रसोई का बजट बिगड़ रहा है, ये बात अब सरकारी आंकड़े भी कह रहे हैं। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को जो आंकड़े जारी किए, उनके मुताबिक सितंबर में Retail Inflation यानी खुदरा महंगाई बढ़कर 5.54% हो गई। अगस्त में यह (संशोधित) 4.83% थी। बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार यह 23 महीने का सबसे ऊंचा स्तर है।
बैक-सीरीज के हिसाब से देखें तो इससे ज्यादा महंगाई आखिरी बार अक्टूबर 2024 में थी, जब यह 6.21% दर्ज हुई थी।
Retail Inflation: RBI के टारगेट से लगातार चौथे महीने ऊपर
रिजर्व बैंक का लक्ष्य महंगाई को 4% के आसपास रखना है, जबकि ऊपरी सीमा 6% है। सितंबर लगातार चौथा महीना है जब खुदरा महंगाई 4% से ऊपर रही। राहत बस इतनी है कि यह अभी 6% की ऊपरी सीमा के अंदर है।
महीने-दर-महीने आधार पर कंबाइंड इंडेक्स 0.69% बढ़कर 109.49 पर पहुंच गया, जो अगस्त में 108.74 था।
खाद्य महंगाई 7.74%, प्याज ने सबको पीछे छोड़ा
सबसे बड़ा झटका खाने-पीने की चीजों से आया। कंज्यूमर फूड प्राइस इंडेक्स (CFPI) पर आधारित खाद्य महंगाई 7.74% रही, जो अगस्त में 5.97% थी। यह दिसंबर 2024 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है।
इस उछाल की अगुवाई प्याज ने की। प्याज की महंगाई दर अगस्त के 48.78% से दोगुने से भी ज्यादा होकर 108.09% पर पहुंच गई। बाकी चीजों का हाल:
- लहसुन: 54.62%
- अदरक: 62.85% (थोड़ी नरमी)
- नींबू: 36.41%
- टमाटर: कीमतें अब भी सालभर पहले से कम, गिरावट 8.62% (अगस्त में 31.09%)
- आलू: गिरावट 11.50% (अगस्त में 13.15%)
यानी टमाटर और आलू अभी भी पिछले साल से सस्ते हैं, पर सस्ताई का अंतर तेजी से घट रहा है।
खाने के बाहर भी दबाव
चांदी के गहनों की महंगाई भले 106.81% से घटकर 87.80% पर आ गई हो, फिर भी यह प्रमुख आइटम्स में दूसरे नंबर पर रही। इसी वजह से पर्सनल केयर और विविध वस्तुओं वाला वर्ग 13.75% के साथ सभी 12 वर्गों में सबसे ऊपर रहा।
ईंधन का असर भी दिखा। रेस्टोरेंट और होटल सेवाओं की महंगाई 8.38% से बढ़कर 9.36% हो गई, जबकि ट्रांसपोर्ट की महंगाई 4.6% से बढ़कर 5.01% हो गई।
गांव में ज्यादा चुभ रही महंगाई
ग्रामीण इलाकों में महंगाई 5.24% से बढ़कर 6.08% हो गई, यानी 6% की सीमा पार। शहरी महंगाई 4.31% से बढ़कर 4.88% रही।
50 लाख से ज्यादा आबादी वाले राज्यों में तमिलनाडु सबसे ऊपर रहा (6.81%)। उसके बाद ओडिशा (6.70%), मध्य प्रदेश (6.68%), तेलंगाना (6.64%) और आंध्र प्रदेश (6.29%) का नंबर रहा।
आगे क्या? अक्टूबर में 6% के आसपास जाने का अनुमान
बैंक ऑफ बड़ौदा के चीफ इकोनॉमिस्ट मदन सबनवीस का कहना है कि फिलहाल महंगाई की बड़ी वजह पुराने स्टॉक का खत्म होना है, इसलिए नई खरीफ फसल की आवक अहम रहेगी। इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च के चीफ इकोनॉमिस्ट देवेंद्र पंत के मुताबिक अक्टूबर 2026 में हेडलाइन महंगाई 6% के आसपास रह सकती है, जिसमें बेस इफेक्ट की भी भूमिका होगी। अक्टूबर के आंकड़े 12 नवंबर को आएंगे।
FAQ: Retail Inflation से जुड़े सवाल
प्रश्न 1: सितंबर 2026 में खुदरा महंगाई कितनी रही?
उत्तर: 5.54%, जो अगस्त में 4.83% थी। यह 23 महीने का उच्चतम स्तर है।
प्रश्न 2: खाद्य महंगाई कितनी रही?
उत्तर: 7.74%, जो अगस्त में 5.97% थी।
प्रश्न 3: सबसे ज्यादा कौन-सी चीज महंगी हुई?
उत्तर: प्याज, जिसकी महंगाई दर 108.09% रही।
प्रश्न 4: गांव और शहर में महंगाई कितनी रही?
उत्तर: ग्रामीण 6.08% और शहरी 4.88%।

