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6 नवम्बर 2026, शुक्र

बाजार नियामक सेबी (SEBI) प्रतिभूति बाजार की निगरानी के लिए भारत में ही विकसित और संचालित एक AI मॉडल बनाने की संभावना तलाश रहा है। सेबी चेयरमैन तुहिन कांता पांडे ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को मुंबई में एक सम्मेलन में यह बात कही। रॉयटर्स (हिंदू बिजनेसलाइन और इकोनॉमिक टाइम्स पर प्रकाशित) और बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्टों के आधार पर उनके भाषण की मुख्य बातें यहां हैं।

स्वदेशी AI मॉडल का विचार

बिजनेस स्टैंडर्ड के BFSI इनसाइट समिट 2026 में अपने मुख्य भाषण में पांडे ने कहा कि सेबी प्रतिभूति बाजार के लिए खास AI मॉडल बनाने की संभावना देख रहा है, जिसे घरेलू स्तर पर तैयार और संचालित किया जा सके। बिजनेस स्टैंडर्ड के अनुसार उन्होंने इसकी एक वजह फ्रंटियर AI मॉडलों की गोपनीयता और उपलब्धता को लेकर चिंताओं को बताया। पांडे के मुताबिक यह मॉडल प्रतिभूति बाजार के लिए एक तरह के डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की भूमिका निभा सकता है। यह अभी अन्वेषण के स्तर पर है, किसी योजना की औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।

AI से क्या फायदे, क्या शर्तें

पांडे ने कहा कि तकनीक निवेशकों के बाजार तक पहुंचने और संस्थाओं के उसे संभालने के तरीके को बदल रही है। AI से जुड़े टूल सेवाओं, जोखिम आकलन और पर्यवेक्षण को बेहतर बना सकते हैं और ऐसे पैटर्न पहचानने में मदद कर सकते हैं जिन पर करीबी नजर जरूरी है। साथ ही उन्होंने आगाह किया कि AI के उपयोग के लिए भरोसेमंद डेटा, मॉडल की प्रभावी निगरानी और यह स्पष्टता जरूरी है कि फैसलों के लिए जवाबदेह कौन होगा।

IOSCO टूलकिट और AI गवर्नेंस

रॉयटर्स के अनुसार सेबी अंतरराष्ट्रीय प्रतिभूति आयोग संगठन (IOSCO) के AI के लिए पर्यवेक्षी टूलकिट को लागू कर रहा है। इसका मकसद जोखिम प्रबंधन मजबूत करना और AI के उपयोग के लिए एक लचीला गवर्नेंस ढांचा तैयार करना है।

साइबर सुरक्षा और तकनीकी रोडमैप

  • सेबी बाजार अवसंरचना संस्थानों (MII) के लिए एक तकनीकी रोडमैप बना रहा है, जिसमें प्रतिभूति बाजार के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक तकनीकी दृष्टि रखी जाएगी।
  • साइबर सुरक्षा मजबूत करने के लिए सेबी ने MII पर लागू आईटी और साइबर सुरक्षा ढांचे को उनकी सहायक कंपनियों तक बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है।
  • सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर संभालने वाले इंजीनियरों के लिए RRU और NISM के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम की योजना है, जिसमें AI टूल से अलर्ट का विश्लेषण और स्वचालित प्रतिक्रिया विकसित करना सिखाया जाएगा।
  • पांडे के अनुसार संस्थाओं और सेवा प्रदाताओं के बीच निर्भरता बढ़ी है, इसलिए साइबर तैयारी, कारोबार की निरंतरता और आउटसोर्स सेवाओं की निगरानी बाजार के कामकाज के लिए जरूरी है।

विदेशी निवेशकों के नियमों की समीक्षा

रॉयटर्स के मुताबिक पांडे ने यह भी कहा कि सेबी विदेशी निवेशकों के लिए अनुपालन जरूरतों की समीक्षा कर रहा है और उन्हें वैश्विक मानकों के अनुरूप करने पर राय मांगने के लिए एक परामर्श पत्र जारी करेगा। उन्होंने कहा कि भारत ने बाजार पहुंच आसान की है, डिजिटल ऑनबोर्डिंग सरल की है और विदेशी निवेशकों की प्रक्रियाएं सुगम बनाई हैं, फिर भी कुछ घरेलू अनुपालन जरूरतें अन्य प्रमुख क्षेत्राधिकारों से ज्यादा कठिन हैं। उनके शब्दों में भारत को अपनी विकास आकांक्षाओं के लिए घरेलू और विदेशी, दोनों तरह की पूंजी की जरूरत होगी और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी से पूंजी का दायरा और विशेषज्ञता बढ़ सकती है।

रॉयटर्स ने अगस्त की अपनी रिपोर्ट का हवाला भी दिया कि अदाणी समूह से जुड़े ऑफशोर निवेशकों की जांच के दौरान लाए गए नियमों पर शिकायतें और कानूनी चुनौतियां आने के बाद सेबी कुछ उच्च जोखिम वाले ऑफशोर फंडों के लिए खुलासे की जरूरतें ढीली करने की योजना बना रहा था।

निवेशकों के लिए इसका मतलब

फिलहाल निवेशकों के लिए कोई तत्काल नियम नहीं बदला है। ये संकेत बताते हैं कि नियामक निगरानी में AI और तकनीक का उपयोग बढ़ाने पर विचार कर रहा है और विदेशी निवेशकों की प्रक्रियाओं पर परामर्श पत्र आने वाला है। विवरण सामने आने पर ही इसका वास्तविक असर साफ होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

सेबी ने क्या घोषणा की है?

चेयरमैन तुहिन कांता पांडे ने कहा कि सेबी प्रतिभूति बाजार के लिए घरेलू स्तर पर बने और संचालित AI मॉडल की संभावना तलाश रहा है। यह अभी अन्वेषण के स्तर पर है।

IOSCO टूलकिट क्या है?

यह AI के उपयोग की निगरानी के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतिभूति आयोग संगठन का पर्यवेक्षी टूलकिट है, जिसे सेबी लागू कर रहा है।

विदेशी निवेशकों के लिए क्या आने वाला है?

सेबी अनुपालन जरूरतों को वैश्विक मानकों के अनुरूप करने पर राय मांगने के लिए परामर्श पत्र जारी करेगा।

साइबर सुरक्षा पर क्या प्रस्ताव है?

MII के आईटी और साइबर सुरक्षा ढांचे को उनकी सहायक कंपनियों तक बढ़ाने का प्रस्ताव और SOC इंजीनियरों के लिए AI प्रशिक्षण कार्यक्रम की योजना है।

नोट: जानकारी 28 अक्टूबर 2026 तक की रिपोर्टों पर आधारित है। यह निवेश सलाह नहीं है।

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