अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) का सितंबर 2026 तिमाही का शुद्ध मुनाफा घटकर ₹1,492 करोड़ रह गया, लेकिन यह गिरावट पिछले साल के ऊंचे आधार की वजह से है। पीटीआई की रिपोर्ट (बिजनेस स्टैंडर्ड पर प्रकाशित) के अनुसार पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी ने ₹3,583 करोड़ का असाधारण लाभ दर्ज किया था, जो मुख्य रूप से एडब्ल्यूएल एग्री बिजनेस में बची हुई हिस्सेदारी बेचने से आया था। परिचालन के मोर्चे पर कंपनी के नतीजे काफी मजबूत रहे।
मुख्य आंकड़े
- शुद्ध मुनाफा: ₹1,492 करोड़, जबकि पिछले साल ₹3,304 करोड़ था। बिजनेस स्टैंडर्ड ने इसे 55% और हिंदू बिजनेसलाइन ने 54% की गिरावट बताया है।
- राजस्व: बिजनेसलाइन के अनुसार परिचालन से राजस्व 75% बढ़कर ₹37,216 करोड़ रहा (पिछले साल ₹21,248 करोड़)। कुल आय 74% बढ़कर ₹38,023 करोड़ रही।
- EBITDA: 62% बढ़कर ₹6,316 करोड़।
- कर-पूर्व मुनाफा (PBT): दोनों अवधियों में कोई असाधारण मद नहीं होने पर 146% बढ़कर ₹2,002 करोड़।
छमाही का हाल
कंपनी के बयान के अनुसार पहली छमाही में कंपनी के मालिकों को मिलने वाला मुनाफा 92% घटकर ₹332 करोड़ रह गया। इसकी वजह पहली तिमाही में अमेरिकी विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) के साथ 27.5 करोड़ डॉलर के समझौते के लिए ₹2,644 करोड़ का चार्ज रहा। छमाही का EBITDA 56% बढ़कर ₹11,958 करोड़ के साथ कंपनी के अनुसार अब तक का सबसे ज्यादा रहा। समझौते के चार्ज को छोड़ दें तो छमाही का PBT 45% बढ़कर ₹3,297 करोड़ रहा।
कॉपर बना सबसे बड़ा चालक
मुंद्रा की कॉपर स्मेल्टर इस तिमाही की सबसे बड़ी वजह रही। बिजनेस स्टैंडर्ड के अनुसार कॉपर सेगमेंट का ब्याज से पहले मुनाफा ₹1,038 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल ₹278 करोड़ का घाटा था। बिक्री की मात्रा 11,800 टन से बढ़कर 80,600 टन हो गई। बिजनेसलाइन के अनुसार कॉपर का राजस्व 11 गुना बढ़कर ₹14,772 करोड़ हुआ और पहली छमाही में कॉपर की बिक्री मात्रा 5.2 गुना बढ़कर 145.3 किलोटन रही। छमाही में कॉपर EBITDA ₹2,033 करोड़ रहा।
अन्य कारोबारों की स्थिति
बिजनेसलाइन के अनुसार अलग-अलग कारोबारों का राजस्व इस प्रकार रहा:
- इंटीग्रेटेड रिसोर्स मैनेजमेंट: 6.6% बढ़कर ₹7,097 करोड़।
- कमर्शियल माइनिंग: 45% बढ़कर ₹2,489 करोड़।
- न्यू एनर्जी इकोसिस्टम: 13% बढ़कर ₹3,572 करोड़।
- एयरपोर्ट: 15% बढ़कर ₹3,698 करोड़।
- माइनिंग सर्विसेज: 7% घटकर ₹985 करोड़।
- रोड्स: 74% घटकर ₹430 करोड़।
सौर और पवन विनिर्माण इकाई अडानी न्यू इंडस्ट्रीज (ANIL) का EBITDA 7% घटकर ₹1,094 करोड़ रहा, हालांकि मॉड्यूल की बिक्री 35% बढ़कर 1,478 मेगावाट हुई। सितंबर 2026 में 4.3 गीगावाट की टॉपकॉन मॉड्यूल लाइन शुरू होने से क्षमता 10 गीगावाट हो गई। 6 गीगावाट की सोलर सेल लाइन का निर्माण तय कार्यक्रम के अनुसार चल रहा है।
डेटा सेंटर और रेटिंग
कंपनी के डेटा सेंटर कारोबार (अडानीकनेक्स) को नवी मुंबई में 240 मेगावाट का नया हाइपरस्केल ऑर्डर मिला, जिससे कुल अनुबंधित क्षमता 1.2 गीगावाट से ऊपर पहुंच गई। परिचालन क्षमता तिमाही में बढ़कर 94.6 मेगावाट हुई, और नोएडा व पुणे में सुविधाएं ग्राहकों को सौंपी गईं। केयर रेटिंग्स ने कंपनी की दीर्घकालिक रेटिंग “AA” स्थिर परिदृश्य के साथ बढ़ाई है।
चेयरमैन और बाजार
चेयरमैन गौतम अडानी ने कहा कि कंपनी “पहले से बेहतर स्थिति में है” और वे “भारत के भविष्य को लेकर आशावादी” हैं। बिजनेसलाइन के अनुसार बुधवार को शेयर 0.32% गिरकर बीएसई पर ₹2,482 पर बंद हुआ।
पाठकों के लिए समझने की बात
सालाना तुलना में कुल मुनाफा घटा दिखता है क्योंकि पिछले साल एकमुश्त लाभ था। इसलिए असाधारण मद हटाकर देखे गए PBT और EBITDA से तुलना ज्यादा सटीक तस्वीर देती है। ये दोनों आंकड़े कंपनी के बयान के अनुसार मजबूती से बढ़े हैं। यह निवेश की सलाह नहीं है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
अडानी एंटरप्राइजेज का Q2 मुनाफा कितना रहा?
₹1,492 करोड़, जो पिछले साल के ₹3,304 करोड़ से करीब 55% कम है।
मुनाफा क्यों घटा?
पिछले साल की तिमाही में ₹3,583 करोड़ का असाधारण लाभ था, जो इस बार नहीं है।
राजस्व कितना बढ़ा?
परिचालन राजस्व 75% बढ़कर ₹37,216 करोड़ रहा।
सबसे बड़ा योगदान किस कारोबार का रहा?
मुंद्रा कॉपर स्मेल्टर का, जिसका राजस्व 11 गुना बढ़ा।
नोट: जानकारी बिजनेस स्टैंडर्ड/पीटीआई और हिंदू बिजनेसलाइन (दोनों 28 अक्टूबर 2026) पर आधारित है। यह निवेश की सलाह नहीं है।

