सरकार ने जिस डील का चार साल से इंतजार कराया, उसकी मंजूरी के अगले ही दिन IDBI Bank शेयर धड़ाम हो गया। गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को कारोबार के दौरान शेयर करीब 6 से 7.5 प्रतिशत तक टूटा। PTI के मुताबिक BSE और NSE दोनों पर यह ₹83.62 तक फिसला, जबकि पिछला बंद भाव करीब ₹90.44 था। एक दिन पहले, बुधवार को डील की खबरों के बीच शेयर ₹93.6 के आसपास तक चढ़ गया था।
गिरावट की जड़ में है वह कीमत, जिस पर कनाडा की Fairfax Financial Holdings बैंक को खरीद रही है—₹81 प्रति शेयर। यह बाजार भाव से काफी नीचे है।
डील की मुख्य बातें
- खरीदार: 10955230 Canada Inc., जिसकी पेरेंट कंपनी प्रेम वत्स की अगुआई वाली Fairfax Financial Holdings है
- हिस्सेदारी: कुल 60.72%—सरकार की 30.48% और LIC की 30.24%
- सौदे की रकम: करीब ₹52,878.08 करोड़
- कीमत: ₹81 प्रति शेयर
- डील के बाद: सरकार के पास 15% और LIC के पास 19% हिस्सेदारी बचेगी; दोनों बोर्ड से अपने नॉमिनी हटाकर आम शेयरधारक बन जाएंगे
- मंजूरी: कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA), 14 अक्टूबर 2026
सरकार के मुताबिक पूरा होने पर यह देश के वित्तीय क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा विदेशी निवेश (FDI) होगा। सरकार ने इसे विनिवेश की जगह ‘स्ट्रैटेजिक रीस्ट्रक्चरिंग’ कहा है, क्योंकि उसकी हिस्सेदारी बैंक में बनी रहेगी।
₹81 का भाव कैसे तय हुआ
PIB की विज्ञप्ति के मुताबिक प्रक्रिया अक्टूबर 2022 में शुरू हुई थी। पांच पार्टियों ने रुचि दिखाई, चार योग्य निकलीं और आखिर में दो ने बोली लगाई। पहले दौर की बोलियां (करीब ₹75 प्रति शेयर) तब तय रिजर्व प्राइस ₹94.42 से कम रहीं, इसलिए खारिज हो गईं। मई 2026 में दोबारा ‘बेस्ट ऑफर’ मंगाए गए।
सरकार का कहना है कि IDBI का शेयर कम ट्रेड होता है और बहुत उतार-चढ़ाव वाला रहा है (वैल्यूएशन अवधि में ₹61.01 से ₹118.38 तक), इसलिए बाजार भाव को आधार नहीं बनाया गया। दो स्वतंत्र एजेंसियों ने अलग-अलग तरीकों से वैल्यूएशन किया, जिसका औसत ₹75.99 प्रति शेयर रहा। जीतने वाली बोली ₹81 इससे ऊपर थी, इसलिए इसे मंजूरी दी गई।
फिर शेयर क्यों गिरा
सीधी सी बात है—बाजार में शेयर ₹90 के ऊपर था और खरीदार ₹81 दे रहा है। बहुत से निवेशकों को उम्मीद थी कि रणनीतिक खरीदार प्रीमियम देगा। जब ऐसा नहीं हुआ, तो बुधवार की तेजी में खरीदने वालों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। Business Today और India Infoline ने भी गिरावट को प्रॉफिट बुकिंग से जोड़ा है।
आप पर क्या असर पड़ेगा
- IDBI के खाताधारक: घबराने की जरूरत नहीं। बैंक पहले की तरह RBI के नियमन में रहेगा और बैंक में जमा राशि पर DICGC का ₹5 लाख तक का बीमा कवर सभी बैंकों की तरह लागू रहता है।
- मौजूदा शेयरधारक: ₹81 का डील प्राइस शेयर के लिए कोई गारंटीड ‘फ्लोर’ नहीं है। डील अभी RBI की मंजूरी समेत कई शर्तों पर टिकी है, इसलिए आगे भी उतार-चढ़ाव संभव है।
- नए निवेशक: केवल ‘विदेशी खरीदार आ रहा है’ सुनकर खरीदारी न करें। बैंक की कमाई, एसेट क्वालिटी और नए मालिक की योजना पर नजर रखें।
- LIC पॉलिसीधारक/निवेशक: LIC को अपनी हिस्सेदारी का पैसा मिलेगा और उसकी 19% हिस्सेदारी बनी रहेगी।
आगे क्या
अब Fairfax को ‘फिट एंड प्रॉपर’ आकलन के तहत RBI के सामने अपनी साख रखनी होगी और नियामक शर्तों के पालन का रोडमैप देना होगा। कैबिनेट ने सरकार की बची 15% हिस्सेदारी खुले बाजार में बेचने का अधिकार भी मंत्रियों के समूह (Alternative Mechanism) को दे दिया है, यानी भविष्य में बाजार में और शेयर आ सकते हैं। LIC अपनी बची हिस्सेदारी पर अपने नियमों के हिसाब से फैसला करेगी। डील पूरी होने और नए प्रबंधन की योजना सामने आने तक शेयर में खबरों के हिसाब से तेज हलचल बनी रह सकती है।
नोट: यह खबर केवल जानकारी के लिए है, निवेश सलाह नहीं। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से बात करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
IDBI Bank को कौन खरीद रहा है?
कनाडा की Fairfax Financial Holdings की इकाई 10955230 Canada Inc. 60.72% हिस्सेदारी खरीद रही है।
डील किस भाव पर हुई?
₹81 प्रति शेयर, कुल ₹52,878 करोड़।
IDBI Bank का शेयर आज क्यों गिरा?
डील प्राइस बाजार भाव से कम होने और पिछले दिन की तेजी के बाद मुनाफावसूली के चलते।
क्या IDBI में जमा पैसा सुरक्षित है?
बैंक RBI के नियमन में रहेगा और जमा पर DICGC का ₹5 लाख तक का बीमा कवर लागू है।
स्रोत: PIB (14 अक्टूबर 2026, विज्ञप्ति व FAQ), The Hindu/PTI, Indian Express, India Today, Business Today, The Hindu BusinessLine।

