आम आदमी पार्टी (AAP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना विरोध तेज़ करने का ऐलान किया है। पार्टी 15 अक्टूबर 2026 को दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय पर एक दिन की भूख हड़ताल करेगी। पार्टी की मांग है कि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें। यह कदम मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर AAP के आरोपों के बीच उठाया गया है।
बैठक में तय हुई रणनीति
यह फैसला मंगलवार, 13 अक्टूबर को हुई पार्टी की बैठक में लिया गया। बैठक में AAP के विधायक, पार्षद और जिला स्तर के पदाधिकारी शामिल हुए। राज्यसभा सांसद संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज, गोपाल राय और इमरान हुसैन जैसे वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।
गोपाल राय ने क्या कहा
समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में गोपाल राय ने कहा कि पार्टी अब आंदोलन को और तेज़ करेगी। उनके मुताबिक 15 अक्टूबर को भूख हड़ताल होगी, जिसमें दिल्ली भर से कार्यकर्ता पार्टी मुख्यालय पहुंचेंगे। राय ने इसे गांधीवादी तरीके का शांतिपूर्ण विरोध बताया।
संजय सिंह के आरोप: पार्टी का दावा
बैठक में संजय सिंह ने चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि “13 करोड़ वोट चुराए गए” हैं। उन्होंने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग भी उठाई। साथ ही कहा कि चुनाव आयुक्तों का चयन ऐसी व्यवस्था से होना चाहिए जिसमें सरकार का बहुमत हावी न रहे।
ध्यान देने वाली बात यह है कि ये AAP के राजनीतिक आरोप और मांगें हैं। “13 करोड़ वोट” वाले दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे तथ्य की तरह नहीं, बल्कि पार्टी के आरोप के तौर पर ही देखना चाहिए।
जंतर मंतर मार्च रोका गया, नेता हिरासत में
बैठक के बाद AAP नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जंतर मंतर की ओर मार्च निकाला। पुलिस ने उन्हें जनपथ के पास रोक दिया, जहां झड़प की स्थिति बनी। संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज और कई अन्य नेताओं को हिरासत में लिया गया। शाम को सभी को रिहा कर दिया गया।
15 अक्टूबर का अनशन इसी बैठक में तय हुआ था। मार्च रोके जाने और हिरासत की घटना के बाद अब सबकी नज़र इस कार्यक्रम पर है, जिसे पार्टी सड़क की बजाय अपने मुख्यालय पर करेगी।
SIR विवाद: संक्षेप में पृष्ठभूमि
SIR यानी Special Intensive Revision, मतदाता सूची की गहन जांच और पुनरीक्षण की प्रक्रिया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि इसमें बड़ी संख्या में नाम गलत तरीके से हटाए गए। इसी को लेकर कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। AAP का अनशन इसी बड़े विपक्षी अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।
आप पर क्या असर पड़ेगा
दिल्ली में रहने वालों के लिए 15 अक्टूबर को AAP मुख्यालय के आसपास भीड़ और सुरक्षा इंतज़ाम ज्यादा रह सकते हैं। उस इलाके से गुज़रने वाले लोग दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की एडवाइज़री पर नज़र रखें।
बड़ा सवाल मतदाता के तौर पर आपका है। SIR को लेकर चल रहे विवाद का सीधा संबंध इस बात से है कि आपका नाम मतदाता सूची में सही दर्ज है या नहीं। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से अलग, आप ये कदम खुद उठा सकते हैं:
- चुनाव आयोग के वोटर पोर्टल (voters.eci.gov.in) पर अपना नाम और विवरण जांचें।
- गलती दिखे तो अपने बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) से संपर्क करें।
- सोशल मीडिया पर वायरल आंकड़ों की बजाय आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।
आगे क्या
15 अक्टूबर का अनशन यह दिखाएगा कि AAP दिल्ली में कितने कार्यकर्ता जुटा पाती है। गोपाल राय पहले ही आंदोलन तेज़ करने की बात कह चुके हैं, इसलिए अनशन के बाद पार्टी नए कार्यक्रम का ऐलान कर सकती है। दूसरी ओर, CEC के इस्तीफे की मांग पर विपक्ष का दबाव और चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया, दोनों पर नज़र रहेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
AAP भूख हड़ताल कब और कहां करेगी?
AAP 15 अक्टूबर 2026 को दिल्ली स्थित अपने पार्टी मुख्यालय पर एक दिन की भूख हड़ताल करेगी।
AAP की मुख्य मांग क्या है?
पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांग रही है। उसने SIR प्रक्रिया पर गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं।
क्या AAP नेताओं को हिरासत में लिया गया था?
हां, जंतर मंतर की ओर मार्च को जनपथ के पास रोका गया। संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया गया और शाम को रिहा कर दिया गया।
क्या “13 करोड़ वोट चोरी” का दावा साबित है?
नहीं, यह संजय सिंह का राजनीतिक आरोप है। इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
स्रोत: Lokmat / ANI, Times of India लाइव अपडेट (13 अक्टूबर 2026)। आरोप संबंधित नेताओं के बयानों पर आधारित।

