Breaking
7 नवम्बर 2026, शनि

PNB Q2 नतीजे: रिकॉर्ड ₹5,532 करोड़ मुनाफा, 12.8% की बढ़त; ग्रॉस NPA घटकर 2.55%—शेयर बाजार की उठापटक के बीच बैंक चलाएगा खास RD अभियान

नई दिल्ली के द्वारका सेक्टर-10 में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) का मुख्यालय भवन (फ़ाइल फोटो)

सरकारी क्षेत्र के दूसरे सबसे बड़े बैंक पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने जुलाई–सितंबर तिमाही (Q2 FY27) में अपना अब तक का सबसे बड़ा तिमाही मुनाफा दर्ज किया है। शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को बाजार बंद होने के बाद जारी नतीजों के मुताबिक बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 12.8% बढ़कर ₹5,532 करोड़ रहा, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹4,904 करोड़ था। फंसे कर्ज (NPA) में भी साफ सुधार दिखा, लेकिन ट्रेजरी यानी बॉन्ड-निवेश की ट्रेडिंग से होने वाली कमाई घटने के कारण ऑपरेटिंग प्रॉफिट की रफ्तार धीमी रही। नतीजों के साथ बैंक प्रबंधन ने एक दिलचस्प बात कही: शेयर बाजार की मौजूदा उठापटक को देखते हुए PNB अपनी रेकरिंग डिपॉजिट (RD) स्कीम के लिए खास अभियान चलाएगा। नीचे आंकड़े, उनका मतलब और आम ग्राहक व निवेशक के लिए इसका असर आसान भाषा में।

PNB Q2 FY27: मुख्य आंकड़े एक नजर में

बैंक की स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग (प्रेस रिलीज़) और CNBC-TV18, NDTV Profit व ET Now की रिपोर्ट्स के मिलान से ये प्रमुख आंकड़े सामने आते हैं:

  • शुद्ध मुनाफा: ₹5,532 करोड़, सालाना 12.8% ज्यादा (पिछला साल ₹4,904 करोड़)। NDTV Profit के मुताबिक जून तिमाही में यह ₹5,253 करोड़ था।
  • शुद्ध ब्याज आय (NII): ₹11,601 करोड़, 10.8% की बढ़त (पिछला साल करीब ₹10,469 करोड़)।
  • ऑपरेटिंग प्रॉफिट: ₹7,532 करोड़, सिर्फ 4.2% की बढ़त।
  • फीस आधारित आय: ₹1,954 करोड़, 16% ज्यादा।
  • प्रोविजन (कर के अलावा): घटकर करीब ₹97 करोड़, जबकि पिछले साल यह ₹643 करोड़ और जून तिमाही में ₹541 करोड़ था।
  • ग्रॉस NPA: 2.55% (जून में 2.78%, एक साल पहले 3.45%); नेट NPA: 0.25% (एक साल पहले 0.36%)।
  • ग्लोबल नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM): 2.58%, जो जून तिमाही में 2.50% था। घरेलू NIM 2.74% रहा।
  • कुल जमा: ₹17.77 लाख करोड़ (+9.9%); कुल कर्ज: ₹13.41 लाख करोड़ (+14.7%)।
  • पूंजी पर्याप्तता (CRAR): 17.95%; RoA: 1.05%।

मुनाफा 13% बढ़ा, तो ऑपरेटिंग प्रॉफिट सिर्फ 4% क्यों?

यह इन नतीजों का सबसे अहम सवाल है। Hindu BusinessLine के मुताबिक बैंक के MD और CEO अशोक चंद्र ने बताया कि इसकी मुख्य वजह ट्रेजरी आय में गिरावट है। उनके अनुसार पिछले साल इसी तिमाही में ट्रेजरी मुनाफा ₹1,769 करोड़ था, जो इस बार करीब ₹753 करोड़ रह गया। यानी लगभग ₹1,000 करोड़ की कमी। चंद्र का कहना था कि यह रकम जोड़ दी जाए तो ऑपरेटिंग प्रॉफिट ₹8,500 करोड़ से ऊपर निकल जाता। (समाचार एजेंसी ANI की रिपोर्ट में पिछले साल का आंकड़ा करीब ₹1,716 करोड़ बताया गया है; दोनों में ट्रेजरी आय में आधे से ज्यादा गिरावट साफ है।)

