मणिपुर के पहाड़ी इलाकों में शुक्रवार रात से शनिवार के बीच नागा और कुकी समुदायों से जुड़े ताजा संघर्ष में करीब नौ लोगों की मौत हो गई। इंडियन एक्सप्रेस, इंडिया टुडे और द हिंदू जैसी रिपोर्टों के अनुसार हिंसा मुख्य रूप से कामजोंग, उखरुल और कांगपोकपी जिलों में फैली। कई घरों में आग लगाने की खबरें भी आईं। रविवार को स्थिति तनावपूर्ण बताई गई।
इसी बीच मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले। पीएम ने राज्य में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने में हर संभव मदद का आश्वासन दिया। सीएम ने राज्य सरकार के प्रयासों की जानकारी दी और चिकित्सा संस्थानों के उन्नयन जैसे मुद्दे भी रखे।
हिंसा कैसे शुरू हुई?
रिपोर्टों के मुताबिक तनाव शुक्रवार रात कामजोंग जिले के चसाद गांव से बढ़ा। सुरक्षा बलों के अभियान और सशस्त्र समूहों के बीच गोलीबारी की घटनाओं के बाद स्थिति बिगड़ी। स्थानीय स्रोतों और पुलिस बयानों में शुरुआती मौतों और आगजनी का जिक्र है। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार करीब 14 घर नागा और कुकी समुदाय से जुड़े बताए गए, जिन्हें आग के हवाले किया गया। अन्य रिपोर्टों में भी दर्जन भर घर जलाने का जिक्र है — आंकड़ों में थोड़ा अंतर हो सकता है।
शनिवार सुबह फिर गोलीबारी और पुलिस चौकी के पास तनाव की खबरें आईं। कामजोंग में पुलिस स्टेशन के आसपास निषेधाज्ञा जैसे प्रतिबंध लगाने की बात कही गई। कांगपोकपी और उखरुल में भी अलग-अलग हमलों और आम लोगों के मारे जाने की घटनाएं दर्ज हुईं।
तीन जिले, भारी सुरक्षा
सबसे ज्यादा प्रभावित जिले कामजोंग, उखरुल और कांगपोकपी बताए गए। अधिकारियों ने कहा कि संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजे गए। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर नागरिकों की हत्या और हिंसा की निंदा की। उन्होंने प्रशासन को तुरंत शांति बहाल करने और सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी समुदायों से संयम, संवाद और सद्भाव की अपील की।
द हिंदू समेत कई अखबारों ने लिखा कि रविवार को भी हालात तनावपूर्ण बने रहे। फरवरी 2026 से नागा-कुकी झड़पों में इससे पहले भी दर्जनों मौतों का जिक्र पुरानी रिपोर्टों में मिलता है। राज्य पहले मैतेई-कुकी हिंसा की लंबी छाया भी झेल चुका है।
दिल्ली में पीएम-सीएम मुलाकात
मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने प्रधानमंत्री को बताया कि इम्फाल-दीमापुर-गुवाहाटी बस सेवा और राष्ट्रीय राजमार्गों पर माल ढुलाई फिर शुरू हुई है। उन्होंने रीम्स इम्फाल को एम्स स्तर पर अपग्रेड करने का अनुरोध भी रखा। पीएम मोदी ने सरकार के प्रयासों को स्वीकार करते हुए शांति बहाली में सहायता का भरोसा दिलाया।
स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां आगे की कार्रवाई कर रही हैं। घटनाओं की जांच और दोषियों की पहचान चल रही बताई गई है। सोशल मीडिया पर हिंसक तस्वीरों के प्रसार को लेकर भी संवेदनशीलता बरतने की जरूरत है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मणिपुर हिंसा में कितने लोगों की मौत हुई?
ताजा दौर में प्रमुख राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार मौतों का आंकड़ा करीब नौ बताया गया है। अंतिम आधिकारिक पुष्टि स्थानीय प्रशासन से लें।
कौन से जिले प्रभावित हैं?
कामजोंग, उखरुल और कांगपोकपी — इन तीन पहाड़ी जिलों में हिंसा और तनाव की मुख्य खबरें आईं।
पीएम मोदी ने क्या कहा?
सीएम से मुलाकात में प्रधानमंत्री ने मणिपुर में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने में हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
सरकार की अपील क्या है?
मुख्यमंत्री ने सभी समुदायों से संयम बरतने और शांति-संवाद को प्राथमिकता देने की अपील की है। अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।

