शेयर बाजार भले ही लगातार दबाव में हो, लेकिन आम भारतीय निवेशक ने हाथ नहीं खींचा। म्यूचुअल फंड्स की संस्था AMFI के सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर 2026 में SIP के जरिए रिकॉर्ड 32,490 करोड़ रुपये का निवेश आया। यह अब तक का सबसे ऊंचा मासिक आंकड़ा है।
और यह तब हुआ जब सितंबर में निफ्टी 50 करीब 6.1% टूटा और विदेशी निवेशकों ने बाजार से करीब 3.75 अरब डॉलर निकाले।
SIP Inflows Record: आंकड़े क्या कहते हैं?
AMFI डेटा के मुताबिक, अगस्त में SIP से 32,297 करोड़ रुपये आए थे। सितंबर में यह करीब 0.6% बढ़कर 32,490 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले साल सितंबर 2025 में यही आंकड़ा 29,361 करोड़ रुपये था, यानी सालाना आधार पर करीब 11% की बढ़त।
- लगातार सातवें महीने SIP निवेश 30,000 करोड़ रुपये के पार रहा।
- सितंबर में करीब 63 लाख नए SIP खाते खुले, जबकि लगभग 50 लाख खाते बंद हुए या मैच्योर हुए।
- SIP स्टॉपेज रेशियो अगस्त के 81% से घटकर 79.3% पर आ गया।
- द हिंदू के मुताबिक, SIP से जुड़ी संपत्ति 17.86 लाख करोड़ रुपये है, जो पूरी इंडस्ट्री के AUM का 21.6% है।
इक्विटी फंड्स में 31% ज्यादा पैसा
सिर्फ SIP ही नहीं, इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में कुल नेट इनफ्लो भी तेजी से बढ़ा। सितंबर में इक्विटी फंड्स में करीब 38,307 करोड़ रुपये आए, जबकि अगस्त में यह 29,328 करोड़ रुपये था। इंडिया टुडे के मुताबिक यह पांच महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है। इक्विटी फंड्स में यह लगातार 67वां महीना है जब नेट इनफ्लो पॉजिटिव रहा।
स्मॉल कैप और मिड कैप सबसे आगे
इस बार निवेशकों का सबसे ज्यादा भरोसा छोटी और मझोली कंपनियों वाले फंड्स पर दिखा:
- स्मॉल कैप फंड्स: करीब 9,039 करोड़ रुपये
- मिड कैप फंड्स: करीब 7,835 करोड़ रुपये
- फ्लेक्सी कैप फंड्स: करीब 6,702 करोड़ रुपये
- लार्ज एंड मिड कैप फंड्स: करीब 4,271 करोड़ रुपये
अगस्त में लार्ज कैप फंड्स से पैसा निकला था, लेकिन सितंबर में इनमें करीब 859 करोड़ रुपये का नेट निवेश आया। वहीं ELSS से करीब 662 करोड़ रुपये निकले।
सोने-चांदी के ETF भी चमके
बाजार की उठा-पटक के बीच निवेशकों ने कीमती धातुओं का भी सहारा लिया। गोल्ड ETF में सितंबर में करीब 4,451 करोड़ रुपये आए, यानी करीब 71% की छलांग। सिल्वर ETF में 1,974 करोड़ रुपये और इक्विटी ETF में करीब 9,960 करोड़ रुपये का निवेश आया।
फिर इंडस्ट्री का AUM क्यों घटा?
यहां एक दिलचस्प तस्वीर है। इक्विटी में पैसा आया, फिर भी पूरी म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का AUM अगस्त के 87.08 लाख करोड़ से घटकर सितंबर के अंत में 82.64 लाख करोड़ रुपये रह गया। हालांकि सालभर पहले के 75.61 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले यह अब भी करीब 9.3% ज्यादा है।
इसकी बड़ी वजह डेट फंड्स से भारी निकासी रही। डेट स्कीमों से सितंबर में करीब 1.83 लाख करोड़ रुपये निकले, जिनमें लिक्विड फंड्स (करीब 95,743 करोड़) और मनी मार्केट फंड्स (करीब 50,846 करोड़) सबसे ऊपर रहे। रोहित सरीन के मुताबिक ये हलचल लिक्विडिटी से जुड़ी जरूरतों और पोर्टफोलियो रीबैलेंसिंग की ओर इशारा करती है। साथ ही बाजार गिरने से इक्विटी होल्डिंग्स की वैल्यू घटने का असर भी AUM पर पड़ता है।
एक्सपर्ट्स क्या कह रहे हैं?
AMFI के चीफ एग्जीक्यूटिव वेंकट चलसानी ने कहा कि बढ़ती महंगाई, ऊंचे कच्चे तेल और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ने के बावजूद घरेलू निवेश, खासकर SIP, बाजार को सहारा देते रहे।
129 वेल्थ के फंड मैनेजर प्रसेनजीत पॉल ने इसे भारतीय बाजार में “स्ट्रक्चरल बदलाव” बताया और कहा कि उन्हें नहीं लगता कि SIP का यह प्रवाह जल्द धीमा होगा। क्लाइंट एसोसिएट्स के को-फाउंडर रोहित सरीन ने निवेशकों को सलाह दी कि छोटी अवधि की उठा-पटक पर घबराने के बजाय अनुशासित एसेट एलोकेशन पर ध्यान दें।
सोमवार को भी बाजार में यही बेचैनी दिखी। शुरुआती बढ़त के बाद दोपहर तक सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में फिसल गए। यानी विदेशी बिकवाली का दबाव बना हुआ है और घरेलू SIP का पैसा ही बाजार के लिए सबसे बड़ा सहारा बना हुआ है।
नोट: म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। यह खबर सिर्फ जानकारी के लिए है, निवेश सलाह नहीं।
FAQ: SIP निवेश रिकॉर्ड से जुड़े सवाल
प्रश्न 1: सितंबर 2026 में SIP से कितना निवेश आया?
उत्तर: AMFI के मुताबिक रिकॉर्ड 32,490 करोड़ रुपये।
प्रश्न 2: इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में सितंबर में कितना पैसा आया?
उत्तर: करीब 38,307 करोड़ रुपये, जो अगस्त से करीब 31% ज्यादा है।
प्रश्न 3: किस कैटेगरी में सबसे ज्यादा निवेश आया?
उत्तर: स्मॉल कैप फंड्स में, करीब 9,039 करोड़ रुपये।
प्रश्न 4: म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का AUM कितना है?
उत्तर: 30 सितंबर 2026 तक 82.64 लाख करोड़ रुपये।

