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6 नवम्बर 2026, शुक्र

PNB में बड़ी कार्रवाई: शाखाओं के कैश केबिन में मिले बाहरी लोग, कई ब्रांच हेड सस्पेंड; ग्राहकों पर क्या असर

पंजाब नेशनल बैंक की एक शाखा

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में बैंकिंग नियमों के पालन को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। Moneylife, पंजाब केसरी और बैंकिंग पोर्टल HelloBanker की रिपोर्ट्स के मुताबिक, औचक निरीक्षण में कई शाखाओं के कैश सेक्शन और कंप्यूटर पर बाहरी (अनधिकृत) लोग काम करते पाए गए, जिसके बाद बैंक ने देशभर में कई ब्रांच हेड को सस्पेंड कर दिया है। शुरुआती रिपोर्ट्स में करीब 20 ब्रांच हेड के निलंबन की बात कही गई थी, जबकि HelloBanker की अपडेटेड रिपोर्ट में यह संख्या करीब 50 बताई गई है। ध्यान रहे, बैंक की ओर से निलंबित अधिकारियों की आधिकारिक संख्या सार्वजनिक रूप से जारी नहीं की गई है।

क्या है पूरा मामला?

रिपोर्ट्स के अनुसार, बैंक ने अपने जोनल ऑडिट ऑफिस (ZAO) के वरिष्ठ अधिकारियों और इंटरनल ऑडिटर्स को शाखाओं में जाकर कामकाज की जांच करने को कहा था। इन अधिकारियों ने पहचान छिपाकर (इनकॉग्निटो) शाखाओं का दौरा किया। आरोप है कि कुछ शाखाओं में ऐसे निजी लोग मौजूद मिले जो बैंक कर्मचारी नहीं थे, लेकिन ग्राहकों के काम, नकदी संभालने और ब्रांच के कंप्यूटर पर काम करने में मदद कर रहे थे।

Moneylife ने एक ऐसे ही मामले का जिक्र किया है, जिसमें 27 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब 11:27 बजे एक बाहरी व्यक्ति कैश केबिन में कैशियर की मदद करता मिला। रिपोर्ट के मुताबिक CCTV फुटेज की जांच में यह भी दिखा कि वह व्यक्ति रोज शाम करीब 4 से 5 बजे के बीच कैश क्लोजिंग में मदद करता था। संबंधित ब्रांच हेड से अगले दिन दोपहर 12 बजे तक लिखित जवाब मांगा गया कि लापरवाही और दिशानिर्देशों के उल्लंघन के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए।

बैंक का नियम क्या कहता है?

बैंक की नीति के तहत कोई भी अनधिकृत बाहरी व्यक्ति शाखा के अंदर बैठकर बैंकिंग कामकाज में दखल नहीं दे सकता। इसी नीति का हवाला देकर कार्रवाई की गई है। HelloBanker की रिपोर्ट के मुताबिक, बैंक के HR मैनेजमेंट डिवीजन ने 30 अक्टूबर 2026 को सभी शाखाओं और दफ्तरों के लिए एक एडवाइजरी भी जारी की। इसमें कहा गया है कि:

  • कोर बैंकिंग सिस्टम (CBS), कंप्यूटर, रिकॉर्ड और बैंक के सामान तक पहुंच सिर्फ अधिकृत अधिकारियों तक सीमित रहे।
  • यूजर ID, पासवर्ड और दूसरे लॉगिन क्रेडेंशियल किसी भी हालत में किसी से साझा न किए जाएं।
  • बाहरी लोगों की अनधिकृत पहुंच से जुड़े मौजूदा निर्देशों का सख्ती से पालन हो।
  • उल्लंघन पर मौजूदा नियमों के तहत सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

