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6 नवम्बर 2026, शुक्र

पीएम मोदी कनाडा दौरा 11-12 दिसंबर को: कार्नी से फोन के बाद तारीख तय, CEPA ट्रेड डील पर नजर; जानें भारत के लिए क्यों अहम

G7 शिखर सम्मेलन, एवियां में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी हाथ मिलाते हुए—मोदी के कनाडा दौरे की फाइल फोटो

भारत और कनाडा के रिश्तों में पिछले डेढ़ साल से चल रहा “रीसेट” अब एक बड़े पड़ाव की ओर बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11-12 दिसंबर 2026 को कनाडा जाएंगे। ओटावा स्थित भारतीय उच्चायोग ने X पर पोस्ट कर इन तारीखों की पुष्टि की। यह घोषणा मंगलवार, 13 अक्टूबर को मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच हुई फोन बातचीत के बाद आई है। पीएम मोदी कनाडा दौरा इसलिए खास माना जा रहा है, क्योंकि दोनों देश इसी साल के अंत तक व्यापक व्यापार समझौते (CEPA) की बातचीत पूरी करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं।

फोन पर क्या बात हुई

मोदी ने X पर लिखा कि कार्नी के साथ उनकी बातचीत “गर्मजोशी भरी और सार्थक” रही और दोनों नेता व्यापार, ऊर्जा, तकनीक, सुरक्षा और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में ठोस नतीजों की दिशा में काम करने पर सहमत हुए। कनाडाई प्रधानमंत्री कार्यालय के बयान के मुताबिक दोनों नेताओं ने CEPA की बातचीत “जल्द से जल्द” पूरी करने की प्रतिबद्धता दोहराई, ताकि 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना किया जा सके। बयान के अनुसार कार्नी ने यूक्रेन युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान की कोशिशों के लिए मोदी का धन्यवाद भी किया। दोनों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र की भू-राजनीतिक अस्थिरता और ऊर्जा व कृषि में भरोसेमंद साझेदारों की जरूरत पर भी चर्चा की।

इसी हफ्ते दिल्ली में थे कनाडा के दो मंत्री

दौरे की तैयारी का अंदाजा इसी से लगता है कि कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने बुधवार, 14 अक्टूबर को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की। The Hindu के मुताबिक उन्होंने ही संकेत दिया था कि मोदी दिसंबर में कनाडा जाएंगे। विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार बैठक में सुरक्षा, रक्षा और ऊर्जा सहयोग बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई।

उधर कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू 12 से 17 अक्टूबर तक करीब 300 प्रतिनिधियों के “टीम कनाडा ट्रेड मिशन” के साथ मुंबई और बेंगलुरु में हैं। कनाडा सरकार के मुताबिक यह 30 साल से ज्यादा समय में भारत भेजा गया उसका सबसे बड़ा व्यापार प्रतिनिधिमंडल है। सिद्धू ने वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से भी मुलाकात की।

तल्खी से रीसेट तक: रिश्तों की टाइमलाइन

  • 2023: तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या से भारत सरकार के एजेंटों के संभावित संबंध का आरोप लगाया, जिसे भारत ने बेतुका और प्रेरित बताकर खारिज कर दिया।
  • अक्टूबर 2024: तनाव इतना बढ़ा कि दोनों देशों ने एक-दूसरे के छह-छह राजनयिकों को निष्कासित कर दिया।
  • 2025: मार्क कार्नी के प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी जून में कनानास्किस (कनाडा) में G7 शिखर सम्मेलन में शामिल हुए। इसके बाद दोनों देशों के राजनयिक प्रतिनिधि अपने-अपने मिशनों में लौटे।
  • फरवरी-मार्च 2026: कार्नी 27 फरवरी से 2 मार्च तक भारत आए। संयुक्त बयान के मुताबिक यह 2018 के बाद किसी कनाडाई प्रधानमंत्री की पहली द्विपक्षीय भारत यात्रा थी। इसी दौरान CEPA पर औपचारिक बातचीत शुरू हुई और 2026 के अंत तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया।
  • जून 2026: फ्रांस के एवियां में G7 शिखर सम्मेलन के दौरान 16 जून को दोनों नेताओं की द्विपक्षीय मुलाकात हुई।

व्यापार और ऊर्जा: दांव पर क्या है

कनाडा सरकार के आंकड़ों के मुताबिक 2025 में दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का कुल व्यापार 30.4 अरब कनाडाई डॉलर रहा। भारत से कनाडा को कीमती पत्थर-धातु, मशीनरी और दवाएं जाती हैं, जबकि कनाडा से सब्जियां (इस श्रेणी में दालें भी आती हैं), खनिज ईंधन और लकड़ी की लुगदी आती है। मार्च के संयुक्त बयान में 2030 तक व्यापार को 70 अरब कनाडाई डॉलर (करीब ₹4.65 लाख करोड़) तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया था। उसी यात्रा में कनाडाई कंपनी कैमेको और भारत के परमाणु ऊर्जा विभाग के बीच 2.6 अरब कनाडाई डॉलर का यूरेनियम सप्लाई समझौता भी हुआ था, जबकि भारत ने कनाडा से LNG खरीदने की इच्छा जताई थी।

आप पर क्या असर पड़ेगा, आगे क्या देखें

  • छात्र और प्रोफेशनल्स: कनाडा भारतीय छात्रों का बड़ा ठिकाना है। मार्च में हुए समझौते के तहत AICTE और MITACS के कार्यक्रम से हर साल करीब 300 भारतीय अंडरग्रेजुएट छात्रों को कनाडा में रिसर्च इंटर्नशिप मिलनी है। हालांकि दौरे को लेकर अब तक वीजा या इमिग्रेशन नियमों में किसी बदलाव की घोषणा नहीं हुई है, इसलिए ऐसी अफवाहों से बचें।
  • कारोबारी और निर्यातक: CEPA पूरा हुआ तो कई सामानों पर शुल्क घट सकता है, लेकिन इसकी शर्तें अभी सार्वजनिक नहीं हैं। दिसंबर दौरे तक बातचीत कहां पहुंचती है, यही सबसे बड़ा संकेत होगा।
  • ऊर्जा सुरक्षा: यूरेनियम, LNG और LPG की लंबी अवधि की सप्लाई से भारत के ऊर्जा स्रोतों में विविधता आ सकती है।

दौरे का विस्तृत कार्यक्रम, यानी किन शहरों में बैठकें होंगी और किन समझौतों पर दस्तखत होंगे, अभी जारी नहीं हुआ है।

मोदी इससे पहले कनाडा कब गए थे?

पिछली बार जून 2025 में G7 शिखर सम्मेलन के लिए कनानास्किस गए थे। उससे पहले 2015 में उन्होंने कनाडा की द्विपक्षीय यात्रा की थी।

CEPA क्या है?

व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) एक तरह का मुक्त व्यापार समझौता है, जिसमें सामान, सेवाओं और निवेश से जुड़े शुल्क व नियम आसान किए जाते हैं।

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