12 अक्टूबर 2026 को विपक्षी INDIA गठबंधन के नेता राष्ट्रीय राजधानी में “चलो दिल्ली – मार्च फॉर डेमोक्रेसी” के बैनर तले निकले और सुप्रीम कोर्ट में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) तथा कथित वोट अनियमितताओं को लेकर याचिका दायर की। यह दिन केवल पहले की घोषणा का रीहैश नहीं—वास्तविक मार्च, बैरिकेड्स पर टकराहट, मेट्रो पाबंदियां और कोर्ट में फाइलिंग का दिन था।
मार्च: बाराखंबा से भगवान दास मार्ग तक
नेता संविधान क्लब / कनॉट प्लेस इलाके में जमा हुए और चार वातानुकूलित बसों से बाराखंबा रोड जंक्शन पहुंचे। वहां से पैदल मार्च सुप्रीम कोर्ट की ओर बढ़ा। ट्रिब्यून और एनडीटीवी की लाइव कवरेज के अनुसार पुलिस ने मार्च को भगवान दास मार्ग पर बैरिकेड्स पर रोक दिया। कुछ नेता—जिनमें राहुल गांधी और अखिलेश यादव शामिल बताए गए—वाहन की छत पर चढ़े।
मैदान में दिखे प्रमुख चेहरों में लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, राजद के तेजस्वी यादव, शिवसेना (यूबीटी) के संजय राउत, माकपा के एम.ए. बेबी, भाकपा के डी. राजा, एनसीपी-एससीपी की सुप्रिया सुले, आईयूएमएल के ई.टी. मोहम्मद बशीर के साथ प्रियंका गांधी वाड्रा, शशि थरूर, सचिन पायलट और अन्य शामिल रहे।
याचिका: संयुक्त याचिकाकर्ता, शाम को फाइलिंग
इंडिया टुडे के अनुसार PIL में 11 विपक्षी नेताओं को याचिकाकर्ता नामित किया गया—राहुल गांधी, खड़गे, तृणमूल के सौगत रॉय, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, संजय राउत, एम.ए. बेबी, डी. राजा, झामुमो की महुआ माझी, सुप्रिया सुले और ई.टी. मोहम्मद बशीर।
एनडीटीवी ने बताया कि याचिका करीब 124 पृष्ठों की है (अनुलग्नकों सहित) और इसमें करीब 10 मुख्य मांगें हैं। प्रतिवादियों में चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा अन्य चुनाव आयुक्तों का नाम लिया गया। याचिका में SIR प्रक्रिया की वैधता, मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर कथित कटौती, पारदर्शिता और अंतरिम रोक जैसे मुद्दे उठाए गए (विवरण स्रोत-आधारित रिपोर्टिंग पर निर्भर)।
शाम को याचिका दाखिल हुई। CJI सूर्यकांत ने पहले प्रशासनिक मुलाकात से इनकार करते हुए औपचारिक याचिका का रास्ता बताया था; कोर्ट रजिस्ट्री को उसी दिन प्रोसेस कर मंगलवार की सुनवाई के लिए तैयार रहने का निर्देश दिए जाने की खबरें आईं।
दिल्ली मेट्रो और सुरक्षा
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने सुरक्षा कारणों से छह स्टेशनों—पटेल चौक, जनपथ, राजिव चौक, मंडी हाउस, सेंट्रल सचिवालय, बाराखंबा रोड—पर सुबह 6 बजे से दोपहर/शाम तक प्रवेश-निकास बंद रखा। पहले 4 बजे तक की समयसीमा बताई गई, बाद में 5 बजे तक बढ़ाने और फिर गेट खोलने की अपडेट आईं। इंटरचेंज सुविधा उपलब्ध रहने का उल्लेख रहा।
राजधानी में हजारों पुलिस-अर्धसैनिक जवान तैनात बताए गए। जंतर मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में डी-नोटिफाई किए जाने के बाद रामलीला मैदान, बुराड़ी और सीबीडी ग्राउंड वैकल्पिक स्थल बताए जा रहे हैं—इस मुद्दे पर दिल्ली हाईकोर्ट में भी मंगलवार को सुनवाई तय हुई।
सियासी प्रतिक्रिया
विपक्ष इसे लोकतंत्र और संविधान बचाने का आंदोलन बता रहा है; भाजपा ने आरोपों को खारिज करते हुए अदालत/सड़क पर दबाव बनाने का आरोप लगाया। चुनाव आयोग का रुख रहा है कि पात्र मतदाताओं को बाहर नहीं किया जाएगा। अदालत अब याचिका की विषय-वस्तु पर सुनवाई करेगी—सड़क और कोर्ट दोनों मोर्चे खुले हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: सोमवार को नया क्या हुआ?
उत्तर: INDIA गठबंधन ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया और SIR/कथित वोट अनियमितताओं पर संयुक्त याचिका वास्तव में दाखिल की—केवल प्रेस कॉन्फ्रेंस घोषणा नहीं।
प्रश्न 2: याचिका में कौन-कौन हैं?
उत्तर: इंडिया टुडे के अनुसार 11 याचिकाकर्ता—राहुल गांधी, खड़गे, सौगत रॉय, अखिलेश, तेजस्वी, संजय राउत, एम.ए. बेबी, डी. राजा, महुआ माझी, सुप्रिया सुले, ई.टी. मोहम्मद बशीर।
प्रश्न 3: मेट्रो पर क्या पाबंदी थी?
उत्तर: छह केंद्रीय स्टेशनों पर प्रवेश-निकास सुबह 6 बजे से दोपहर/शाम तक बंद; बाद में गेट फिर खोले गए (DMRC/NDTV)।
प्रश्न 4: मार्च कहां रुका?
उत्तर: पुलिस बैरिकेड्स पर भगवान दास मार्ग के पास (Tribune/NDTV लाइव)।