तो फिर शुद्ध मुनाफा इतना कैसे बढ़ा? जवाब है प्रोविजन में भारी कमी। जब बैंक को खराब कर्ज के लिए कम पैसा अलग रखना पड़ता है, तो वह सीधे मुनाफे में जुड़ता है। अच्छी बात यह है कि बैंक की “कोर” कमाई मजबूत दिख रही है। Investing.com पर उपलब्ध बैंक की प्रेजेंटेशन के सार के मुताबिक, ट्रेजरी और बट्टे खाते में डाले गए कर्ज की वसूली को हटाकर कोर ऑपरेटिंग प्रॉफिट सालाना 29.4% बढ़कर ₹5,971 करोड़ रहा। CEO ने भी कोर ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 29.4% बढ़त की बात कही।

एसेट क्वालिटी: सुधार जारी, पर एक बात पर नजर

बैंक की फाइलिंग के अनुसार ग्रॉस NPA एक साल में ₹40,343 करोड़ से घटकर ₹34,190 करोड़ पर आ गया और नेट NPA ₹3,313 करोड़ रह गया। प्रोविजन कवरेज रेशियो (बट्टे खाते समेत) 97.32% है, यानी लगभग पूरे खराब कर्ज के बराबर रकम पहले ही अलग रखी जा चुकी है। BusinessLine के मुताबिक बैंक ने इस तिमाही ₹125 करोड़ का अतिरिक्त फ्लोटिंग प्रोविजन किया, जिससे कुल फ्लोटिंग प्रोविजन ₹2,560 करोड़ हो गया; यह 1 अप्रैल से लागू होने वाले एक्सपेक्टेड क्रेडिट लॉस (ECL) नियमों की तैयारी है।

हालांकि नए फंसे कर्ज (स्लिपेज) पर नजर रखना जरूरी है। बैंक के अपने आंकड़ों में स्लिपेज रेशियो 0.77% रहा, जो पिछले साल 0.71% था, और CNBC-TV18 ने जून तिमाही के मुकाबले ताजा स्लिपेज बढ़ने की बात कही है। इसके अलावा पूरे साल के लिए ग्रॉस NPA को 2.5% से नीचे लाने का लक्ष्य अभी थोड़ा दूर है।

कर्ज कहां बढ़ा: खेती, MSME और गाड़ी लोन आगे

फाइलिंग के मुताबिक रिटेल कर्ज (IBPC छोड़कर) 16.3% बढ़ा। होम लोन 14.3% बढ़कर ₹1,41,836 करोड़, व्हीकल लोन 29.6% बढ़कर ₹38,234 करोड़, कृषि कर्ज 18.1% बढ़कर ₹1,71,156 करोड़ और MSME कर्ज 19.8% बढ़कर ₹2,14,619 करोड़ पर पहुंच गया। CEO ने पूरे साल की क्रेडिट ग्रोथ का अनुमान 12–13% से बढ़ाकर करीब 13–14% बताया है। जमा के मोर्चे पर CASA (चालू और बचत खाते) की हिस्सेदारी 36.6% रही। ANI के मुताबिक बैंक ने विदेशी मुद्रा जमा (FCNR) अभियान से 2.7 अरब डॉलर जुटाए, जो 2.5 अरब डॉलर के लक्ष्य से ज्यादा है।

RD अभियान और जमा दरें: ग्राहकों के लिए क्या संकेत

BusinessLine के अनुसार अशोक चंद्र ने कहा, “हमारे पास RD स्कीम है, लेकिन शेयर बाजार में जो हो रहा है उसे देखते हुए अब हम इसे लोकप्रिय बनाएंगे।” उनका तर्क है कि यह ग्राहकों और जमाकर्ताओं को सुरक्षित रिटर्न देने वाला प्रोडक्ट पेश करने का सही समय है। गौरतलब है कि इस हफ्ते वैश्विक बाजारों में भारी बिकवाली रही, जिस पर कच्चे तेल के 110 डॉलर पार जाने और वॉल स्ट्रीट की गिरावट वाली हमारी रिपोर्ट विस्तार से बताती है।

