टीम इंडिया के पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ चल रही टी20 सीरीज में कुलदीप यादव को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखने के फैसले पर तीखा सवाल उठाया है। Indian Express और India Today दोनों के अनुसार अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल Ash Ki Baat पर कहा कि कुलदीप को बाहर रखना “कॉमन सेंस की कमी” जैसा लगता है।
पांच मैचों की सीरीज 2-2 की बराबरी पर है। 17 अक्टूबर को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में फाइनल टी20 खेला जाएगा। हैदराबाद वाले चौथे मैच में वेस्टइंडीज ने 247/3 बनाए और भारत 223 पर सिमट कर 24 रन से हार गया।
कुलदीप सीरीज में कहां खेले, कहां बैठे
कुलदीप यादव ने लखनऊ और रांची के पहले दो टी20 में खेला। पहले मैच में उनके आंकड़े 2 विकेट / 33 रन रहे। रांची में भारत हार गया और कुलदीप ने चार ओवर में 53 रन दिए, जिसमें 17वें ओवर में 24 रन भी शामिल थे। इसके बाद इंदौर और हैदराबाद के मैचों में उन्हें इलेवन से बाहर रखा गया।
अश्विन ने कहा कि इंदौर में छोटी ग्राउंड की वजह से कुलदीप को न खेलाने का फैसला वे समझ सकते हैं, लेकिन रांची की हार का ठीकरा कुलदीप पर फोड़ना गलत है। India Today के अनुसार उन्होंने स्पष्ट कहा—“That, in itself, is wrong.”
अश्विन ने क्या कहा
Indian Express में प्रकाशित उनके बयान के मुताबिक, “जहां बाउंस की उम्मीद हो, वहां भी वेस्टइंडीज के बल्लेबाज कुलदीप की गूगली और लेग-स्पिन नहीं पढ़ पा रहे। ऐसे में उन्हें बाहर रखना थोड़ा कॉमन सेंस का अभाव लगता है। मुझे लगता है उनकी मौजूदगी से 15–20 रन का फर्क पड़ सकता था।”
कुलदीप इसी महीने वेस्टइंडीज के खिलाफ ODI सीरीज में तीन मैचों में सात विकेट लेकर भारत के सबसे सफल गेंदबाज रहे थे—यह बात IE और India Today दोनों ने दोहराई है।
टीम मैनेजमेंट का संभावित तर्क
पहले NDTV पर आए रिपोर्ट (आकाश चोपड़ा के हवाले से) में इंदौर वाले मैच के संदर्भ में बताया गया था कि अतिरिक्त पेस और लोअर-ऑर्डर बैटिंग डेप्थ के लिए प्रिंस यादव और नितीश कुमार रेड्डी को जगह दी गई, जिससे कुलदीप और शिवम दुबे बाहर हुए। अश्विन की नई टिप्पणी उस चयन बहस को फिर से खोलती है—खासकर हैदराबाद में 247 रन देकर हार के बाद।
आप पर क्या असर पड़ेगा / आगे क्या
- क्रिकेट फैंस: बेंगलुरु डिसिडर (17 अक्टूबर) से पहले चयन पर नजर रहेगी—कुलदीप लौटते हैं या नहीं, यह मैच की कहानी बदल सकता है।
- युवा स्पिनर: फ्लैट विकेट पर भी रिदम और वेरिएशन का महत्व फिर चर्चा में है; कुलदीप का ODI प्रदर्शन याद दिलाता है कि फॉर्म एक फॉर्मेट तक सीमित नहीं रहता।
- बैकग्राउंड: हाई-स्कोरिंग टी20 सीरीज में स्पिनर अक्सर “महंगे” दिखते हैं, लेकिन मैच-अप्स (WI बल्लेबाज vs गूगली) कभी-कभी आंकड़ों से ज्यादा मायने रखते हैं—अश्विन का यही तर्क है।
- आगे: टीम मैनेजमेंट का आधिकारिक जवाब अभी सार्वजनिक रिपोर्टों में नहीं आया; अंतिम इलेवन बेंगलुरु से पहले साफ होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
अश्विन ने कुलदीप को बाहर रखने पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि वेस्टइंडीज के खिलाफ कुलदीप को न खेलाना “कॉमन सेंस की कमी” जैसा है और उनकी मौजूदगी से 15–20 रन का फर्क पड़ सकता था।
कुलदीप ने इस टी20 सीरीज में कितने मैच खेले?
पहले दो (लखनऊ, रांची); इंदौर और हैदराबाद में वे बाहर रहे।
सीरीज का स्कोर क्या है?
2-2; फाइनल टी20 17 अक्टूबर को बेंगलुरु में।
स्रोत: The Indian Express, India Today, Rediff Cricket, Mid-Day — 15 अक्टूबर 2026।

