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7 नवम्बर 2026, शनि

महाराष्ट्र सूखा राहत: दिवाली से पहले किसानों के खाते में ₹5,000, सूखाग्रस्त तालुके 265 से बढ़कर 305

मराठवाड़ा में सूखे के दौरान कुएं से पानी भरते ग्रामीण—महाराष्ट्र सूखा राहत ₹5000 की खबर

महाराष्ट्र सरकार ने सूखे से जूझ रहे किसानों के लिए दिवाली से पहले बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को कैबिनेट बैठक के बाद बताया कि सूखा प्रभावित किसानों के बैंक खातों में ₹5,000 सीधे भेजे जाएंगे। साथ ही सूखाग्रस्त तालुकों की संख्या 265 से बढ़ाकर 305 कर दी गई है—यानी राज्य के कुल 358 तालुकों में से 85% से ज्यादा अब सूखा प्रभावित सूची में हैं।

₹5,000 क्यों और किस रूप में?

मुख्यमंत्री के मुताबिक केंद्र सरकार से मिलने वाली सूखा सहायता की प्रक्रिया—आकलन, चरण और तय तारीखें—दिवाली से पहले पूरी होना संभव नहीं है। इसलिए राज्य ने तय किया कि किसानों के हाथ में त्योहार से पहले कुछ पैसा पहुंचे। यह रकम केंद्र की सहायता के बदले एडवांस के तौर पर दी जा रही है। फडणवीस ने साफ कहा कि केंद्र से जो मदद मिलनी है, वह आने पर जरूर दी जाएगी।

Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार लाभार्थियों की अंतिम संख्या और कुल खर्च अभी तय नहीं है, क्योंकि पात्रता के नियम (eligibility criteria) फाइनल होने बाकी हैं। इसलिए किसानों को आधिकारिक GR और जिला प्रशासन की सूचना का इंतजार करना चाहिए।

40 नए तालुके जुड़े, 12 रियायतें लागू

PTI के हवाले से NDTV और BusinessLine ने बताया कि पिछले महीने 265 तालुकों में सूखा घोषित हुआ था। शिकायतों की जांच के बाद 40 और तालुके जोड़े गए और इसके लिए पूरक सरकारी आदेश (GR) जारी कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा, “सभी 12 मानक सूखा राहत रियायतें अब इन 305 तालुकों पर लागू होंगी।” पिछले महीने घोषित उपायों में फसल कर्ज का पुनर्गठन, भू-राजस्व में छूट और बिजली बिल में राहत जैसे कदम शामिल थे।

आमतौर पर सूखा नवंबर के अंत तक घोषित होता है और मदद दिसंबर तक पहुंचती है। इस बार हालात की गंभीरता देखते हुए अक्टूबर में ही अधिसूचना जारी कर दी गई।

और क्या-क्या घोषणाएं हुईं

  • कर्ज राहत: 3.5 लाख और किसानों की प्रमाणित सूची तय कार्यक्रम के तहत कर्ज राहत भुगतान के लिए प्रोसेस की गई है।
  • बच्चों की फीस माफी: 1992 के प्रस्ताव की पुरानी शर्तें हटाई गईं, अब प्रभावित इलाकों में किसानों के बच्चों के लिए शैक्षणिक फीस छूट सभी पर लागू होगी।
  • जबरन वसूली पर रोक: जिला केंद्रीय सहकारी (DCC) बैंकों और क्रेडिट सोसाइटियों को सख्त चेतावनी; निजी बैंकों के साथ भी बात चल रही है। बकाया बिजली बिल के लिए भी दबाव की इजाजत नहीं।
  • मुफ्त बिजली: राज्य नीति के तहत 7.5 HP तक के कृषि पंपों को मुफ्त बिजली।
  • पानी: मराठवाड़ा के ऑब्जर्वेशन कुओं में भूजल 3 मीटर से नीचे; अक्टूबर-नवंबर में जल्दी टैंकर लगेंगे और हर टैंकर GPS से ट्रैक होगा। करीब 16,000 अवैध पानी कनेक्शन काटे गए।
  • चारा: इलाके के हिसाब से 90 दिन से 7 महीने तक का चारा भंडार। जहां सिंचाई का पानी है वहां रबी ज्वार और चारा फसल की सलाह; सरकार उपजे चारे को MSP पर खरीदेगी।

विपक्ष और किसान संगठन क्या कह रहे हैं

Indian Express के अनुसार अखिल भारतीय किसान सभा (AIKS) ने ₹5,000 को खरीफ नुकसान के मुकाबले बहुत कम बताते हुए इसे “क्रूर मजाक” कहा। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने प्रति हेक्टेयर ₹1 लाख मदद की मांग दोहराई। सरकारी सूत्रों का कहना है कि यह केवल अंतरिम राहत है, ताकि किसान त्योहार से पहले जरूरी खर्च चला सकें।

आप पर क्या असर पड़ेगा / आगे क्या

  • बैंक खाता चालू रखें: पैसा सीधे खाते में आना है, इसलिए खाता सक्रिय है या नहीं, यह बैंक शाखा या पासबुक से जांच लें।
  • GR और सूची देखें: आपका तालुका 305 की सूची में है या नहीं, यह तहसील/कृषि कार्यालय से पुष्टि करें। पात्रता नियम आने तक अफवाहों पर भरोसा न करें।
  • ठगी से बचें: “₹5,000 पाने के लिए OTP बताइए” जैसे कॉल या लिंक पूरी तरह फर्जी हो सकते हैं। सरकारी सहायता के लिए कोई OTP या फीस नहीं मांगता।
  • वसूली का दबाव हो तो: सहकारी बैंक या सोसाइटी जबरदस्ती करे तो इसकी शिकायत जिला सहकारी उप-निबंधक या तहसील कार्यालय में करें, क्योंकि सरकार ने इस पर रोक की चेतावनी दी है।
  • आगे: केंद्र की टीम के आकलन के बाद असली सूखा पैकेज तय होगा। ₹5,000 उसी का एडवांस है, यानी अंतिम मदद बाद में आएगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

₹5,000 कब तक मिलेंगे?

सरकार ने दिवाली से पहले बैंक खातों में जमा करने की बात कही है। सटीक तारीख आधिकारिक आदेश से साफ होगी।

कितने तालुके सूखाग्रस्त हैं?

358 में से 305 तालुके। पहले 265 थे, 40 नए जोड़े गए।

क्या यह अंतिम सूखा सहायता है?

नहीं। मुख्यमंत्री के मुताबिक यह केंद्र की सहायता का एडवांस है; केंद्र की मदद आने पर वह अलग से दी जाएगी।

कितने किसानों को फायदा होगा?

अंतिम संख्या अभी तय नहीं है, क्योंकि पात्रता के नियम फाइनल होने बाकी हैं।

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