शेयर बाजार बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को गिरावट के साथ बंद हुआ। आईटी और तेल-गैस शेयरों में बिकवाली और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने निवेशकों की धारणा पर असर डाला। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले से पहले सतर्कता भी दिखी। हालांकि ऑटो, बैंकिंग और फार्मा शेयरों की खरीद से सूचकांक दिन के निचले स्तर से काफी संभल गए। इंडिया टुडे और हिंदू बिजनेसलाइन की रिपोर्टों के आधार पर दिन का पूरा हाल।
सेंसेक्स और निफ्टी का बंद स्तर
- सेंसेक्स: 352.64 अंक या 0.48% की गिरावट के साथ 73,246.03 पर बंद। दिन के दौरान यह 72,603.57 के निचले स्तर तक गया था।
- निफ्टी 50: 50.90 अंक या 0.22% गिरकर 22,698.85 पर बंद। इसका दिन का निचला स्तर 22,497.70 रहा।
हिंदू बिजनेसलाइन के अनुसार सेंसेक्स मंगलवार को 73,598.67 पर बंद हुआ था और बुधवार को 73,253.44 पर खुला। सुबह करीब 10:52 बजे यह पिछले बंद से 770.37 अंक नीचे 72,828.30 तक गिर चुका था, यानी बाजार ने गिरावट का बड़ा हिस्सा दिन के भीतर वापस पाया।
आईटी और तेल-गैस ने खींचा बाजार
इंडिया टुडे के अनुसार निफ्टी आईटी इंडेक्स 1.98% टूटा। इंफोसिस सबसे ज्यादा 3.34% गिरा, जबकि टीसीएस 1.68%, टेक महिंद्रा 1.83% और एचसीएलटेक 1.13% नीचे बंद हुए। अमेरिकी बाजार भारतीय आईटी कंपनियों के लिए अहम है, इसलिए फेड के ब्याज दर संकेतों और तकनीकी खर्च पर उसके असर को लेकर निवेशक सतर्क रहे। तेल-गैस सूचकांक 2.27% गिरा। हिंदू बिजनेसलाइन के मुताबिक सेंसेक्स की 30 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज 3.46% टूटी। भारती एयरटेल 1.42% और टाटा स्टील 1.37% नीचे रहे। इसके अलावा निफ्टी एफएमसीजी 0.56% गिरा, जबकि मेटल और रियल्टी शेयर भी कमजोर बंद हुए।
कच्चा तेल और रुपया
इंडिया टुडे ने बताया कि ब्रेंट क्रूड 114.45 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था (0.50% ऊपर) और डब्ल्यूटीआई 1.21% चढ़कर 101.11 डॉलर पर रहा। हिंदू बिजनेसलाइन ने ब्रेंट को 0.99% उछलकर 114.5 डॉलर बताया। दोनों रिपोर्टों में फर्क समय के अलग-अलग बिंदुओं का हो सकता है, पर कीमत 114 डॉलर के आसपास ही है। रिपोर्टों के अनुसार सऊदी अरब पर हूती हमलों से आपूर्ति में बाधा की आशंका फिर बढ़ी। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए ऊंचा तेल महंगाई और कंपनियों की लागत के लिए जोखिम है। रुपया 21 पैसे गिरकर अनंतिम तौर पर 95.28 प्रति डॉलर पर बंद हुआ (हिंदू बिजनेसलाइन)।
किन शेयरों ने दिया सहारा
इंडिया टुडे के अनुसार लार्सन एंड टुब्रो 3.68% चढ़ी, ट्रेंट 2.79%, एसबीआई 1.23%, एक्सिस बैंक 1.14%, इंडिगो 1.13% और एचडीएफसी बैंक 0.87% बढ़े। निफ्टी ऑटो में 1.45% और निफ्टी फार्मा में 1.04% की बढ़त रही। मीडिया शेयर 1.38% चढ़े। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि एक प्रमुख कैपिटल गुड्स कंपनी के मजबूत नतीजों, बैंकिंग, ऑटो और फार्मा की मजबूती और निचले स्तर पर वैल्यू बायिंग से सूचकांकों ने शुरुआती नुकसान का बड़ा हिस्सा वापस पाया।
ब्रॉडर मार्केट और वोलैटिलिटी
निफ्टी मिडकैप 50 में 0.54%, मिडकैप 100 में 0.43% और स्मॉलकैप 100 में 0.90% की तेजी रही। निफ्टी 100, 200 और 500 मामूली गिरावट पर बंद हुए। बाजार की उतार-चढ़ाव का पैमाना इंडिया VIX 0.25% घटकर 16.36 पर रहा।
जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग का असर
हिंदू बिजनेसलाइन के अनुसार जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर ने बुधवार को शानदार शुरुआत की और ₹1,119 के इश्यू प्राइस के मुकाबले करीब 27% ऊपर बंद हुए। रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी का बाजार मूल्यांकन ₹13 लाख करोड़ रहा, जिससे वह रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाद दूसरी सबसे मूल्यवान घरेलू कंपनी बन गई। उसी रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने ₹4,240.39 करोड़ की इक्विटी खरीदी।
आगे क्या देखें
नायर के अनुसार निवेशकों की नजर अब फेडरल रिजर्व की नीतिगत टिप्पणियों पर रहेगी, खासकर दिसंबर तक ब्याज दर के संकेतों पर। उन्होंने कहा कि बाजार पूरी तरह संकट से बाहर नहीं है, पर सुधार का सबसे मुश्किल दौर काफी हद तक कीमतों में दिख चुका है। अमेरिकी मध्यावधि चुनावों पर भी बाजार की नजर रहेगी। यह एक ब्रोकरेज विश्लेषक की राय है, निवेश सलाह नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
28 अक्टूबर को सेंसेक्स कितने पर बंद हुआ?
73,246.03 पर, 352.64 अंक यानी 0.48% की गिरावट के साथ।
निफ्टी का बंद स्तर क्या रहा?
22,698.85, यानी 50.90 अंक (0.22%) नीचे।
गिरावट की मुख्य वजह क्या रही?
आईटी और तेल-गैस शेयरों में बिकवाली, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और फेड के फैसले से पहले सतर्कता।
नोट: आंकड़े 28 अक्टूबर 2026 की रिपोर्टों के अनुसार हैं। यह निवेश सलाह नहीं है।

