देश के कई राज्यों में इन दिनों राशन कार्ड की ई-केवाईसी सबसे बड़ा मुद्दा बनी हुई है। बिहार, झारखंड, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड से लेकर केरल तक, हर जगह खाद्य विभाग लोगों से अपील कर रहे हैं कि राशन कार्ड में दर्ज परिवार के हर सदस्य का आधार आधारित ई-केवाईसी जल्द पूरा करा लें। कई जगह साफ कहा गया है कि ऐसा न करने पर सदस्य का नाम कट सकता है या कार्ड निष्क्रिय हो सकता है। अच्छी बात यह है कि अब बहुत से लोग यह काम मोबाइल से घर बैठे भी कर सकते हैं। यहां समझिए पूरा नियम, अलग-अलग राज्यों की तारीखें और ई-केवाईसी का आसान तरीका।
नियम क्या है और अचानक इतनी सख्ती क्यों?
द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र का टारगेटेड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (कंट्रोल) संशोधन आदेश, 2025 उन राशन कार्डों को अस्थायी रूप से निष्क्रिय करने का प्रावधान करता है, जिन पर लगातार छह महीने तक राशन नहीं उठाया गया। ऐसे कार्डधारकों को ई-केवाईसी पूरी करने के लिए तीन महीने मिलते हैं, जिसके बाद कार्ड स्थायी रूप से बंद किया जा सकता है।
झारखंड के गोड्डा में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी दीपक कुमार साह ने हिंदुस्तान अखबार को बताया कि लगातार छह महीने राशन न उठाने वाले कार्ड हर महीने की 21 तारीख को “साइलेंट कार्ड” के रूप में चिन्हित होंगे और अगले महीने की 1 तारीख से अपने आप निष्क्रिय हो जाएंगे। निष्क्रिय होने के बाद तीन महीने के अंदर ई-केवाईसी या सत्यापन नहीं कराया तो कार्ड स्थायी रूप से रद्द हो सकता है।
सरकार का तर्क है कि इससे फर्जी, डुप्लीकेट या मृत व्यक्तियों के नाम हटेंगे और राशन सही हकदार तक पहुंचेगा।
किस राज्य में क्या चल रहा है?
- बिहार: खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के निर्देश पर 24 अक्टूबर 2026 से ई-केवाईसी और लंबित राशन कार्ड आवेदनों के निपटारे के लिए विशेष अभियान चल रहा है। पीडीएस दुकान पर ई-पॉस मशीन से फिंगरप्रिंट या आइरिस स्कैन के जरिए ई-केवाईसी मुफ्त है। बाहर रहने वाले लाभुक “मेरा केवाईसी” और “आधार फेस आरडी” ऐप से चेहरे की पहचान के जरिए घर बैठे यह काम कर सकते हैं।
- कर्नाटक: राज्य सरकार ने ई-केवाईसी की अंतिम तारीख 20 अक्टूबर से बढ़ाकर 10 नवंबर कर दी है। विभाग के अनुसार 1,15,87,298 ऐसे लाभार्थियों को दोबारा सत्यापन कराना है जिन्होंने एक साल से पहले ई-केवाईसी कराई थी। यहां “अन्न सेवा” ऐप या राशन दुकान से प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
- छत्तीसगढ़: जनसंपर्क विभाग के मुताबिक एमसीबी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर) जिले में यह प्रक्रिया 30 अक्टूबर 2026 तक पूरी करानी है। जिनकी ई-केवाईसी बाकी है, उनका स्थानीय स्तर पर सत्यापन भी होगा।
- उत्तराखंड: टिहरी जिले में अक्टूबर का राशन 31 अक्टूबर तक उठाने और सभी सदस्यों की ई-केवाईसी कराने की अपील की गई है।
- केरल: राज्य के खाद्य मंत्री अनूप जैकब ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को पत्र लिखकर तीन महीने की समय-सीमा में ढील मांगी है। राज्य के शुरुआती आकलन में 44,279 प्राथमिकता वाले कार्डधारकों (5,370 अंत्योदय और 38,909 PHH) ने छह महीने से ज्यादा समय से राशन नहीं उठाया है। केरल का कहना है कि सिर्फ राशन न उठाने से कोई अपात्र साबित नहीं होता।
