सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर 31 अक्टूबर 2026 को गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में राष्ट्रीय एकता दिवस का भव्य आयोजन होगा। गृह सचिव गोविंद मोहन की 21 अक्टूबर की प्रेस कॉन्फ्रेंस, PIB की विज्ञप्ति और आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर श्रद्धांजलि देंगे और शाम को एकता परेड में शामिल होंगे। इस बार आयोजन की थीम और परेड का स्वरूप पहले से अलग है।
क्या-क्या होगा कार्यक्रम में?
PIB के मुताबिक मुख्य समारोह 31 अक्टूबर को शुरू होगा। प्रधानमंत्री सुबह स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद शाम को एकता परेड होगी। गृह सचिव ने बताया कि इस बार दिन की तेज गर्मी को देखते हुए परेड और सभी प्रस्तुतियां शाम के समय रखी गई हैं।
आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार एकता नगर में 30 और 31 अक्टूबर को दो दिन का कार्यक्रम है। 30 अक्टूबर को डैम व्यू पॉइंट-1 पर सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा, जिसमें “आनंद मठ: मां ने फिर बुलाया है” नाटक की प्रस्तुति शामिल है। 31 अक्टूबर की परेड में ये चीजें होंगी:
- पुलिस और अर्धसैनिक बलों की करीब 10,000 की टुकड़ी की परेड।
- करीब 4,700 कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां।
- अर्धसैनिक बलों, पुलिस और स्कूली बच्चों के बैंड।
- नशे के खिलाफ राष्ट्रव्यापी बाइक रैली, जिसे केंद्रीय गृह मंत्री हरी झंडी दिखाएंगे और जो एकता नगर पहुंचकर परेड समारोह का हिस्सा बनेगी।
- प्रधानमंत्री का संबोधन।
इस बार की खास बातें
नक्सलवाद के अंत का उत्सव
गृह सचिव गोविंद मोहन ने कहा कि परेड का एक प्रमुख पहलू देश में सशस्त्र नक्सलवाद के खात्मे का उत्सव मनाना है। आकाशवाणी की रिपोर्ट के अनुसार परेड में BSF, CRPF, CISF, ITBP और SSB के साथ उन राज्य पुलिस बलों की टुकड़ियां होंगी जिन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में अहम भूमिका निभाई। हर टुकड़ी के गुजरते समय LED स्क्रीन पर उनकी उपलब्धियों पर छोटी फिल्म दिखाई जाएगी। यह सरकार का बयान है और आयोजन का संदेश इसी पर टिका है।
राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) “नक्सल मुक्त भारत” पर करीब 2,000 कलाकारों की प्रस्तुति देगा, जो उन 126 जिलों से आएंगे जो कभी इस समस्या से प्रभावित रहे। इन्हीं जिलों से करीब 5,000 लोगों को दर्शक के तौर पर भी बुलाया गया है।
थीम वंदे मातरम और जनता की झांकियां
इस साल वंदे मातरम के 150 वर्ष हो रहे हैं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की थीम यही है। प्रधानमंत्री के सामने होने वाला नाट्य मंचन बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के उपन्यास आनंदमठ पर आधारित होगा। झांकियों के लिए पहली बार MyGov पर राष्ट्रीय प्रतियोगिता और गुजरात के हर जिले में प्रतियोगिताएं कराई गईं और इन डिजाइनों से कुल 15 झांकियां बनाई जा रही हैं। इन्हें बनाने में किसी मंत्रालय या राज्य सरकार की भूमिका नहीं होगी। सांस्कृतिक कार्यक्रम में गुजरात में बसे विभिन्न राज्यों के समुदायों ने करीब 50 प्रस्तुतियां तैयार की हैं, जिनमें लगभग 5,000 कलाकार हैं।
दर्शकों के लिए जरूरी जानकारी
- प्रवेश मुफ्त है, लेकिन पंजीकरण जरूरी है। पास ईमेल पर भेजा जाएगा।
- परेड के लिए अंतिम प्रवेश शाम 4:00 बजे तक है और 30 अक्टूबर के कार्यक्रम के लिए 4:30 बजे तक।
- आयोजकों ने परेड शुरू होने से कम से कम तीन घंटे पहले पहुंचने की सलाह दी है।
- परेड मार्ग नर्मदा माता मूर्ति (श्रेष्ठ भारत भवन पार्किंग के पास) से शुरू होकर डैम रेप्लिका गार्डन के पास एसआरपी कॉलोनी के पास खत्म होगा।
- कार्यक्रम का समय अस्थायी है और बदल सकता है, इसलिए आधिकारिक सूचना देखते रहें।
क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय एकता दिवस?
31 अक्टूबर को सरदार पटेल की जयंती पर यह दिवस मनाया जाता है। इसका मकसद देश की एकता में उनके योगदान को याद करना और विविधता में एकता का संदेश देना है। सरदार पटेल की जयंती पर देश में कई जगह एकता की शपथ दिलाई जाती है और “रन फॉर यूनिटी” जैसे कार्यक्रम होते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
राष्ट्रीय एकता दिवस कब मनाया जाता है?
हर साल 31 अक्टूबर को, सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर। इस बार 151वीं जयंती है।
इस बार मुख्य कार्यक्रम कहां है?
गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास।
क्या आम लोग परेड देख सकते हैं?
हां, प्रवेश मुफ्त है, पर पंजीकरण के बाद ईमेल पर आने वाला पास जरूरी है।
परेड में कितने जवान और कलाकार होंगे?
आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार करीब 10,000 पुलिस और अर्धसैनिक जवान और लगभग 4,700 कलाकार।
नोट: कार्यक्रम का विवरण सरकारी विज्ञप्तियों पर आधारित है और 28 अक्टूबर तक की जानकारी है।

