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6 नवम्बर 2026, शुक्र

जम्मू शहर में रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब 8:30 बजे से तेज बारिश शुरू हुई और महज करीब तीन घंटे में 185.6 मिलीमीटर पानी बरस गया। अधिकारियों के मुताबिक यह आंकड़ा अक्टूबर महीने का 71 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ने के लिए काफी था—1955 में जम्मू में अक्टूबर की सबसे ज्यादा बारिश 160 मिमी दर्ज हुई थी।

इतनी तेज बारिश का असर शहर के कई इलाकों में फ्लैश फ्लड, जलभराव और लैंडस्लाइड के रूप में दिखा। सड़कें नदियों जैसी दिखने लगीं, घरों-दुकानों में पानी घुस गया और यातायात ठप हो गया। अधिकतम तापमान भी गिरकर 23.3 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जो सामान्य से करीब 9 डिग्री कम है।

दो मौतें, रायपुर डोमाना में तलाशी

सबसे दर्दनाक खबर रायपुर डोमाना से आई। एक 27 वर्षीय महिला अपने पति को पार्क की हुई कार हटाने में मदद करते हुए बाढ़ के पानी में बह गईं। पति किसी सहारे से चिपककर बच गए, लेकिन पत्नी लापता रहीं। स्थानीय लोगों, पुलिस और स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) की टीमें तलाशी में जुटी रहीं।

शाम को डोमाना इलाके से एक और व्यक्ति का शव बरामद किया गया। अधिकारियों के अनुसार उनकी पहचान और मौत का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। इस तरह इस बारिश से जुड़े दो मौतों की खबरें सामने आईं।

सबसे प्रभावित इलाके

अधिकारियों ने बताया कि पंजतीर्थी, नगोटा, रूप नगर, जानीपुर, डोगरा चौक, दुर्गा नगर, शक्ति नगर, रायपुर डोमाना और बंटलाब जैसे इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। कई जगहों पर कारें और दोपहिया वाहन पानी में डूबे दिखे। सोशल मीडिया पर साझा वीडियो में संकरी गलियों से तेज धारा बहती नजर आई।

शक्ति नगर के निवासी विजय कुमार ने बताया कि गलियों में पानी इतनी तेजी से बहने लगा कि घूमना मुश्किल हो गया। डोमाना के सोहन सिंह ने कहा कि थोड़े समय में ही सड़कें पानी से भर गईं और लोग सामान बचाने व परिवार की सुरक्षा में लगे रहे।

लैंडस्लाइड से सड़कें बंद

पंजतीर्थी-सिदराह और सिदराह-नगोटा सड़क मार्गों पर लैंडस्लाइड की खबरें आईं। मलबा हटाने और यातायात बहाल करने में अधिकारियों व मशीनरी को कई घंटे लगे। कमजोर ढलानों और फिसलन भरी सड़कों पर यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई।

दुर्गा नगर, शक्ति नगर और रायपुर डोमाना में घरों व दुकानों में पानी घुसने की शिकायतें आईं। निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों के लिए सामान की सुरक्षा और आवागमन बड़ी चुनौती बन गया।

क्यों खास है यह बारिश?

अक्टूबर में जम्मू में इतनी तेज और छोटी अवधि की बारिश असामान्य मानी जाती है। तीन घंटे में 185.6 मिमी पानी—यानी पुराने अक्टूबर रिकॉर्ड से भी ज्यादा—शहरी नालों और ढलान वाली सड़कों पर दबाव बना देता है। विशेषज्ञ अक्सर कहते हैं कि शहर के कई मोहल्ले जलभराव के प्रति संवेदनशील हैं; रविवार की घटना ने फिर वही तस्वीर दोहराई।

इस रिपोर्ट के तथ्य PTI के माध्यम से CNBC-TV18, News18 और National Herald जैसी रिपोर्टों पर आधारित हैं। आगे मौसम साफ होने पर नुकसान का सही आकलन और राहत कार्य का विस्तार होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

जम्मू में कितनी बारिश हुई?

रविवार को करीब तीन घंटे में 185.6 मिमी बारिश दर्ज हुई, जो 1955 के अक्टूबर रिकॉर्ड (160 मिमी) से अधिक है।

कितने लोगों की मौत हुई?

दो मौतें रिपोर्ट हुईं—एक 27 वर्षीय महिला रायपुर डोमाना में बह गईं, और डोमाना से एक अन्य व्यक्ति का शव बरामद हुआ जिनकी पहचान लंबित है।

कौन से इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए?

पंजतीर्थी, नगोटा, रूप नगर, जानीपुर, डोगरा चौक, दुर्गा नगर, शक्ति नगर, रायपुर डोमाना और बंटलाब प्रमुख प्रभावित क्षेत्र बताए गए।

तापमान कितना गिरा?

अधिकतम तापमान 23.3°C रहा, जो सामान्य से करीब 9 डिग्री कम है।

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