ध्यान दें: अंतिम तारीख हर राज्य और कभी-कभी हर जिले में अलग है। अपने राज्य के खाद्य विभाग या राशन डीलर से अपनी तारीख जरूर पक्की कर लें।
मोबाइल से ई-केवाईसी कैसे करें (मेरा केवाईसी ऐप)
नवभारत टाइम्स में बताए गए तरीके के अनुसार प्रक्रिया लगभग ऐसी है:
- गूगल प्ले स्टोर से दो ऐप डाउनलोड करें: Mera KYC और Aadhaar FaceRD।
- फोन की लोकेशन चालू करके Mera KYC खोलें और अपना राज्य चुनें।
- Verify Location पर क्लिक करें।
- आधार नंबर डालें; आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर OTP आएगा।
- OTP और कैप्चा भरें, फिर Face eKYC विकल्प चुनें।
- कैमरा खुलने पर चेहरा गोल घेरे में लाएं और पलक झपकाएं।
- घेरा हरा होते ही प्रक्रिया पूरी हो जाती है।
स्टेटस कैसे देखें: इसी ऐप में राज्य चुनकर आधार और OTP से लॉगिन करें। रिपोर्ट के अनुसार अगर eKYC के आगे “Y” दिख रहा है तो आपकी ई-केवाईसी हो चुकी है।
ऑफलाइन तरीका
अगर मोबाइल से नहीं हो पा रहा, तो आधार कार्ड और राशन कार्ड लेकर अपनी नजदीकी सरकारी राशन (पीडीएस) दुकान पर जाएं। डीलर ई-पॉस मशीन पर अंगूठे का निशान या आंख की पुतली स्कैन करके ई-केवाईसी कर देगा। बिहार और कई राज्यों में यह सेवा मुफ्त बताई गई है, इसलिए इसके लिए किसी को पैसे न दें।
आप पर क्या असर पड़ेगा?
- अगर परिवार के किसी सदस्य की ई-केवाईसी नहीं हुई तो उस सदस्य के हिस्से का राशन रुक सकता है या उसका नाम कार्ड से हट सकता है।
- जो परिवार कई महीनों से राशन नहीं उठा रहे, उनका कार्ड “साइलेंट” होकर बंद हो सकता है। ऐसे लोग सबसे पहले ई-केवाईसी कराएं और नियमित राशन लें।
- दूसरे शहर या राज्य में काम करने वाले मजदूरों और छात्रों को अब गांव लौटने की जरूरत नहीं, वे फेस ऑथेंटिकेशन से घर बैठे काम कर सकते हैं।
- बच्चों और बुजुर्गों में अक्सर फिंगरप्रिंट मैच नहीं होता; ऐसे में आइरिस स्कैन या फेस ऑथेंटिकेशन का विकल्प आजमाएं, और जरूरत हो तो पहले आधार में बायोमेट्रिक अपडेट करा लें।
धोखाधड़ी से सावधान
ई-केवाईसी के नाम पर फर्जी कॉल और लिंक भी आ सकते हैं। सिर्फ आधिकारिक ऐप का इस्तेमाल करें, अपना OTP या आधार की जानकारी किसी अनजान व्यक्ति से साझा न करें। जागरण की रिपोर्ट में भी प्रशासन ने यही सलाह दी है। कोई “नाम कटने” का डर दिखाकर पैसे मांगे तो तुरंत जिला आपूर्ति कार्यालय में शिकायत करें।
आगे क्या?
राज्य सरकारें 100 फीसदी ई-केवाईसी का लक्ष्य लेकर चल रही हैं, इसलिए आने वाले हफ्तों में विशेष शिविर और अभियान और तेज हो सकते हैं। केरल जैसे राज्यों की ढील की मांग पर केंद्र क्या फैसला लेता है, इस पर भी नजर रहेगी। सबसे सुरक्षित रास्ता यही है कि अंतिम तारीख का इंतजार न करें और आज ही परिवार के सभी सदस्यों का स्टेटस चेक कर लें।
स्रोत: द हिंदू, हिंदुस्तान, फर्स्ट बिहार, दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, नवभारत टाइम्स और छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग की रिपोर्ट्स।