कर्मचारियों का पक्ष: स्टाफ की भारी कमी

मामले का दूसरा पहलू भी है। रिपोर्ट्स के अनुसार कई ब्रांच हेड का कहना है कि शाखाओं में स्टाफ की गंभीर कमी है, इसलिए कुछ जगहों पर जनरेटर ऑपरेटर, रिकवरी एजेंट, बीमा कंपनी के कर्मचारी, PTS कर्मी और सब-स्टाफ जैसे लोगों की मदद ली जा रही थी, ताकि ग्राहकों की भीड़ संभाली जा सके।

ऑल इंडिया पंजाब नेशनल बैंक ऑफिसर्स फेडरेशन (AIPNBOF) ने 30 अक्टूबर 2026 के सर्कुलर में बैंक के MD और CEO से मांग की है कि किसी एक अधिकारी पर जिम्मेदारी तय करने से पहले करीब 10,500 शाखाओं में स्टाफिंग, सुरक्षा इंतजाम और निगरानी व्यवस्था का निष्पक्ष ऑडिट कराया जाए। The Kanal की रिपोर्ट के मुताबिक फेडरेशन के महासचिव कृष्ण कुमार ने कहा कि “जल्दबाजी में की गई कार्रवाई से कोई मकसद पूरा नहीं होगा।” फेडरेशन का तर्क है कि जवाबदेही सिर्फ आखिरी स्तर के अधिकारी तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि जोनल, सर्कल और कॉरपोरेट ऑफिस की भूमिका भी जांची जानी चाहिए।

पृष्ठभूमि: यह मामला अहम क्यों है?

PNB देश के सबसे बड़े सरकारी बैंकों में से एक है। बैंक शाखा का कैश केबिन और कोर बैंकिंग सिस्टम सबसे संवेदनशील हिस्से होते हैं, जहां ग्राहकों के पैसे और खातों की जानकारी होती है। अगर वहां कोई बाहरी व्यक्ति बिना जवाबदेही के काम करे, तो धोखाधड़ी, डेटा लीक या नकदी की गड़बड़ी का खतरा बढ़ जाता है। दूसरी ओर, सरकारी बैंकों में स्टाफ की कमी का मुद्दा भी लंबे समय से कर्मचारी संगठन उठाते रहे हैं। यह मामला इन दोनों सवालों को एक साथ सामने लाता है।

आप पर क्या असर पड़ेगा?

अगर आपका खाता PNB में है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। अब तक किसी रिपोर्ट में यह नहीं कहा गया है कि इन मामलों में ग्राहकों का पैसा डूबा है। उल्टा, सख्ती का मकसद शाखाओं में सुरक्षा बढ़ाना है। हालांकि कुछ दिनों तक कुछ शाखाओं में काम धीमा हो सकता है, क्योंकि जो मदद पहले बाहरी लोगों से ली जा रही थी, वह अब बंद होगी। ग्राहक ये सावधानियां जरूर रखें:

  • नकद जमा या निकासी सिर्फ काउंटर पर बैठे बैंक कर्मचारी को ही दें और रसीद/पासबुक एंट्री जरूर लें।
  • फॉर्म भरने या “जल्दी काम करवाने” के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति को पैसे, OTP, ATM PIN या चेक न दें।
  • खाते में हर लेनदेन का SMS अलर्ट चालू रखें और कोई गड़बड़ी दिखे तो तुरंत शाखा या बैंक के कस्टमर केयर पर शिकायत करें।
  • छोटे कामों के लिए PNB ONE ऐप, नेट बैंकिंग या ATM जैसे डिजिटल विकल्प इस्तेमाल करें, ताकि शाखा की लाइन से बचें।

आगे क्या?

अब नजर इस पर है कि बैंक निलंबित अधिकारियों के जवाब के बाद क्या फैसला लेता है और क्या अधिकारी संगठन की स्टाफिंग ऑडिट की मांग पर कोई कदम उठाया जाता है। बैंक की ओर से कोई आधिकारिक बयान या नई जानकारी आने पर यह खबर अपडेट की जाएगी।

स्रोत: Moneylife, पंजाब केसरी, HelloBanker, The Kanal की रिपोर्ट्स। निलंबन की संख्या रिपोर्ट्स पर आधारित है; बैंक ने आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है।

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