क नहीं है। डोल्पा की मुख्य जिला अधिकारी (CDO) जुनु हमाल ने बताया कि स्थानीय लोगों ने पर्यटकों को बर्फबारी में दर्रा पार करने के खतरे के बारे में चेताया था, फिर भी वे आगे बढ़े।
स्थानीय गाइडों का मानना है कि बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात ‘अर्नब’ के असर से हिमालयी इलाके में भारी बर्फबारी हुई, जिससे रास्ते बंद हो गए।
रेस्क्यू में क्या हो रहा है?
काठमांडू पोस्ट के अनुसार, CDO जुनु हमाल ने कहा कि नेपाली सेना का हेलिकॉप्टर दानिगड़ (शे-फोक्सुंडो ग्रामीण नगरपालिका-8) भेजा जा रहा है और बचाव का खर्च आपदा प्रबंधन कोष से उठाने की व्यवस्था की जा रही है। मकालु खबर और नेपाल डेली ने जिला प्रशासन की सूचना के हवाले से लिखा कि प्रशासन को कार्तिक 14 (नेपाली कैलेंडर) को पर्यटकों के फंसे होने की जानकारी मिली और अगले दिन हेलिकॉप्टर से उद्धार शुरू किया गया। इससे पहले नेपाली सेना की एक टीम को भी खोज में लगाया गया था।
यहां यह साफ करना जरूरी है कि इस लेख के लिखे जाने तक रेस्क्यू अभियान जारी होने की खबरें हैं। सभी छह लोगों के सुरक्षित निकाले जाने की अंतिम आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। हम नई जानकारी आने पर अपडेट करेंगे।
शे-फोक्सुंडो झील क्यों खास है?
शे-फोक्सुंडो झील नेपाल की सबसे गहरी झील मानी जाती है और यह शे-फोक्सुंडो नेशनल पार्क में स्थित है। फिरोजी नीले पानी और ऊंचे पहाड़ों के कारण यह ट्रेकर्स में बेहद लोकप्रिय है, लेकिन अपर डोल्पा का इलाका दूरदराज है, यहां सड़क, नेटवर्क और मेडिकल सुविधा सीमित हैं। इंडिया टुडे ने जिला प्रशासन के आंकड़ों के हवाले से बताया कि अपर डोल्पा में कुल 244 पर्यटक पहुंचे थे, जिनमें 149 नेपाली, 44 सार्क देशों के और 51 अन्य विदेशी नागरिक थे।
भारतीय ट्रेकर्स के लिए सबक
अक्टूबर-नवंबर को हिमालय में ट्रेकिंग का अच्छा मौसम माना जाता है, लेकिन इस साल मौसम असामान्य रहा है। ऊंचाई वाले दर्रों पर अचानक बर्फबारी कुछ ही घंटों में रास्ते बंद कर सकती है। इस मामले में भी स्थानीय चेतावनी को नजरअंदाज करना भारी पड़ा, ऐसा प्रशासन का कहना है।
आप पर क्या असर पड़ेगा / आगे क्या
- ट्रेक की योजना है तो: निकलने से पहले स्थानीय मौसम अलर्ट देखें और गाइड या स्थानीय लोगों की चेतावनी को गंभीरता से लें। खराब मौसम में दर्रा पार करने की जिद न करें।
- कनेक्टिविटी: अपर डोल्पा जैसे इलाकों में मोबाइल नेटवर्क नहीं मिलता। सैटेलाइट मैसेंजर या रोज अपनी लोकेशन किसी के साथ शेयर करने का इंतजाम रखें।
- बीमा और रजिस्ट्रेशन: हेलिकॉप्टर रेस्क्यू कवर करने वाला ट्रैवल इंश्योरेंस लें और जरूरी परमिट/रजिस्ट्रेशन कराएं।
- आगे: डोल्पा प्रशासन ने बाकी पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सुरक्षित जगहों पर रहने की सलाह दी है, क्योंकि खराब मौसम से आगे भी खतरा बना रह सकता है। फंसे भारतीयों के परिवार काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क कर सकते हैं।
स्रोत: इंडिया टुडे, काठमांडू पोस्ट, मकालु खबर, नेपाल डेली, न्यू इंडियन एक्सप्रेस (डोल्पा जिला प्रशासन की सूचना के हवाले से)।

