जम्मू-कश्मीर का चिनाब रेल ब्रिज अब सिर्फ ट्रेन की खिड़की से देखने की चीज नहीं रहेगा। भारतीय रेलवे इस पुल के पास पर्यटकों के लिए खास व्यूइंग प्लेटफॉर्म और एक इंजीनियरिंग म्यूजियम बना रहा है। NDTV और Economic Times की रिपोर्ट्स के मुताबिक ये सुविधाएं जल्द खुलने वाली हैं। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पुल से गुजरती वंदे भारत का ड्रोन वीडियो शेयर किया, जिसके बाद “चिनाब ब्रिज” गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को Google Trends पर ट्रेंड करने लगा।
दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज
रियासी जिले में बक्कल और कौरी के बीच चिनाब नदी पर बना यह स्टील आर्च पुल नदी तल से 359 मीटर ऊंचा है, जो पेरिस के एफिल टॉवर से भी ऊंचा है। Economic Times के अनुसार पुल की लंबाई 1,315 मीटर है (NDTV ने इसे करीब 1,300 मीटर बताया) और इसका मुख्य आर्च 467 मीटर का है।
NDTV के मुताबिक पुल को तेज हवाओं और रिक्टर स्केल पर 8 तीव्रता तक के भूकंप को झेलने लायक डिजाइन किया गया है। यह 272 किमी लंबे उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) का हिस्सा है, जिसने कश्मीर को हर मौसम में रेल से जोड़ा। प्रधानमंत्री ने इसका उद्घाटन जून 2025 में किया था।
व्यूइंग प्लेटफॉर्म और म्यूजियम में क्या होगा?
- व्यू डेक: पुल, गहरी घाटी और चिनाब नदी का खुला नजारा। ET के अनुसार फोटोग्राफी के लिए खास जगहें मार्क की जाएंगी और बर्फीली हिमालयी चोटियां बैकग्राउंड में दिखेंगी।
- सुरक्षित इंतजाम: प्लेटफॉर्म ऐसे बनाए जा रहे हैं कि भीड़ रेल संचालन या सुरक्षा क्षेत्र में दखल दिए बिना पुल देख सके।
- इंजीनियरिंग म्यूजियम: निर्माण के अलग-अलग चरण, पुरानी तस्वीरें, स्केल मॉडल और डिजिटल प्रेजेंटेशन। इसमें यह भी दिखाया जाएगा कि मुश्किल पहाड़ी इलाके में इंजीनियरों ने कौन-सी चुनौतियां पार कीं।
एक रेलवे अधिकारी ने NDTV से कहा कि लोग अब देख सकेंगे कि हिमालय को काटती रेल लाइन कैसे दो पहाड़ों को जोड़ती है। ET के मुताबिक अधिकारियों को उम्मीद है कि इससे स्थानीय टैक्सी, ढाबे, छोटे दुकानदार और होमस्टे वालों की कमाई बढ़ेगी।
पीएम मोदी का वीडियो वायरल
नवभारत टाइम्स के अनुसार प्रधानमंत्री ने ड्रोन से शूट किया एक सिनेमैटिक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें कैमरा नदी से उठकर पुल पर दौड़ती वंदे भारत तक जाता है। NBT के मुताबिक इस रील को 1.2 करोड़ से ज्यादा बार देखा जा चुका है।
कश्मीर रेल लिंक से क्या बदला
NDTV के अनुसार कटरा से श्रीनगर अब वंदे भारत से 3 घंटे से कम में पहुंचा जा सकता है। माता वैष्णो देवी के कई श्रद्धालु कटरा से ट्रेन लेकर सीधे श्रीनगर जा रहे हैं। पहले सर्दियों में जम्मू-श्रीनगर हाईवे बंद होने से घाटी कई दिन कट जाती थी; रेल लाइन ने हर मौसम का भरोसेमंद रास्ता दिया है।
आप पर क्या असर पड़ेगा / आगे क्या
- अभी तारीख तय नहीं: रेलवे ने व्यू प्लेटफॉर्म और म्यूजियम खोलने की कोई पक्की तारीख नहीं बताई है, सिर्फ “जल्द” कहा है। यात्रा प्लान करने से पहले रेलवे की आधिकारिक घोषणा देखें।
- ट्रेन से देखना: तब तक सबसे आसान तरीका कटरा-श्रीनगर रूट की ट्रेन से सफर है। टिकट IRCTC पर पहले बुक करें, क्योंकि पर्यटन सीजन में भीड़ रहती है।
- सुरक्षा नियम मानें: पुल रणनीतिक रेल ढांचा है। सड़क किनारे या प्रतिबंधित जगह पर रुककर फोटो या ड्रोन उड़ाने से बचें; प्लेटफॉर्म खुलने पर तय जगह से ही देखें।
- छात्रों के लिए मौका: सिविल और मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्रों के लिए म्यूजियम एक अच्छा स्टडी टूर बन सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
चिनाब ब्रिज कितना ऊंचा है?
नदी तल से 359 मीटर, एफिल टॉवर से भी ऊंचा।
व्यूइंग प्लेटफॉर्म कब खुलेगा?
रेलवे के मुताबिक जल्द; अभी कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं हुई।
चिनाब ब्रिज कहां है?
जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में, बक्कल और कौरी के बीच।
कटरा से श्रीनगर ट्रेन से कितना समय लगता है?
NDTV के अनुसार वंदे भारत से 3 घंटे से कम।