दूसरी तरफ, RBI ने 7 अक्टूबर 2026 को रेपो रेट 0.25% बढ़ाकर 5.50% किया था। ANI के सवाल पर चंद्र ने कहा कि बैंक को जमा दरें बढ़ाने की “कोई जल्दी नहीं” है, क्योंकि करीब 75% का क्रेडिट-डिपॉजिट रेशियो पर्याप्त गुंजाइश देता है। उनके मुताबिक रेट हाइक से अक्टूबर–दिसंबर तिमाही में NIM 6–7 बेसिस पॉइंट तक सुधर सकता है।

आप पर क्या असर पड़ेगा

  • जमाकर्ता: PNB ने फिलहाल FD दरें बढ़ाने के संकेत नहीं दिए हैं। RD अभियान की ब्याज दरें और शर्तें घोषित होने पर ही तय करें; किसी भी स्कीम की ब्याज दर बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या शाखा से पुष्टि करें। ध्यान रहे, बैंक जमा पर DICGC बीमा प्रति बैंक प्रति जमाकर्ता ₹5 लाख तक है।
  • कर्ज लेने वाले: रेपो रेट बढ़ने के बाद रेपो-लिंक्ड लोन की EMI पर असर बैंक की रीसेट तारीख के मुताबिक दिख सकता है। अपने लोन स्टेटमेंट में बेंचमार्क दर जरूर देखें।
  • निवेशक: CNBC-TV18 के मुताबिक PNB का शेयर शुक्रवार को नतीजों से पहले 1.1% चढ़कर ₹116.3 पर बंद हुआ और इस साल अब तक करीब 6.1% नीचे है। नतीजों पर बाजार की पहली प्रतिक्रिया सोमवार, 19 अक्टूबर को दिखेगी; 20 अक्टूबर को दशहरे पर NSE-BSE बंद रहेंगे (पूरी दशहरा बैंक और बाजार छुट्टी सूची देखें)।

आगे क्या देखें

पहला, क्या ट्रेजरी आय में गिरावट अगली तिमाहियों में भी जारी रहती है। दूसरा, स्लिपेज का रुझान, क्योंकि NPA में सुधार की कहानी इसी पर टिकी है। तीसरा, NIM: बैंक ने पूरे साल के लिए 2.6–2.7% का अनुमान बरकरार रखा है। BusinessLine के मुताबिक बैंक अपने मीडियम-टर्म नोट (MTN) प्रोग्राम के तहत विदेश से 1 अरब डॉलर जुटाने के लिए सही समय का इंतजार कर रहा है। निजी क्षेत्र से तुलना के लिए HDFC Bank और ICICI Bank के Q2 नतीजे भी पढ़ें, जहां HDFC Bank का मुनाफा भी ट्रेजरी आय घटने से 4.7% ही बढ़ पाया।

यह लेख केवल जानकारी के लिए है, निवेश सलाह नहीं। शेयर खरीदने-बेचने से पहले अपने SEBI-पंजीकृत सलाहकार से राय लें।

स्रोत

यह रिपोर्ट PNB की 16 अक्टूबर 2026 की स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग (प्रेस रिलीज़), Hindu BusinessLine, CNBC-TV18, NDTV Profit, ET Now, ANI (Devdiscourse पर प्रकाशित) और Investing.com की रिपोर्ट्स के मिलान पर आधारित है। RBI रेपो रेट की जानकारी The Hindu और RBI की प्रेस रिलीज़ से ली गई है। अलग-अलग रिपोर्ट्स में पिछले साल के कुछ आंकड़ों में मामूली अंतर गोलाई के कारण हो सकता है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *