रणजी ट्रॉफी 2026-27 में मुंबई ने अपने घरेलू मैदान पर दबदबे वाली जीत दर्ज की है। वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में मुंबई ने चंडीगढ़ को पारी और 155 रन से हरा दिया। मैच तीसरे ही दिन, मंगलवार 13 अक्टूबर को खत्म हो गया और मुंबई ने बोनस अंक के साथ यह जीत अपने नाम की।
चंडीगढ़ के सामने मैच बचाने के लिए पूरा दिन था, लेकिन मुंबई के गेंदबाज़ों ने उसे ज्यादा देर टिकने नहीं दिया। तीसरे दिन बचे हुए 9 विकेट करीब दो सत्रों में, 51.1 ओवर के अंदर गिर गए।
स्कोरकार्ड एक नज़र में
- मुंबई (पहली पारी): 429
- चंडीगढ़ (पहली पारी): 78
- चंडीगढ़ (दूसरी पारी): 196 ऑल आउट (52.1 ओवर)
- नतीजा: मुंबई पारी और 155 रन से जीता, बोनस अंक भी मिला
78 पर ढेर होने के बाद फॉलो-ऑन का दबाव
मुंबई के 429 रन के जवाब में चंडीगढ़ की पहली पारी सिर्फ 78 रन पर सिमट गई। इस तरह वह 351 रन से पीछे रह गया और उसे दोबारा बल्लेबाज़ी के लिए उतरना पड़ा। इतने बड़े अंतर को पाटने के लिए चंडीगढ़ को लंबी और धैर्य भरी बल्लेबाज़ी चाहिए थी, लेकिन मुंबई के स्पिनरों ने लगातार दबाव बनाए रखा।
दूसरी पारी में किसने लिए विकेट
- शम्स मुलानी: 3 विकेट, 69 रन
- तनुष कोटियन: 3 विकेट, 30 रन
- तुषार देशपांडे: 2 विकेट, 37 रन
- अवस्थी और डिसूज़ा: 1-1 विकेट
मुलानी और कोटियन की स्पिन जोड़ी ने बीच के ओवरों में रन रोके और लगातार विकेट निकाले। कोटियन का 30 रन देकर 3 विकेट का स्पेल खास तौर पर किफायती रहा। देशपांडे ने तेज़ गेंदबाज़ी से अहम मौकों पर साझेदारियां तोड़ीं।
चंडीगढ़ की ओर से संघर्ष
दूसरी पारी में चंडीगढ़ के लिए आज़ाद ने 62 और भांबरी ने 44 रन बनाकर कुछ देर मुकाबला किया। लेकिन दूसरे छोर से साथ नहीं मिला और पूरी टीम 196 रन पर आउट हो गई। पारी की हार टालने के लिए उसे कम से कम 351 रन चाहिए थे।
यह जीत मुंबई के लिए क्यों अहम है
रणजी ट्रॉफी में पारी से मिली जीत पर बोनस अंक मिलता है। लीग चरण में अक्सर टीमें कुछ अंकों के फासले से ही नॉकआउट से चूक जाती हैं, इसलिए सीज़न की शुरुआत में ही बोनस अंक हासिल करना मुंबई को बढ़त देता है। साथ ही यह संदेश भी जाता है कि घरेलू क्रिकेट की सबसे सफल टीमों में शामिल मुंबई इस सीज़न भी पूरी तैयारी के साथ उतरी है।
मैच तीसरे दिन खत्म होने का एक और फायदा है। मुंबई के खिलाड़ियों को अगले मुकाबले से पहले एक दिन का अतिरिक्त आराम मिल जाएगा। लंबे घरेलू सीज़न में खिलाड़ियों की फिटनेस और ताज़गी बनाए रखने के लिहाज़ से यह छोटी लेकिन काम की बात है।
आप पर क्या असर पड़ेगा
अगर आप घरेलू क्रिकेट फॉलो करते हैं, तो यह मैच दिखाता है कि रणजी ट्रॉफी में पहली पारी कितनी निर्णायक होती है। पहली पारी में 78 पर ढेर होने के बाद वापसी लगभग नामुमकिन हो जाती है। युवा क्रिकेटरों के लिए भी सबक साफ है: लाल गेंद के क्रिकेट में टिककर खेलना और विकेट की कीमत समझना सबसे जरूरी है।
- मुंबई फैंस के लिए: स्पिन विभाग की फॉर्म आगे के मैचों के लिए अच्छा संकेत है।
- पॉइंट्स टेबल देखने वालों के लिए: बोनस अंक वाली जीत ग्रुप की दौड़ में बाद में बड़ा फर्क डाल सकती है।
आगे क्या
मुंबई का अगला मुकाबला बिलासपुर में हिमाचल प्रदेश के खिलाफ होगा। पहाड़ी इलाके की परिस्थितियां वानखेड़े से काफी अलग हो सकती हैं, इसलिए वहां टीम के संयोजन और गेंदबाज़ी रणनीति पर नज़र रहेगी। चंडीगढ़ के लिए अब जरूरी है कि वह बल्लेबाज़ी की कमजोरियों पर जल्दी काम करे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
मुंबई ने चंडीगढ़ को कितने अंतर से हराया?
मुंबई ने रणजी ट्रॉफी 2026-27 के इस मैच में चंडीगढ़ को पारी और 155 रन से हराया।
मैच का स्कोर क्या रहा?
मुंबई ने 429 रन बनाए। जवाब में चंडीगढ़ ने पहली पारी में 78 और दूसरी पारी में 196 रन बनाए।
मुंबई के लिए सबसे सफल गेंदबाज़ कौन रहे?
दूसरी पारी में शम्स मुलानी (3/69) और तनुष कोटियन (3/30) ने तीन-तीन विकेट लिए। तुषार देशपांडे ने 2/37 का योगदान दिया।
मुंबई का अगला मैच किससे है?
मुंबई अगला मैच बिलासपुर में हिमाचल प्रदेश के खिलाफ खेलेगा।
स्रोत: The Hindu, Rediff, Sportstar (13 अक्टूबर 2026)।

