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7 नवम्बर 2026, शनि

रुपया डॉलर के मुकाबले 97 पैसे चढ़ा: RBI उपायों के बाद 95.76 पर खुला

भारतीय रुपये के नोट — मुद्रा और विनिमय दर का प्रतीक

सोमवार सुबह रुपया मजबूत

12 अक्टूबर 2026 सोमवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले करीब 97 पैसे चढ़कर 95.76 पर खुला। शुक्रवार 9 अक्टूबर का बंद भाव 96.73 के आसपास था। CNBC-TV18, Economic Times और Mint की रिपोर्टों में इस उछाल को RBI के नए फॉरेक्स उपायों से जोड़ा गया।

केंद्रिय बैंक ने सट्टा दबाव घटाने और नियमित बाजार से बड़े डॉलर डिमांड को हटाने की कोशिश की है। एक दिन का गेन जारी मजबूती की गारंटी नहीं—तेल कीमतें, FII फ्लो और ग्लोबल डॉलर ट्रेंड आगे तय करेंगे।

RBI ने क्या किया?

10 अक्टूबर को घोषित उपायों में प्रमुख बिंदु:

  • तीन सरकारी ऑयल कंपनियों—इंडियन ऑयल (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL)—की दैनिक डॉलर जरूरत को नामित बैंकों के जरिए विशेष विंडो से पूरा करना (12 अक्टूबर से)
  • रद्द किए गए रुपये-लिंक्ड फॉरेक्स डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स के रीबुकिंग पर रोक/प्रतिबंध
  • बिना अंडरलाइंग एक्सपोजर वाले लेन-देन की सीमा सख्त करना
  • कुछ फॉरेक्स कॉन्ट्रैक्ट्स पर 20% कैश/रिजर्व जरूरत

Economic Times के अनुमानों में तीनों OMC की संयुक्त दैनिक डॉलर जरूरत करीब 200 मिलियन डॉलर बताई गई—असल आंकड़ा कच्चे तेल सोर्सिंग और भुगतान मुद्रा (रूसी तेल पर दिरहम/रुपया) पर निर्भर करता है।

बाजार पर असर कैसे?

विशेष विंडो का मतलब है—तेल कंपनियों की बड़ी, नियमित डॉलर खरीद स्पॉट मार्केट से हट सकती है। इससे रुपये पर तात्कालिक दबाव कम होने की उम्मीद है। डेरिवेटिव नियमों से सट्टा पोजीशन महंगी या मुश्किल हो सकती हैं।

बार्कलेज के Mitul Kotecha ने कहा कि RBI सिग्नलिंग से आगे बढ़कर डॉलर डिमांड और सट्टा रोकने की ओर चला है। उन्होंने रुपये के सुव्यवस्थित अवमूल्यन का आउटलुक बनाए रखा—यानी एक दिन की मजबूती से ट्रेंड पलटना तय नहीं।

आयातक-निर्यातक के लिए

आयातकों के कुछ फॉरवर्ड कॉन्ट्रैक्ट महंगे पड़ सकते हैं अगर बैंक कैश जरूरत की लागत आगे बढ़ाएं। निर्यातकों पर सीधा नियम असर कम है, लेकिन मजबूत रुपया डॉलर कमाई का रुपया मूल्य घटा सकता है।

क्या ये पर्याप्त हैं?

नहीं पूरी तरह। भारत का तेल आयात बिल बड़ा है। उपाय डिमांड के रास्ते बदलते हैं, मूल जरूरत खत्म नहीं करते। ऊंचे कच्चे तेल भाव, पूंजी बहिर्वाह और व्यापार घाटा दबाव वापस ला सकते हैं।

शुक्रवार को रुपया 96.74 के आसपास बंद था। सोमवार का ओपन 95.76 साफ सुधार दिखाता है—लेकिन इंट्राडे उतार-चढ़ाव सामान्य है।

Sensex-Nifty की इक्विटी मूवमेंट और रुपये की चाल अलग-अलग कारकों से चलती हैं; आज दोनों की निगरानी साथ हो रही है क्योंकि Q2 नतीजे (जैसे HCL Tech) और ग्लोबल संकेत भी बाजार में हैं।

TrendFlash इस अपडेट को CNBC-TV18, ET और Mint की 12 अक्टूबर कवरेज पर आधारित रख रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

रुपया कितना चढ़ा?

सोमवार को करीब 97 पैसे चढ़कर 95.76 प्रति डॉलर पर खुला; शुक्रवार बंद ~96.73।

RBI की खास विंडो किसके लिए है?

IOC, BPCL और HPCL की दैनिक डॉलर जरूरतों को नामित बैंकों से पूरा करने हेतु।

डेरिवेटिव पर क्या सख्ती है?

रीबुकिंग प्रतिबंध, बिना अंडरलाइंग सीमा सख्त, कुछ कॉन्ट्रैक्ट्स पर 20% कैश जरूरत।

क्या रुपये की मजबूती बनी रहेगी?

जरूरी नहीं; तेल कीमत, पूंजी प्रवाह और ग्लोबल डॉलर आगे की चाल तय करेंगे।

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