तमिल फिल्म संगीत को गली-मोहल्लों की ‘गाना’ धुनों से जोड़ने वाले मशहूर संगीतकार और गायक देवा का शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को चेन्नई में निधन हो गया। वह 75 वर्ष के थे। प्रशंसक उन्हें प्यार से ‘तेनिसई तेंद्रल’ (मीठे संगीत की बयार) कहते थे। करीब चार दशक लंबे करियर में उन्होंने तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम की 400 से ज़्यादा फिल्मों में संगीत दिया। रजनीकांत की ‘अन्नामलाई’ और ‘बाशा’ से लेकर विजय की ‘कुशी’ और अजित की ‘वाली’ तक, 90 के दशक की कई सुपरहिट फिल्मों के गाने उन्हीं की देन हैं।
खबर आते ही Google Trends India पर “deva” और “deva music” दोनों 10 हज़ार से ज़्यादा सर्च के साथ ट्रेंड करने लगे, जबकि X (ट्विटर) पर #Deva भारत के टॉप ट्रेंड्स में शामिल हो गया। नीचे जानिए अब तक की पुष्ट जानकारी, उनका सफ़र और भारतीय फिल्म संगीत में उनकी जगह।
अब तक क्या पता है
- कब और कहां: The New Indian Express (Cinema Express) और Gulte की रिपोर्ट के मुताबिक देवा को शनिवार सुबह करीब 8:30 बजे चेन्नई के सूर्या हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां अचानक उनका निधन हो गया।
- कारण: DT Next, दिनमणि और ABP तमिल ने दिल का दौरा (हार्ट अटैक) बताया है, जबकि India Today के मुताबिक मौत की वजह अभी आधिकारिक तौर पर नहीं बताई गई है। परिवार या अस्पताल का विस्तृत बयान आने तक इसे रिपोर्ट्स पर आधारित जानकारी ही मानें।
- अंतिम दर्शन: India Today के अनुसार उनका पार्थिव शरीर चेन्नई के टी. नगर स्थित आवास पर लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। अंतिम संस्कार के समय और स्थान की जानकारी अभी आनी बाकी है।
- संयोग: News18 तमिल ने ध्यान दिलाया कि 17 अक्टूबर महान तमिल गीतकार कवि कण्णदासन की पुण्यतिथि भी है।
कौन थे देवा: मायलापुर से ‘तेनिसई तेंद्रल’ तक
देवा का असली नाम देवनेसन चोक्कलिंगम था। The New Indian Express के मुताबिक उनका जन्म 20 नवंबर 1950 को हुआ था, और तमिल अख़बार दिनकरन के अनुसार उनका जन्म चेन्नई के मायलापुर इलाके में हुआ। India Today के अनुसार फिल्मों में शुरुआती कोशिशों के बाद उन्होंने कुछ समय सिनेमा से दूरी बनाई और दूरदर्शन पोधिगई के कार्यक्रम ‘वयलुम वाझ्वुम’ के लिए गीत रचे। इसी दौर में उन्होंने धनराज मास्टर से पियानो सीखा, वही गुरु जिन्होंने इलैयाराजा को भी सिखाया था, और जे. बी. कृष्णा से हारमोनियम पर शास्त्रीय संगीत की तालीम ली।
1980 के दशक में उन्होंने सैकड़ों भक्ति एल्बम बनाए। विकिपीडिया पर दर्ज जानकारी के मुताबिक 1985 में एक सम्मान समारोह में दिग्गज संगीतकार एम. एस. विश्वनाथन ने उनकी खुलकर तारीफ़ की थी, फिल्म इंडस्ट्री से उन्हें मौका देने की अपील की थी और उन्हें ‘तेनिसई तेंद्रल’ की उपाधि दी थी। बतौर पूर्ण संगीतकार उनकी पहली तमिल फिल्म 1986 की ‘माट्टुक्कारा मन्नारु’ थी। बड़े सितारों वाली उनकी पहली फिल्म 1989 की ‘मनसुक्केत्त महारासा’ रही, और फिर ‘वैगासी पोरंदाच्चु’ ने उन्हें तमिल दर्शकों के बीच घर-घर पहचान दिला दी।
‘गाना’ संगीत को मुख्यधारा में लाने वाले संगीतकार
‘गाना’ उत्तर चेन्नई की बस्तियों और मछुआरा इलाकों में पनपा एक लोक-शहरी संगीत है। इसमें तेज़ ताल, सीधे-सादे बोल और रोज़मर्रा की ज़िंदगी के किस्से होते हैं। देवा से पहले यह शैली ज़्यादातर स्थानीय मंचों और मोहल्ले के समारोहों तक सीमित थी। The New Indian Express और India Today दोनों लिखते हैं कि देवा ने इन धुनों को फिल्मी गानों में पिरोकर बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचाया। यही उनकी सबसे बड़ी पहचान बनी।
उनकी ख़ासियत यह थी कि वह जोशीले लोक गीतों के साथ-साथ रोमांटिक मेलोडी और भक्ति गीत भी उतनी ही सहजता से बनाते थे। कई गाने उन्होंने ख़ुद भी गाए और दूसरे संगीतकारों के लिए भी अपनी आवाज़ दी।
रजनीकांत, विजय और अजित के करियर में भूमिका
