अगर आप जानना चाहते हैं कि कल यानी शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को मौसम कैसा रहेगा, तो छोटा जवाब है: देश के बड़े हिस्से में बादल और बारिश का दौर जारी रहेगा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुमान के मुताबिक 31 अक्टूबर को 25 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों में कहीं न कहीं बारिश की संभावना है। इसकी दो बड़ी वजहें हैं: कमजोर पड़ चुके चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का बचा हुआ सिस्टम और अंडमान सागर में बन रहा नया लो-प्रेशर एरिया।
मौसम क्यों बदला हुआ है? ‘अर्नब’ और नया सिस्टम
India Today की रिपोर्ट के अनुसार, अति गंभीर चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ अब काफी कमजोर हो चुका है। IMD के मुताबिक शुक्रवार सुबह 8:30 बजे इसका बचा हुआ सिस्टम लो-प्रेशर एरिया के रूप में उत्तर छत्तीसगढ़ और उससे सटे पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर था। यह और कमजोर होगा, लेकिन इससे जुड़ी हवाओं और ट्रफ (हवा के कम दबाव वाली पट्टी) की वजह से मध्य और पूर्वी भारत में बारिश बनी रह सकती है।
दूसरा और ज्यादा अहम सिस्टम दक्षिण अंडमान सागर में है। IMD का अनुमान है कि यह लो-प्रेशर एरिया 31 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी और अंडमान-निकोबार के पास डिप्रेशन (अवदाब) में बदल सकता है और फिर अगले दो दिनों में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ सकता है। इसके अलावा उत्तर पंजाब, दक्षिण गुजरात और असम के ऊपर अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण भी मौसम पर असर डाल रहे हैं।
दिल्ली-NCR: बादल, ठंडक, लेकिन भारी बारिश का अलर्ट नहीं
लाइव हिन्दुस्तान के मुताबिक शनिवार को दिल्ली में आसमान में बादल छाए रहेंगे। अधिकतम तापमान 26 से 28 डिग्री और न्यूनतम 15 से 17 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। अधिकतम तापमान सामान्य से 3.1 से 5 डिग्री तक कम रहने का अनुमान है, यानी दिन में भी हल्की ठंडक महसूस होगी। Times of India ने IMD के हवाले से दिल्ली-NCR में कहीं-कहीं हल्की बौछारों की संभावना बताई है, लेकिन दोनों रिपोर्टों में एक बात साफ है कि दिल्ली-NCR के लिए शनिवार को भारी बारिश या आंधी की कोई खास चेतावनी नहीं है। हवा धीमी रहेगी, करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटे तक।
उत्तर प्रदेश और बिहार का हाल
उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को कई जगह बारिश हुई और पश्चिमी यूपी के बिजनौर में 10 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। शनिवार को पूर्वी और पश्चिमी यूपी में छिटपुट बारिश हो सकती है, हालांकि इसका दायरा शुक्रवार से कम रहने की संभावना है। Times of India के अनुसार पूर्वी यूपी में गीला मौसम 4 नवंबर तक बना रह सकता है।
बिहार में 31 अक्टूबर को कुछ जगहों पर हल्की से छिटपुट बारिश का अनुमान है और भारी बारिश का कोई नया अलर्ट नहीं है। लेकिन एक जरूरी बात: IMD ने पूर्वी चंपारण और सीतामढ़ी जिलों के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों में 31 अक्टूबर सुबह 11:30 बजे तक कम से मध्यम स्तर के अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) के खतरे की बात कही है। निचले इलाकों में रहने वाले लोग सतर्क रहें। बिहार में भी छिटपुट बारिश 4 नवंबर तक जारी रह सकती है।
राजस्थान, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर
पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश हो सकती है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। राज्य के लिए आंधी या तेज हवा की कोई अलग चेतावनी नहीं है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 30 अक्टूबर से 2 नवंबर तक कहीं-कहीं बारिश का अनुमान है, लेकिन 31 अक्टूबर के लिए भारी बारिश का कोई बड़ा अलर्ट नहीं है। पहाड़ों पर सफर करने वाले लोग रास्तों की स्थिति देखकर ही निकलें।
छत्तीसगढ़, ओडिशा, दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत
अर्नब के बचे हुए सिस्टम के सबसे करीब होने के कारण छत्तीसगढ़ में शनिवार को काफी व्यापक बारिश का अनुमान है। ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल में छिटपुट बारिश हो सकती है। Times of India के अनुसार ओडिशा में 1 और 3 नवंबर को भारी बारिश और 2 नवंबर को कुछ जगह बहुत भारी बारिश का अनुमान है, जिसका संबंध बंगाल की खाड़ी के नए सिस्टम से है।
दक्षिण भारत में तटीय कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। लाइव हिन्दुस्तान के मुताबिक तेलंगाना में हवा 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है और झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। पूर्वोत्तर में अरुणाचल, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में छिटपुट बारिश के आसार हैं; अरुणाचल में 2 और 3 नवंबर को तथा असम-मेघालय में 3 नवंबर को कुछ जगह भारी बारिश का अनुमान है।
आप पर क्या असर पड़ेगा?
- किसान: धान की कटाई और रबी की बुवाई का समय है। खेतों में जल निकासी बनाए रखें, कटी हुई फसल को खुले में न छोड़ें और बुवाई से पहले 2-3 दिन का स्थानीय पूर्वानुमान जरूर देखें।
- यात्रा करने वाले: बिहार, ओडिशा और आंध्र तट की ओर जाने वाले लोग अगले कुछ दिनों तक मौसम अपडेट पर नजर रखें, क्योंकि बंगाल की खाड़ी का नया सिस्टम 1 से 3 नवंबर के बीच असर दिखा सकता है।
- सेहत: अचानक गिरे तापमान से सर्दी-जुकाम बढ़ सकता है। सुबह-शाम हल्के गर्म कपड़े रखें, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए।
- बिजली गिरना: जहां गरज-चमक की संभावना है, वहां खुले खेत, पेड़ के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें।
आगे क्या?
अगले 48 घंटों में सबसे अहम सिस्टम बंगाल की खाड़ी में बन रहा डिप्रेशन है। इसकी ताकत और यह आंध्र तट के कितने करीब पहुंचता है, इसी से तय होगा कि दक्षिण और पूर्वी भारत में बारिश कितनी तेज होगी। उत्तर भारत में बारिश धीरे-धीरे कम होगी, लेकिन तापमान सामान्य से नीचे रहने से नवंबर की शुरुआत में ठंड का अहसास बढ़ सकता है। मौसम पूर्वानुमान बदलते रहते हैं, इसलिए अपने जिले की ताजा जानकारी के लिए IMD की वेबसाइट mausam.imd.gov.in या ‘मौसम’ ऐप जरूर देखें।
स्रोत: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान पर आधारित लाइव हिन्दुस्तान, Times of India और India Today की 30 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट।

