अक्टूबर 2026 ने गर्मी के मामले में रिकॉर्ड बना दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, इस अक्टूबर में पूरे देश का औसत अधिकतम तापमान 32.43 डिग्री सेल्सियस रहा, जो 1901 के बाद अक्टूबर में सबसे ज्यादा है। वहीं औसत तापमान 26.63 डिग्री सेल्सियस रहा, जो 1901 के बाद तीसरा सबसे ज्यादा है। IMD ने नवंबर के लिए भी सामान्य से ज्यादा गर्म दिन-रात और कम बारिश का अनुमान दिया है। इसका सीधा असर खेती, सेहत और सर्दियों की शुरुआत पर पड़ सकता है।
अक्टूबर 2026 के आंकड़े क्या कहते हैं?
- औसत अधिकतम तापमान: 32.43°C, जबकि सामान्य 31.37°C होता है। यह 1901 के बाद अक्टूबर का सबसे ऊंचा स्तर है।
- औसत न्यूनतम तापमान: 20.83°C (सामान्य 20.01°C), जो 1901 के बाद पांचवां सबसे ज्यादा है।
- औसत तापमान: 26.63°C, तीसरा सबसे ज्यादा। News18 के अनुसार इससे ज्यादा सिर्फ 2024 और 1951 में रहा था।
- दक्षिण भारत: न्यू इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक दक्षिणी प्रायद्वीप के लिए यह 1901 के बाद सबसे गर्म अक्टूबर रहा।
- बारिश: News18 के अनुसार अक्टूबर में बारिश लंबी अवधि के औसत से करीब 31 प्रतिशत कम रही।
इतनी गर्मी क्यों? अल-नीनो का असर
IMD ने कहा है कि प्रशांत महासागर में इस समय “बहुत मजबूत” अल-नीनो की स्थिति है और इसके नवंबर-दिसंबर 2026 में भी बने रहने का अनुमान है। IMD प्रमुख डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने News18 से कहा कि 2001 के बाद से गर्म साल बढ़े हैं, लेकिन इस साल की गर्मी के पीछे मजबूत अल-नीनो भी है। उनके अनुसार अल-नीनो नवंबर में चरम पर पहुंच सकता है और उसके बाद धीरे-धीरे कमजोर होगा, हालांकि सर्दियां अल-नीनो की स्थिति में ही गुजरेंगी। हिंदू बिजनेसलाइन के अनुसार इसकी तीव्रता जनवरी-मार्च के दौरान धीरे-धीरे घटने की संभावना है।
अल-नीनो वह स्थिति है जब मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर का सतही तापमान सामान्य से ज्यादा हो जाता है। भारत में इसका संबंध आमतौर पर कमजोर बारिश और ज्यादा तापमान से जोड़ा जाता है।
नवंबर 2026 का IMD पूर्वानुमान
IMD की 31 अक्टूबर की प्रेस रिलीज के अनुसार:
- देश के ज्यादातर हिस्सों में नवंबर में अधिकतम तापमान सामान्य से ज्यादा रहने की संभावना है। हिमालय की तलहटी के कुछ इलाकों में यह सामान्य या सामान्य से कम रह सकता है।
- न्यूनतम तापमान भी ज्यादातर जगह सामान्य से ज्यादा रहेगा, लेकिन मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में यह सामान्य या उससे कम रह सकता है।
- देश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान है, लेकिन मध्य, उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत के कुछ इलाकों में सामान्य या उससे ज्यादा बारिश हो सकती है।
- न्यू इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार उत्तर-पूर्वी मानसून कमजोर रहने से दक्षिण भारत में बारिश कम रह सकती है।
किसानों के लिए राहत की एक खबर
हिंदू बिजनेसलाइन ने लिखा है कि IMD ने नवंबर में मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से ज्यादा बारिश का अनुमान दिया है, और यही गेहूं की बुवाई का मुख्य समय है। अगर यह बारिश सही समय पर होती है तो रबी बुवाई के लिए मिट्टी में नमी मिल सकती है। हालांकि ज्यादा गर्म रातें गेहूं के शुरुआती विकास के लिए चुनौती बन सकती हैं, इसलिए किसानों को स्थानीय कृषि सलाह पर नजर रखनी चाहिए।
चक्रवात का खतरा भी
इस बीच बंगाल की खाड़ी में चक्रवात ‘मुरासु’ बन रहा है। News18 के अनुसार IMD ने इसके 3 नवंबर की सुबह दक्षिण आंध्र तट पर पहुंचने और 80-90 किमी/घंटा की हवाओं का अनुमान जताया है। इससे पहले अक्टूबर के आखिर में चक्रवात ‘अर्नब’ आंध्र तट से टकराया था।
आप पर क्या असर पड़ेगा / आगे क्या
- सर्दी देर से: उत्तर भारत में गुलाबी ठंड देर से महसूस हो सकती है। दिन में धूप तीखी रहेगी, इसलिए पानी पीते रहें।
- प्रदूषण: कम बारिश और धीमी हवा से दिल्ली-NCR जैसे इलाकों में प्रदूषण की स्थिति बिगड़ सकती है। बुजुर्ग और बच्चे खास ध्यान रखें।
- खेती: रबी फसलों की बुवाई की योजना मौसम पूर्वानुमान और कृषि विज्ञान केंद्र की सलाह के अनुसार बनाएं।
- बिजली-पानी: गर्मी बनी रहने से कई जगह बिजली की मांग सामान्य से ज्यादा रह सकती है।
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) प्रेस रिलीज 31 अक्टूबर 2026, हिंदू बिजनेसलाइन, ET Now, न्यू इंडियन एक्सप्रेस, News18।

