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7 नवम्बर 2026, शनि

दिल्ली सरकार ने मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना (MMKPY) के तहत 123 खिलाड़ियों के लिए 9.75 करोड़ रुपये की सहायता मंजूर की है। शिक्षा मंत्री आशीष सूद के अनुमोदन वाले इस प्रस्ताव में 89 एलिट और 34 स्कूल-स्तर के खिलाड़ी शामिल हैं। योजना का दायरा बढ़ाकर वुशू, रोलर स्केटिंग, कबड्डी जैसे और खेलों को भी जोड़ा गया है।

कितनी राशि, किसे मिलेगी?

एलिट खिलाड़ियों को कोचिंग, आधुनिक उपकरण, पोषण और ट्रेनिंग जैसे खर्चों के लिए प्रति व्यक्ति अधिकतम 20 लाख रुपये तक सहायता मिल सकती है। कुल मंजूर राशि में से 5.85 करोड़ रुपये—यानी 60 प्रतिशत—पहली किस्त में लाभार्थियों के सत्यापित बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर किए जाएँगे। बाकी 3.90 करोड़ रुपये उपयोग प्रमाण-पत्र और वाउचर जमा व जाँच के बाद जारी होंगे।

सरकार के अनुसार लाभार्थियों का चयन विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों पर हुआ है। मंत्री सूद ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था कक्षा तक सीमित नहीं; खेल और शारीरिक शिक्षा युवाओं को आत्मविश्वासी बनाने का आधार हैं। उनका जोर था कि आर्थिक अभाव किसी प्रतिभाशाली खिलाड़ी के सपने के रास्ते में न आए।

कौन-कौन से नए खेल जुड़े?

एलिट स्तर पर वुशू, रोलर स्केटिंग, कबड्डी, हैंडबॉल और बास्केटबॉल को जोड़ा गया। स्कूल स्तर पर वुशू, मल्लखंब, योगासन और रोलर स्केटिंग शामिल किए गए। पारंपरिक और आधुनिक दोनों धाराओं को जगह देकर सरकार स्कूल से लेकर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच तक का रास्ता चौड़ा करना चाहती है।

पारदर्शिता और अगला कदम

पहली किस्त के बाद आगे का भुगतान उपयोग की जाँच से जुड़ा है। यानी पैसा सिर्फ आवंटित नहीं होगा—खर्च का हिसाब भी माँगा जाएगा। खिलाड़ियों और कोचिंग संस्थानों को वाउचर, बिल और ट्रेनिंग रिकॉर्ड संभालकर रखने चाहिए। अभिभावकों के लिए सीधा बैंक ट्रांसफर राहत की बात है, लेकिन डॉक्यूमेंटेशन लापरवाही से दूसरी किस्त अटक सकती है।

दिल्ली के खेल परिदृश्य में मतलब

राजधानी में स्टेडियम और स्कूल टूर्नामेंट की चमक तो दिखती है, लेकिन निजी कोचिंग और उपकरण का खर्च कई परिवारों के लिए भारी पड़ता है। 20 लाख रुपये तक की छत एलिट तैयारी में अंतरराष्ट्रीय कैम्प, स्पोर्ट्स साइंस और गियर के खर्च घटा सकती है। स्कूल स्तर के 34 खिलाड़ियों को शामिल करना बताता है कि योजना सिर्फ पदक विजेताओं तक सीमित नहीं रहना चाहती।

यह फैसला शिक्षा विभाग के अंतर्गत आता है; खेल और शिक्षा को साथ रखकर दिल्ली प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि ग्रासरूट और एलिट दोनों पर ध्यान रहेगा। सटीक आवेदन प्रक्रिया, पात्रता सूची और समय-सीमा के लिए विभाग की आधिकारिक अधिसूचना देखें।

आवेदन और सावधानी

लाभार्थियों को अपनी पहचान, बैंक केवाईसी और खेल उपलब्धियों के दस्तावेज अपडेट रखने चाहिए। स्कूल-स्तर के खिलाड़ियों के अभिभावकों को स्कूल प्रमाण-पत्र और कोचिंग संस्थान की रसीदें संभालकर रखनी होंगी। विशेषज्ञ समिति की सिफारिश का मतलब है कि केवल फॉर्म भरने से चयन तय नहीं होता—प्रदर्शन और पात्रता दोनों देखी जाती हैं। जो खिलाड़ी राष्ट्रीय शिविर या राज्य टीम में हैं, उन्हें कोच से लिखित ट्रेनिंग प्लान लेना फायदेमंद रहेगा, ताकि उपयोग प्रमाण आसान बने।

दिल्ली जैसे महँगे शहर में स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन और फिजियो खर्च जल्दी बढ़ जाते हैं। योजना इन खर्चों का बोझ हल्का कर सकती है, बशर्ते दूसरी किस्त के लिए बिल सही श्रेणी में हों। नकली बिल या असंबंधित खर्च पकड़े जाने पर सहायता रुक सकती है—इसलिए पारदर्शिता खुद खिलाड़ी की जिम्मेदारी भी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

MMKPY क्या है?

मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना—दिल्ली के खिलाड़ियों को ट्रेनिंग और प्रतियोगिता खर्च के लिए वित्तीय सहायता देने वाली योजना।

कितने खिलाड़ियों को कितना मिला?

123 खिलाड़ियों के लिए कुल 9.75 करोड़ रुपये मंजूर; एलिट के लिए प्रति व्यक्ति अधिकतम 20 लाख रुपये तक सहायता संभव।

पूरा पैसा एक साथ मिलेगा?

नहीं। पहले 60 प्रतिशत (5.85 करोड़) सीधे खाते में; बाकी उपयोग प्रमाण के बाद।

नए खेल कौन से हैं?

एलिट में वुशू, रोलर स्केटिंग, कबड्डी, हैंडबॉल, बास्केटबॉल; स्कूल स्तर पर वुशू, मल्लखंब, योगासन, रोलर स्केटिंग।

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