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6 नवम्बर 2026, शुक्र

करतारपुर कॉरिडोर खोलने का प्रस्ताव पंजाब विधानसभा में पास: 7 मई 2025 से बंद है रास्ता, केंद्र बोला था- सुरक्षा हालात ठीक नहीं; क्या अब बिना वीजा दर्शन होंगे?

शाम के समय गुरुद्वारा दरबार साहिब, करतारपुर का दृश्य

पंजाब विधानसभा ने मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से करतारपुर साहिब कॉरिडोर फिर से खोलने की मांग की है। Hindustan Times और The Indian Express की रिपोर्ट्स के मुताबिक यह कॉरिडोर पिछले साल 7 मई से बंद है। सवाल यह है कि क्या प्रस्ताव पास होने से श्रद्धालु अब बिना वीजा दर्शन कर सकेंगे? जवाब है: फिलहाल नहीं, क्योंकि कॉरिडोर खोलने का फैसला केंद्र सरकार के हाथ में है और उसने अब तक सुरक्षा हालात का हवाला दिया है।

विधानसभा में क्या प्रस्ताव पारित हुआ?

प्रस्ताव शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने पेश किया। इसमें केंद्र से तुरंत कदम उठाकर कॉरिडोर को फिर खोलने और इसका निर्बाध संचालन सुनिश्चित करने को कहा गया। प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि:

  • गुरुद्वारा दरबार साहिब जाने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए।
  • पाकिस्तान सरकार के साथ कूटनीतिक बातचीत कर संगत की सुरक्षित और बाधारहित आवाजाही सुनिश्चित हो।
  • ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालुओं को दर्शन का मौका मिले।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सदन में कहा कि आस्था के मामलों को राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए। Indian Express के अनुसार उन्होंने कहा कि यह रास्ता सिर्फ भारत-पाकिस्तान के बीच का मार्ग नहीं, बल्कि सिखों की आस्था का विषय है। कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और विद्रोही अकाली दल के विधायक मनप्रीत सिंह अयाली ने भी कॉरिडोर खोलने का समर्थन किया।

कॉरिडोर कब से बंद है और क्यों?

दोनों रिपोर्ट्स के अनुसार कॉरिडोर 7 मई 2025 से बंद है। 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद 7 मई की तड़के भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाक-अधिकृत कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए थे। उसके बाद से कॉरिडोर की सेवाएं निलंबित हैं।

इससे पहले कॉरिडोर केवल एक बार बंद हुआ था, मार्च 2020 से नवंबर 2021 तक कोविड-19 के दौरान।

केंद्र सरकार का अब तक का रुख

Indian Express के अनुसार जुलाई में संसद में दिए जवाब में केंद्र ने माना कि सिख धार्मिक संगठनों के ज्ञापन मिले हैं, लेकिन मौजूदा सुरक्षा स्थिति में तीर्थ मार्ग फिर शुरू करना संभव नहीं है। अगस्त में विदेश मंत्रालय ने कहा कि सिख जत्थों की पाकिस्तान में धार्मिक स्थलों की यात्रा द्विपक्षीय व्यवस्था के तहत जारी है, लेकिन मौजूदा सुरक्षा स्थिति को देखते हुए करतारपुर साहिब कॉरिडोर सेवाएं निलंबित हैं।

करतारपुर कॉरिडोर क्या है?

कॉरिडोर पंजाब के गुरदासपुर जिले के डेरा बाबा नानक को पाकिस्तान के नारोवाल जिले में स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब, करतारपुर से जोड़ता है। मान्यता है कि सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी ने अपने जीवन के अंतिम 18 साल यहीं बिताए थे। भारत और पाकिस्तान ने 24 अक्टूबर 2019 को इसे चालू करने का समझौता किया था और 9 नवंबर 2019 को इसका उद्घाटन हुआ। समझौते के तहत सभी धर्मों के भारतीय श्रद्धालु निर्धारित प्रक्रिया के साथ एक दिन की यात्रा कर सकते थे और इसके लिए वीजा की जरूरत नहीं थी। अक्टूबर 2024 में समझौता पांच साल के लिए बढ़ाया गया था।

क्या अभी बिना वीजा दर्शन संभव है?

नहीं। जब तक केंद्र सरकार कॉरिडोर की सेवाएं बहाल नहीं करती, तब तक इस रास्ते से यात्रा नहीं हो सकती। विधानसभा का प्रस्ताव केंद्र से अपील है, इससे सीधे कॉरिडोर नहीं खुलता। यात्रा की योजना बनाने वाले श्रद्धालु केवल आधिकारिक घोषणाओं पर भरोसा करें और अफवाहों या फर्जी रजिस्ट्रेशन लिंक से बचें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

पंजाब विधानसभा ने क्या मांग की है?

केंद्र से करतारपुर कॉरिडोर फिर खोलने और श्रद्धालुओं के लिए आवाजाही आसान बनाने की।

कॉरिडोर कब से बंद है?

7 मई 2025 से।

क्या अब बिना वीजा दर्शन हो सकते हैं?

नहीं, कॉरिडोर की सेवाएं फिलहाल निलंबित हैं।

केंद्र ने क्या वजह बताई है?

अगस्त में विदेश मंत्रालय ने मौजूदा सुरक्षा स्थिति को कारण बताया था।

जानकारी 28 अक्टूबर 2026 तक की रिपोर्ट्स पर आधारित है; स्थिति बदलने पर आधिकारिक घोषणा देखें।

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