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7 नवम्बर 2026, शनि

हुंडई 15.5 अरब डॉलर निवेश: 2032 तक भारत में बढ़ेगा उत्पादन, R&D पर 70 करोड़ डॉलर; PM मोदी से मिले यूसुन चुंग

चेन्नई के पास हुंडई मोटर इंडिया का मैन्युफैक्चरिंग प्लांट और उसका बोर्ड—हुंडई 15.5 अरब डॉलर निवेश

दक्षिण कोरिया की दिग्गज कार कंपनी हुंडई ने भारत को लेकर अब तक का सबसे बड़ा दांव खेला है। हुंडई मोटर ग्रुप ने मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को ऐलान किया कि वह 2026 से 2032 के बीच भारत में 15.5 अरब डॉलर का निवेश करेगा। मौजूदा विनिमय दर पर यह रकम करीब 1.47 लाख करोड़ रुपये बैठती है। यह घोषणा ग्रुप के एग्ज़ीक्यूटिव चेयर यूसुन चुंग (Euisun Chung) की नई दिल्ली में प्रधानमंत्री कार्यालय में PM नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद हुई। हुंडई 15.5 अरब डॉलर निवेश की यह योजना फैक्ट्री से लेकर रिसर्च, EV चार्जिंग और रीसाइक्लिंग तक फैली है।

पैसा कहाँ-कहाँ लगेगा?

कंपनी के आधिकारिक बयान के मुताबिक सात साल के इस निवेश को चार बड़े हिस्सों में बांटा गया है:

  • उत्पादन बढ़ाना: हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड (HMIL) और किआ इंडिया, दोनों की उत्पादन क्षमता बढ़ाई जाएगी। लक्ष्य भारत को ग्रुप के प्रमुख ग्लोबल एक्सपोर्ट प्लेटफॉर्म में बदलना है।
  • रिसर्च एंड डेवलपमेंट: भारत के R&D सेंटर और वाहन टेस्टिंग ट्रैक पर करीब 70 करोड़ डॉलर खर्च करने की योजना है।
  • लोकल सप्लाई चेन: भारतीय पार्ट्स सप्लायरों में रणनीतिक निवेश, ताकि ज़्यादा से ज़्यादा पुर्ज़े देश में ही बनें।
  • भविष्य की मोबिलिटी: स्टार्टअप्स में निवेश, ऑटो फाइनेंसिंग, EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और पुरानी गाड़ियों की रीसाइक्लिंग जैसे नए कारोबार तलाशे जाएंगे।

इस पूरे निवेश को संभालने के लिए ग्रुप भारत में एक अलग इन्वेस्टमेंट कंपनी बनाएगा। यूसुन चुंग ने कहा कि पिछले 30 साल भारत के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता के रहे हैं और यह निवेश अगले 30 साल और उससे आगे के लिए उसी भरोसे को दोहराता है। हालांकि किस प्रोजेक्ट में कितना पैसा जाएगा, इसका पूरा ब्योरा कंपनी ने अभी सार्वजनिक नहीं किया है।

अभी भारत में कितनी बड़ी है हुंडई?

ग्रुप के पास भारत में हर साल 14 लाख से ज़्यादा गाड़ियां बनाने की क्षमता है। इसमें HMIL का चेन्नई प्लांट (8.24 लाख यूनिट), पुणे का नया प्लांट (1.7 लाख यूनिट, जिसकी क्षमता चरणों में बढ़ेगी) और आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में किआ इंडिया का प्लांट (4.31 लाख यूनिट) शामिल हैं। ग्रुप देश में 24,000 से ज़्यादा लोगों को रोज़गार देता है।

CNBC की रिपोर्ट में SIAM के आंकड़ों के हवाले से बताया गया है कि अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच हुंडई ने भारत में 2,47,980 पैसेंजर कारें बेचीं और इस अवधि में वह मारुति सुज़ुकी और महिंद्रा के बाद तीसरे नंबर पर रही। 2024 में आया हुंडई मोटर इंडिया का करीब 3.3 अरब डॉलर का IPO उस समय देश का सबसे बड़ा IPO था।

आप पर क्या असर पड़ेगा

  • नौकरियों के मौके: कंपनी का कहना है कि मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग, R&D और सप्लाई चेन में अच्छी नौकरियां बनेंगी। ज़्यादा फायदा प्लांट वाले राज्यों तमिलनाडु, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश को मिल सकता है। ITI और डिप्लोमा वाले युवाओं के लिए स्किल्ड नौकरियों की मांग बढ़ सकती है। ग्रुप ने चेन्नई में HATS (Hyundai Academy for Technical Skills) नाम के वोकेशनल ट्रेनिंग संस्थान की योजना भी बताई है।
  • कार खरीदने वालों के लिए: जितने ज़्यादा पुर्ज़े देश में बनते हैं, आयात पर निर्भरता उतनी घटती है। लंबे समय में इससे कीमतें और सर्विस-पार्ट्स की उपलब्धता संभालने में मदद मिल सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि गाड़ियां तुरंत सस्ती होंगी।
  • EV और रीसाइक्लिंग: चार्जिंग नेटवर्क और पुरानी गाड़ियों की रीसाइक्लिंग में कंपनी उतरती है तो इलेक्ट्रिक कार अपनाने वालों और पुरानी गाड़ी स्क्रैप कराने वालों को नए विकल्प मिल सकते हैं।
  • निवेशकों के लिए: हुंडई मोटर इंडिया शेयर बाज़ार में लिस्टेड है, इसलिए आज इसके शेयर पर नज़र रहेगी। पर सिर्फ एक घोषणा देखकर खरीद-बिक्री का फैसला न करें।

आगे क्या

भारत का कार बाज़ार इस समय रिकॉर्ड बना रहा है। SIAM के अनुसार अगस्त 2026 में पैसेंजर वाहनों की बिक्री 4.39 लाख यूनिट के साथ अब तक के सबसे ऊंचे मासिक स्तर पर पहुंची, जो सालाना आधार पर 36% से ज़्यादा की बढ़त है। वित्त वर्ष 2025-26 में हुंडई बिक्री के मामले में चौथे नंबर पर रही थी, इसलिए यह निवेश कंपनी के लिए भी अहम है। आने वाले महीनों में देखना होगा कि नई इन्वेस्टमेंट कंपनी कब बनती है, पुणे प्लांट की क्षमता कितनी तेज़ी से बढ़ती है और किन राज्यों में नए प्रोजेक्ट जाते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

हुंडई भारत में कितना निवेश करेगी?

हुंडई मोटर ग्रुप 2026 से 2032 के बीच 15.5 अरब डॉलर (करीब 1.47 लाख करोड़ रुपये) का निवेश करेगा।

यह निवेश किन क्षेत्रों में होगा?

उत्पादन क्षमता बढ़ाने, R&D, लोकल पार्ट्स सप्लायर, स्टार्टअप्स, EV चार्जिंग, ऑटो फाइनेंस और वाहन रीसाइक्लिंग में।

R&D पर कितना खर्च होगा?

भारत के R&D सेंटर और टेस्टिंग ट्रैक पर करीब 70 करोड़ डॉलर।

भारत में हुंडई के प्लांट कहाँ हैं?

हुंडई मोटर इंडिया के प्लांट चेन्नई और पुणे में, जबकि किआ इंडिया का प्लांट अनंतपुर (आंध्र प्रदेश) में है।

स्रोत: हुंडई मोटर ग्रुप की आधिकारिक प्रेस रिलीज़, The Hindu, CNBC, NDTV, नवभारत टाइम्स, IBC24 (13-14 अक्टूबर 2026)।

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