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6 नवम्बर 2026, शुक्र

BLS Polymers IPO अलॉटमेंट स्टेटस आज: 241 गुना सब्सक्रिप्शन, ऐसे चेक करें; GMP और 3 नवंबर लिस्टिंग

मुंबई के दलाल स्ट्रीट पर बीएसई की इमारत

गोवा की पॉलिमर कंपनी BLS Polymers के ₹255 करोड़ के IPO में पैसा लगाने वाले लाखों निवेशकों के लिए आज यानी शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 का दिन अहम है। इश्यू के रजिस्ट्रार KFin Technologies के मुताबिक आज शेयरों का अलॉटमेंट (बेसिस ऑफ अलॉटमेंट) तय होना है। इश्यू को इतना जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है कि ज्यादातर छोटे निवेशकों के लिए शेयर मिलना लॉटरी जैसा हो गया है। नीचे जानिए अलॉटमेंट स्टेटस कैसे चेक करें, किसे कितने चांस हैं और लिस्टिंग कब होगी।

241 गुना सब्सक्रिप्शन: किस कैटेगरी में कितनी मांग

द हिंदू बिजनेसलाइन की रिपोर्ट के अनुसार 29 अक्टूबर को बोली बंद होने तक BLS Polymers का IPO कुल 241.22 गुना सब्सक्राइब हुआ। कैटेगरी के हिसाब से आंकड़े इस तरह रहे:

  • NII (HNI) हिस्सा: 559.20 गुना
  • QIB (संस्थागत निवेशक): 200.25 गुना
  • रिटेल निवेशक: 128.36 गुना

यानी रिटेल हिस्से में जितने शेयर रखे गए थे, उससे करीब 128 गुना ज्यादा की बोलियां आईं। IPO खुलने से एक दिन पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों को 51 लाख शेयर ₹150 के भाव पर देकर ₹76.50 करोड़ जुटाए थे, जिसकी पुष्टि BSE के नोटिस में भी है।

IPO की मुख्य बातें एक नजर में

  • इश्यू साइज: ₹255 करोड़, पूरी तरह फ्रेश इश्यू (1.70 करोड़ नए शेयर), कोई OFS नहीं
  • प्राइस बैंड: ₹142 से ₹150 प्रति शेयर, फेस वैल्यू ₹10
  • लॉट साइज: 100 शेयर, यानी ऊपरी भाव पर कम से कम ₹15,000
  • बोली की तारीख: 27 से 29 अक्टूबर 2026
  • अलॉटमेंट: शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026
  • रिफंड और डीमैट में शेयर: सोमवार, 2 नवंबर 2026
  • लिस्टिंग: मंगलवार, 3 नवंबर 2026, NSE और BSE पर
  • रजिस्ट्रार: KFin Technologies Ltd; लीड मैनेजर: Unistone Capital

ये तारीखें चित्तौड़गढ़ और कोटक नियो जैसे IPO ट्रैकर्स पर दर्ज शेड्यूल के मुताबिक हैं। इनमें बदलाव की सूचना एक्सचेंज और रजिस्ट्रार देते हैं।

BLS Polymers IPO अलॉटमेंट स्टेटस ऐसे चेक करें

1. रजिस्ट्रार KFin Technologies की वेबसाइट पर:

  1. KFintech के IPO स्टेटस पेज (ipostatus.kfintech.com) पर जाएं।
  2. कंपनी की लिस्ट में BLS Polymers चुनें। अलॉटमेंट फाइनल होने के बाद ही नाम दिखता है।
  3. PAN नंबर, एप्लिकेशन नंबर या DP/क्लाइंट ID में से कोई एक विकल्प चुनकर डिटेल भरें।
  4. कैप्चा भरकर सबमिट करें। स्क्रीन पर आवेदन किए गए और अलॉट हुए शेयरों की संख्या दिखेगी।

2. BSE और NSE की वेबसाइट पर: BSE के “Status of Issue Application” पेज पर इश्यू टाइप “Equity” और इश्यू नाम BLS Polymers चुनकर PAN या एप्लिकेशन नंबर से स्टेटस देखा जा सकता है। NSE पर भी IPO बिड वेरिफिकेशन पेज पर यही सुविधा मिलती है।

अगर स्टेटस में अलॉट हुए शेयर शून्य दिखें, तो इसका मतलब है कि आपका आवेदन ड्रॉ में नहीं निकला। ऐसे में बैंक खाते में ब्लॉक हुई रकम (UPI मैंडेट) अपने आप रिलीज हो जाती है, अलग से कुछ करने की जरूरत नहीं होती।

शेयर मिलने के कितने चांस हैं?

