सूचना एवं प्रसारण और संसदीय कार्य राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया। चौंकाने वाली बात यह रही कि उन्होंने सिर्फ मंत्री पद ही नहीं, राज्यसभा की सदस्यता भी छोड़ दी, जबकि उनका कार्यकाल 2030 तक बाकी था। एल मुरुगन का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब दिवाली से पहले मोदी कैबिनेट में फेरबदल की चर्चा पहले से चल रही थी।
इस्तीफे की वजह: “अब तमिलनाडु में ज़मीन पर काम करना है”
मुरुगन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लंबा पत्र लिखकर गुज़ारिश की कि उन्हें राज्य मंत्री की ज़िम्मेदारी से मुक्त किया जाए और राज्यसभा सदस्यता छोड़ने की अनुमति दी जाए, ताकि वह पूरा समय तमिलनाडु में भाजपा को मज़बूत करने में लगा सकें। पत्र में उन्होंने लिखा कि वह राज्य के हर गांव और हर गली तक जाना चाहते हैं, कार्यकर्ताओं के साथ खड़े होना चाहते हैं और 2029 के लोकसभा चुनाव की तैयारी करना चाहते हैं।
सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने खुद को दिहाड़ी मज़दूर माता-पिता का बेटा बताया और बात “Nation First. Party Next. Self Last.” के साथ खत्म की।
कौन हैं एल. मुरुगन?
- तमिलनाडु के रहने वाले मुरुगन 2020 में भाजपा की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष बने थे। उनकी ‘वेल यात्रा’ को राज्य में पार्टी कैडर को सक्रिय करने का श्रेय दिया जाता है।
- जुलाई 2021 के कैबिनेट विस्तार में वह केंद्रीय राज्य मंत्री बने।
- वह 2021 से राज्यसभा में थे और अप्रैल 2024 में मध्य प्रदेश से दोबारा चुने गए थे। यह कार्यकाल अप्रैल 2030 तक था।
- वह अरुंधतियार समुदाय से आने वाले दलित नेता हैं।
फेरबदल की अटकलें क्यों तेज़ हुईं?
मुरुगन चार महीने से कम समय में सरकार छोड़ने वाले तीसरे मंत्री हैं। उनसे पहले रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन राज्यसभा कार्यकाल खत्म होने पर मंत्रिपरिषद से बाहर हो चुके हैं। जुलाई में धर्मेंद्र प्रधान ने NEET पेपर लीक विवाद के बाद शिक्षा मंत्री पद छोड़ा था और शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार फिलहाल प्रल्हाद जोशी के पास है।
इसके अलावा पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा को इस बार राज्यसभा का टिकट नहीं मिला। रिपोर्ट्स के मुताबिक इनका कार्यकाल 25 नवंबर को खत्म हो रहा है। The Hindu के अनुसार कम से कम आधा दर्जन मंत्री पद खाली होने की स्थिति बन रही है और भाजपा सूत्रों का कहना है कि फेरबदल दिवाली से पहले हो सकता है। अगर ऐसा हुआ, तो जून 2024 में 71 मंत्रियों के साथ शपथ लेने के बाद मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का यह पहला बड़ा फेरबदल होगा।
आप पर क्या असर पड़ेगा
यह दिल्ली की राजनीति की खबर ज़रूर है, पर इसके कुछ सीधे मायने समझना ज़रूरी है:
- मंत्रालय का कामकाज नहीं रुकता: राज्य मंत्री के जाने से मंत्रालय की नीतियां या योजनाएं अटकती नहीं हैं। विभाग के कैबिनेट मंत्री के पास ज़िम्मेदारी रहती है।
- मध्य प्रदेश में राज्यसभा उपचुनाव: मुरुगन की सीट खाली होने पर चुनाव आयोग उपचुनाव कराएगा। राज्यसभा के सदस्य को विधायक चुनते हैं, इसलिए विधानसभा में भाजपा के संख्याबल को देखते हुए यह सीट पार्टी के पास ही रहने की उम्मीद है। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक भाजपा तमिलनाडु के ही किसी बड़े चेहरे को यहां से भेज सकती है।
- बिना सांसद रहे मंत्री कितने दिन? संविधान के अनुच्छेद 75(5) के तहत कोई व्यक्ति संसद का सदस्य हुए बिना लगातार छह महीने तक ही मंत्री रह सकता है। इसी वजह से पुरी और वर्मा का भविष्य भी फेरबदल की चर्चा से जुड़ गया है।
- इस्तीफे की प्रक्रिया: मंत्री का इस्तीफा प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति स्वीकार करते हैं, जबकि राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा सभापति को सौंपा जाता है।
आगे क्या
अब नज़र दो बातों पर है। पहली, मुरुगन को तमिलनाडु में क्या ज़िम्मेदारी मिलती है; रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें कोई बड़ा संगठनात्मक रोल मिल सकता है। दूसरी, कैबिनेट फेरबदल की तारीख। भाजपा सूत्रों के मुताबिक बदलाव का असर राज्य मंत्रियों पर ज़्यादा पड़ सकता है और उम्र, महिला प्रतिनिधित्व, संगठन का अनुभव और जातीय समीकरण जैसे पैमाने अहम रहेंगे। सरकार ने अभी कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है, इसलिए नए नामों की चर्चाओं को फिलहाल अटकल ही मानें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
एल. मुरुगन ने कब इस्तीफा दिया?
मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को। उन्होंने राज्य मंत्री पद और राज्यसभा सदस्यता दोनों छोड़ दीं।
मुरुगन के पास कौन से मंत्रालय थे?
वह सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और संसदीय कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री थे।
उन्होंने इस्तीफा क्यों दिया?
पत्र के मुताबिक वह पूरा समय तमिलनाडु में भाजपा को मज़बूत करने में लगाना चाहते हैं।
क्या मोदी कैबिनेट में फेरबदल होगा?
भाजपा सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट्स में दिवाली से पहले फेरबदल की संभावना जताई गई है, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
स्रोत: The Hindu, Indian Express, Hindustan Times, NDTV, Live Hindustan, Moneycontrol Hindi, एल. मुरुगन का X पोस्ट (13-14 अक्टूबर 2026)।

