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6 नवम्बर 2026, शुक्र

आधार नाम अपडेट नए नियम: UIDAI SOP (18 सितंबर 2026)—क्या दस्तावेज़, कब गजट, कब बिना पेपर

आधार सेवा केंद्र का बाहरी दृश्य—नाम अपडेट SOP खबर

UIDAI ने आधार पर नाम अपडेट की नई Standard Operating Procedure (SOP) जारी की है, जो 18 सितंबर 2026 से प्रभावी है। इकोनॉमिक टाइम्स और इंडिया टुडे दोनों सर्कुलर का हवाला देते हुए बताते हैं कि पुरानी “एक्सेप्शन हैंडलिंग” वाली नाम-अपडेट प्रक्रिया इस संशोधित SOP (अनुलग्नकों सहित) से हटा दी गई है। Google Trends पर आधार नाम नियम की सर्च भी ऊँची है—इसलिए सही दस्तावेज़ सूची समझना ज़रूरी है, अफवाह नहीं।

नाम ब्लॉक लेटर्स में दर्ज होता है। उपनाम/उर्फ़, उपसर्ग, सैन्य रैंक, पदनाम, डॉट्स और विशेष चिह्न नाम में आमतौर पर अनुमति नहीं। अपडेट अनुरोध दस्तावेज़ में लिखी वर्तनी, क्रम और संक्षेपाक्षर के अनुसार ही होगा।

छोटा बदलाव, डेटा एंट्री गलती, शादी/तलाक—श्रेणियाँ अलग

मामूली (minor) नाम बदलाव में पहचान वही रहती है: इनिशियल का विस्तार/संक्षेप, मध्य/अंतिम नाम जोड़ना-हटाना, नाम का क्रम बदलना, या ध्वनि समान रखते हुए अंग्रेज़ी वर्तनी सुधार। ऐसे मामलों में लागू Proof of Identity (PoI) चाहिए; 18 वर्ष से कम पर Head of Family आधारित अपडेट में उपयुक्त PoR भी लग सकता है।

  • डेटा-एंट्री त्रुटि (वयस्क): Annexure B शपथपत्र + PoI/PoR; अनुरोधित नाम पहले जमा दस्तावेज़ से मेल खाना चाहिए
  • डेटा-एंट्री (नाबालिग): Annexure C + लागू PoI/PoR
  • शादी/तलाक पर सरनेम: Annexure D शपथपत्र + PoI; रजिस्टर्ड मैरिज सर्टिफिकेट सहायक हो सकता है (रिपोर्ट्स)
  • पूर्ण/बड़ा नाम परिवर्तन: राजपत्र (Gazette) अधिसूचना अनिवार्य + लागू PoI; बिना गजट के रिजेक्ट संभव

बिना दस्तावेज़ वाले सुधार—और ‘उर्फ़/alias’

कुछ सुधारों पर दस्तावेज़ नहीं लगते: बेतरतीब कैपिटल लेटर्स ठीक करना (जैसे RaMesh→Ramesh) और नाम से डॉट हटाना। ‘उर्फ़/alias’ हटाने/एक नाम रखने पर Annexure E (वयस्क) या F (नाबालिग) + PoI/PoR की बात रिपोर्ट्स में है। क्षेत्रीय भाषा में गलत और अंग्रेज़ी सही होने वाले केस भी नाम-अपडेट प्रक्रिया में कवर हैं।

आप पर क्या असर पड़ेगा

  • स्पेलिंग गलती वाले: पहले पता करें—मामूली सुधार है या डेटा-एंट्री; गलत श्रेणी चुनने से रिजेक्शन/देरी।
  • शादीशुदा महिलाएँ: सिर्फ मौखिक अनुरोध काफी नहीं; Annexure D + PoI तैयार रखें।
  • पूरा नाम बदलने वाले: गजट बिना बड़ा चेंज लगभग नहीं चलेगा—वकील/राजपत्र प्रक्रिया पहले पूरी करें।
  • बैंकिंग/पासपोर्ट/PAN मिलाप: आधार नाम बदलने के बाद अन्य KYC दस्तावेज़ों से मैच करवाएँ; सिर्फ आधार अपडेट से सब अपने-आप नहीं जुड़ता।

आगे क्या

SOP लागू हो चुकी है; UIDAI दस्तावेज़ों, शपथपत्रों और गजट की प्रामाणिकता जाँच सकता है। अपॉइंटमेंट/ऑनलाइन अपडेट स्क्रीन पर नया फॉर्मेट दिखे तो आधिकारिक uidai.gov.in गाइड को प्राथमिकता दें। नकली “तुरंत नाम बदलो” ऐप/एजेंट से बचें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

SOP कब से लागू है?

18 सितंबर 2026 को हस्ताक्षरित सर्कुलर की तारीख से प्रभावी (ET / India Today)।

क्या हर नाम सुधार के लिए गजट चाहिए?

नहीं। गजट मुख्यतः पूर्ण/पहचान बदलने वाले बड़े नाम परिवर्तन के लिए; मामूली सुधार और कई विशेष केस अलग दस्तावेज़ नियम से चलते हैं।

डॉट या गलत कैपिटल कैसे ठीक करें?

रिपोर्ट्स के अनुसार इन पर अक्सर अतिरिक्त दस्तावेज़ नहीं लगते; फिर भी सेंटर/पोर्टल निर्देश देखें।

ऑनलाइन कर सकते हैं या सेंटर जाना होगा?

अपडेट का माध्यम (माय आधार/सेवा केंद्र) अनुरोध प्रकार और बायोमेट्रिक जरूरत पर निर्भर; आधिकारिक पोर्टल पर वर्तमान विकल्प चेक करें।

स्रोत: The Economic Times (Sneha Kulkarni, Oct 2026), India Today (Ankita Garg, 5 Oct 2026), LiveMint/CNBC TV18 सार। प्रभावी तिथि 18 Sep 2026। दस्तावेज़ सूची श्रेणी-वार; गजट बड़े नाम परिवर्तन के लिए।

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