SEBI के नियमों के मुताबिक जब रिटेल हिस्सा ओवरसब्सक्राइब होता है, तो हर सफल रिटेल आवेदक को कम से कम एक लॉट देने की कोशिश होती है और यह चुनाव कंप्यूटराइज्ड ड्रॉ (लॉटरी) से होता है। 128 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन का मोटा अर्थ यह है कि लगभग हर 128 रिटेल आवेदनों में से करीब एक को ही एक लॉट मिल सकता है। यह सिर्फ एक अनुमान है, असली अनुपात वैध आवेदनों की संख्या पर निर्भर करेगा। ध्यान रहे, रिटेल कैटेगरी में ज्यादा लॉट के लिए आवेदन करने से चांस नहीं बढ़ता। छोटे HNI (S-HNI) हिस्से में भी 559 गुना मांग के कारण ड्रॉ से ही अलॉटमेंट होगा।

GMP क्या संकेत दे रहा है

IIFL (इंडिया इंफोलाइन) की 29 अक्टूबर सुबह की रिपोर्ट के मुताबिक BLS Polymers का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹51 था, जो 19 अक्टूबर को सिर्फ ₹18 था। ₹150 के ऊपरी भाव के हिसाब से इससे करीब ₹201 की संभावित लिस्टिंग और लगभग 34% प्रीमियम का अंदाजा लगाया जा रहा है। लेकिन GMP एक अनौपचारिक, बिना नियमन वाला संकेत है। यह कभी भी बदल सकता है और लिस्टिंग का असली भाव 3 नवंबर को बाजार की हालत पर ही तय होगा। इसलिए इसे गारंटी न मानें।

कंपनी क्या करती है और पैसा कहां लगेगा

1991 में बनी BLS Polymers बिजली, टेलीकॉम और रेलवे के तारों व केबलों की इंसुलेशन और बाहरी परत (शीथिंग) के लिए खास पॉलिमर कंपाउंड बनाती है। साथ ही यह तेल, गैस और पानी की भूमिगत पाइपलाइनों पर चढ़ने वाली 3LPE कोटिंग का मटीरियल भी तैयार करती है। कंपनी का इकलौता प्लांट गोवा में है और यह सऊदी अरब व बांग्लादेश जैसे देशों में निर्यात भी करती है।

IPO दस्तावेजों के अनुसार FY26 में कंपनी का राजस्व ₹349.43 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹27.01 करोड़ रहा, जबकि FY24 में मुनाफा सिर्फ ₹7.52 करोड़ था। EBITDA मार्जिन इसी अवधि में 7.10% से बढ़कर 13.33% हो गया। IPO से मिलने वाले पैसे में से ₹77.56 करोड़ मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने पर और ₹89.5 करोड़ वर्किंग कैपिटल पर खर्च होंगे, बाकी रकम सामान्य कॉरपोरेट कामों में जाएगी।

आप पर क्या असर पड़ेगा / आगे क्या

  • शेयर मिले हैं: 2 नवंबर तक ये आपके डीमैट खाते में आ जाने चाहिए। 3 नवंबर को लिस्टिंग के बाद आप इन्हें बेच या होल्ड कर सकते हैं। लिस्टिंग गेन पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगता है, यह भी ध्यान रखें।
  • शेयर नहीं मिले: ब्लॉक रकम 2 नवंबर तक रिलीज हो जानी चाहिए। अगर तब तक पैसा अनब्लॉक न हो, तो पहले अपने बैंक से और फिर रजिस्ट्रार KFin Technologies से संपर्क करें।
  • लिस्टिंग के बाद खरीदने की सोच रहे हैं: भारी सब्सक्रिप्शन के बाद पहले दिन उतार-चढ़ाव ज्यादा हो सकता है। सिर्फ GMP देखकर फैसला न लें; कंपनी के एक ही प्लांट पर निर्भरता, कच्चे माल की कीमतें और केबल इंडस्ट्री की मांग जैसे जोखिम भी देखें।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के लिए है, निवेश की सलाह नहीं। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है; कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से बात करें।

स्रोत: द हिंदू बिजनेसलाइन, IIFL (इंडिया इंफोलाइन), BSE नोटिस, कंपनी का RHP/चित्तौड़गढ़ IPO नोट, कोटक नियो।

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