1992 में आई रजनीकांत की ‘अन्नामलाई’ का संगीत देवा ने दिया था, और इसके बाद 1995 की ‘बाशा’ ने रजनीकांत की ‘मास’ छवि को और मज़बूत किया। India Today के मुताबिक रजनीकांत की फिल्मों की शुरुआत में आने वाला मशहूर टाइटल-कार्ड थीम भी देवा ने ही तैयार किया था। हाल में रिलीज़ हुई रजनीकांत की ‘जेलर 2’ को लेकर चल रही चर्चा के बीच यह याद रखना दिलचस्प है कि रजनीकांत की स्क्रीन-छवि गढ़ने में देवा के संगीत का कितना बड़ा योगदान रहा।
90 के दशक में विजय और अजित कुमार को अगली पीढ़ी के सितारों के रूप में उभारने वाली कई फिल्मों का संगीत भी देवा का था। इनमें ‘आसई’ (1995), ‘कादल कोट्टई’ (1996), ‘नेर्रुक्कु नेर’ (1997), ‘निनैत्तेन वंदाय’ और ‘प्रियमुडन’ (1998), ‘वाली’ (1999) और ‘कुशी’ (2000) शामिल हैं। यही वह दौर था जब ए. आर. रहमान भी तेज़ी से उभर रहे थे, और तमिल संगीत में दोनों की मौजूदगी एक साथ चर्चा में रहती थी।
तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम में भी पहचान
देवा का काम सिर्फ़ तमिल तक सीमित नहीं रहा। Gulte के मुताबिक तेलुगु दर्शक उन्हें पवन कल्याण की ‘तोली प्रेमा’ और चिरंजीवी की ‘मास्टर’ के यादगार गानों के लिए जानते हैं। कन्नड़ फिल्म ‘अमृतवर्षिणी’ के लिए उन्हें फिल्मफेयर का सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक (कन्नड़) सम्मान मिलने का उल्लेख भी मिलता है।
सम्मान और परिवार
- तमिलनाडु सरकार का कलईमामणि सम्मान।
- फिल्म ‘आसई’ के लिए तमिलनाडु राज्य फिल्म पुरस्कार (सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक)।
- उनके बेटे श्रीकांत देवा भी फिल्म संगीतकार हैं। भाई सबेश और मुरली (‘सबेश-मुरली’ जोड़ी) भी फिल्म संगीत से जुड़े रहे। शुरुआती दिनों में इलैयाराजा जैसे संगीतकारों के साथ वादक के तौर पर काम कर चुके इन्हीं भाइयों को देवा अपने करियर का बड़ा सहारा मानते थे। भाई सबेश का अक्टूबर 2025 में निधन हो गया था।
नई पीढ़ी से भी जुड़े रहे
देवा उम्र के आख़िरी पड़ाव तक सक्रिय रहे। 2014 में अनिरुद्ध रविचंदर ने फिल्म ‘मान कराटे’ के एक गाना गीत के लिए उन्हें बतौर गायक चुना था। अगस्त 2025 में The Hollywood Reporter India को दिए इंटरव्यू में अनिरुद्ध ने कहा था कि रजनीकांत के उनके पसंदीदा गाने देवा के बनाए हुए हैं। संयोग से अनिरुद्ध इन दिनों अपनी शादी की ख़बरों को लेकर भी सुर्ख़ियों में हैं, जिसके बारे में आप हमारी रिपोर्ट अनिरुद्ध रविचंदर-काव्या मारन की शादी में पढ़ सकते हैं। 2023 में देवा ने वीडियो गेम ‘वेनबा’ के लिए भी एक गाना गाया था, जो तमिल संस्कृति पर आधारित है।
हिंदी पाठकों के लिए यह ख़बर क्यों अहम है
हिंदी पट्टी में देवा का नाम भले इलैयाराजा या ए. आर. रहमान जितना परिचित न हो, लेकिन दक्षिण भारतीय फिल्मों के डब वर्ज़न और टीवी प्रसारण के ज़रिए उनकी धुनें बड़ी संख्या में घरों तक पहुंचीं। रजनीकांत की फिल्मों का जो जोश हिंदी दर्शक भी महसूस करते हैं, उसमें देवा के संगीत का बड़ा हाथ रहा है। लोक संगीत को फिल्मों में इज़्ज़त की जगह दिलाने का उनका काम पूरे भारतीय फिल्म संगीत के लिए एक मिसाल है।
आगे क्या
- अंतिम संस्कार की तारीख़, समय और जगह की जानकारी परिवार की ओर से जारी होने की उम्मीद है। फ़िलहाल पार्थिव शरीर टी. नगर स्थित आवास पर रखे जाने की बात सामने आई है।
- DT Next के मुताबिक ख़बर से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है और प्रशंसक सोशल मीडिया पर उन्हें याद कर रहे हैं। आधिकारिक बयान आने पर हम यह जानकारी अपडेट करेंगे।
- अलग-अलग रिपोर्ट्स में मौत की वजह और अस्पताल के इलाके को लेकर जानकारी थोड़ी अलग है। परिवार या अस्पताल की पुष्टि से पहले किसी अपुष्ट जानकारी को आगे शेयर न करें।
इस रिपोर्ट के तथ्य The New Indian Express (Cinema Express), India Today, DT Next, Gulte, दिनमणि, ABP तमिल, News18 तमिल और Times of India की 17 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट्स के मिलान पर आधारित हैं। जीवन परिचय से जुड़ी कुछ जानकारी विकिपीडिया पर उपलब्ध संदर्भों से ली गई है। — TrendFlash Desk

