कोलकाता से शिलांग जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6E 7423 रविवार (1 नवंबर) को उड़ान भरने से पहले ही तकनीकी खराबी के कारण रद्द करनी पड़ी। विमान में डीएमके के राज्यसभा सांसद पी. विल्सन भी सवार थे। उनके मुताबिक, टैक्सी करते समय विमान का एक इंजन बंद हो गया, जिसके बाद यात्रियों को करीब दो घंटे तक विमान के अंदर ही इंतजार करना पड़ा। घटना के बाद विल्सन ने एयरलाइन और विमानन नियामक DGCA, दोनों पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
क्या हुआ था फ्लाइट 6E 7423 में?
समाचार एजेंसी ANI और अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, पी. विल्सन तीन अन्य सांसदों और 67 यात्रियों के साथ इस विमान में थे। सभी सांसद संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की एक सार्वजनिक सुनवाई में हिस्सा लेने शिलांग जा रहे थे। विल्सन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि विमान पार्किंग से रनवे की ओर बढ़ रहा था, तभी वह अचानक रुक गया और उड़ान भरने से पहले ही उसका एक इंजन बंद हो गया।
इसके बाद यात्री लगभग दो घंटे तक विमान में बैठे रहे। आखिरकार पायलट ने तकनीकी खराबी की जानकारी दी और उड़ान रद्द करने की घोषणा की। राहत की बात यह रही कि खराबी जमीन पर ही सामने आ गई, यानी विमान हवा में नहीं था और किसी यात्री के घायल होने की खबर नहीं है। विल्सन ने अपने साथ सफर कर रहे बाकी सांसदों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं।
सांसद विल्सन ने क्या आरोप लगाए?
विल्सन का कहना है कि यह विमान उड़ान के लिए सुरक्षित नहीं था और सवाल उठता है कि ऐसे विमान को एयरवर्दीनेस सर्टिफिकेट (उड़ान योग्यता प्रमाणपत्र) कैसे मिल गया। उन्होंने कुछ एयरलाइंस और DGCA अधिकारियों के बीच कथित मिलीभगत का आरोप भी लगाया है। यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह सांसद का आरोप है; इसकी किसी आधिकारिक जांच में अब तक पुष्टि नहीं हुई है।
उन्होंने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू से अपील की है कि वे DGCA को ये कदम उठाने का निर्देश दें:
- देश में चल रहे सभी विमानों के एयरवर्दीनेस सर्टिफिकेट की निष्पक्ष समीक्षा हो।
- जरूरत पड़ने पर सतर्कता इकाइयों के जरिए औचक (सरप्राइज) निरीक्षण कराए जाएं।
- जो विमान असुरक्षित पाए जाएं, उनके प्रमाणपत्र रद्द कर उन्हें उड़ान से रोका जाए।
- लापरवाह अधिकारियों और नियम तोड़ने वाली एयरलाइंस पर सख्त कार्रवाई हो।
लाइव हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, विल्सन ने यहां तक कहा कि अगर एयरलाइन गंभीर नहीं होती तो मंत्रालय को उसका लाइसेंस रद्द करने पर विचार करना चाहिए। खबर लिखे जाने तक इन रिपोर्ट्स में इंडिगो या DGCA की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का जिक्र नहीं था।
एयरवर्दीनेस सर्टिफिकेट क्या होता है?
एयरवर्दीनेस सर्टिफिकेट वह दस्तावेज है जो बताता है कि कोई विमान तय तकनीकी और सुरक्षा मानकों पर खरा है और उड़ान भरने लायक है। भारत में यह प्रमाणपत्र DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) जारी करता है। प्रमाणपत्र मिलने के बाद भी एयरलाइंस को विमान का नियमित रखरखाव (मेंटेनेंस) और जांच करनी होती है। हर उड़ान से पहले इंजीनियर और पायलट विमान की जांच करते हैं, और अगर कोई खराबी दिखे तो उड़ान रोक दी जाती है। इस मामले में खराबी टैक्सी के दौरान पकड़ी गई और उड़ान रद्द कर दी गई, जो सुरक्षा प्रक्रिया का हिस्सा भी माना जाता है। लेकिन सांसद का सवाल यह है कि ऐसी खराबी की नौबत आई ही क्यों।
पृष्ठभूमि: क्यों संवेदनशील है यह मुद्दा
हाल के समय में देश में विमान सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है, खासकर अहमदाबाद विमान हादसे के बाद, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की जान गई थी। इसी वजह से इंजन से जुड़ी हर घटना पर लोगों और जनप्रतिनिधियों की नजर रहती है। दूसरी ओर इंडिगो देश की सबसे बड़ी एयरलाइन है और इस समय आर्थिक दबाव से भी गुजर रही है। लाइव हिंदुस्तान के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में ईंधन की बढ़ी लागत और रुपये की कमजोरी के कारण कंपनी को 1,879.1 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। अगस्त में विली वॉल्श ने कंपनी के नए CEO का पद संभाला है।
आप पर क्या असर पड़ेगा?
अगर आप हवाई यात्रा करते हैं, तो यह मामला सीधे आपकी सुरक्षा से जुड़ा है। अगर सरकार सांसद की मांग मानकर सभी विमानों के प्रमाणपत्रों की समीक्षा या औचक जांच शुरू करती है, तो कुछ समय के लिए कुछ उड़ानों में देरी या बदलाव देखने को मिल सकते हैं, लेकिन लंबे समय में इससे यात्रियों का भरोसा बढ़ सकता है।
यात्री के तौर पर अपने अधिकार भी जान लें। DGCA के यात्री अधिकार नियमों (पैसेंजर चार्टर) के तहत अगर एयरलाइन की वजह से उड़ान रद्द होती है, तो यात्री को आम तौर पर दूसरी उड़ान या पूरा रिफंड चुनने का विकल्प मिलता है, और तय शर्तों में मुआवजा व लंबी देरी पर भोजन जैसी सुविधा भी मिल सकती है। तकनीकी खराबी से उड़ान रद्द होने पर एयरलाइन से लिखित जानकारी और रिफंड/री-बुकिंग की पुष्टि जरूर लें, और शिकायत होने पर सरकार के AirSewa पोर्टल या ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं।
आगे क्या?
अब नजर इस पर है कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय और DGCA सांसद विल्सन की मांगों पर क्या कदम उठाते हैं। आम तौर पर ऐसी घटनाओं में DGCA एयरलाइन से रिपोर्ट मांगता है और विमान की तकनीकी जांच होती है। अगर किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो कार्रवाई संभव है। चूंकि विमान में कई सांसद सवार थे, इसलिए यह मुद्दा संसद में भी उठ सकता है। TrendFlash इस मामले से जुड़े हर आधिकारिक अपडेट पर नजर रखेगा।
स्रोत: ANI, अमर उजाला, लाइव हिंदुस्तान।

