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6 नवम्बर 2026, शुक्र

प्रयागराज नीले ड्रम कांड: गिनती पूरी, निकले 3 करोड़ 20 लाख 93 हजार रुपये; मकान में खुदाई जारी, निवेश के दस्तावेज भी मिले

500 रुपये के नोटों की प्रतीकात्मक तस्वीर

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में जमीन के नीचे दबे तीन नीले ड्रमों से मिली नकदी की गिनती आखिरकार पूरी हो गई है। आयकर विभाग ने शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को नोटों की गिनती खत्म की, जिसमें कुल 3 करोड़ 20 लाख 93 हजार रुपये होने की पुष्टि हुई है। यह मामला नवाबगंज थाना क्षेत्र के बरईपुर रामनगर गांव का है, जो पिछले कुछ दिनों से पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। गिनती पूरी होने के बाद भी मकान में खुदाई जारी है, क्योंकि जांच टीम को वहां और नकदी या आभूषण दबे होने की आशंका है।

क्या है पूरा मामला?

लाइव हिन्दुस्तान और दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, 28 अक्टूबर की रात पुलिस ने बरईपुर रामनगर गांव के निवासी राजेश यादव और राकेश यादव के मकान में दबिश दी थी। इस दौरान जमीन के अंदर दबाकर रखे गए तीन नीले ड्रम बरामद हुए। इन ड्रमों में कपड़े में लिपटे 500-500 रुपये के नोटों के बंडल भरे हुए थे। इतनी बड़ी रकम देखकर पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और आयकर विभाग को सूचना दी गई।

बरामदगी के बाद तीनों ड्रमों को सील करके नवाबगंज थाने के मालखाने में रखवा दिया गया था। शनिवार को आयकर विभाग की टीम ने मालखाने में ही मशीनों की मदद से नोटों की गिनती पूरी की। गिनती के बाद रकम को सीज करके फिर से मालखाने में सुरक्षित रख दिया गया है।

शुरुआती अनुमान और असली आंकड़े में फर्क

बरामदगी के बाद सोशल मीडिया और कुछ खबरों में रकम 8 से 10 करोड़ रुपये तक होने का अनुमान लगाया जा रहा था। लेकिन आयकर विभाग की आधिकारिक गिनती में यह रकम करीब 3.21 करोड़ रुपये निकली है। यानी शुरुआती अनुमान और असली आंकड़े में बड़ा अंतर है। ऐसे मामलों में हमेशा आधिकारिक गिनती पर ही भरोसा करना चाहिए, क्योंकि अनुमान अक्सर बढ़ा-चढ़ाकर बताए जाते हैं।

जांच में अब तक क्या सामने आया?

  • जांच टीम: आयकर विभाग के सहायक निदेशक अभय कुमार सोनकर के नेतृत्व में 14 सदस्यीय टीम जांच कर रही है। दैनिक जागरण के मुताबिक पहले छह सदस्यीय टीम पहुंची थी, बाद में आठ और अधिकारी बुलाए गए। वाराणसी से भी दो अधिकारी जांच में शामिल हुए।
  • दस्तावेज जब्त: टीम ने पिछले छह सालों में खरीदी गई अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज जब्त किए हैं।
  • निवेश की जानकारी: दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, जांच में राजेश यादव उर्फ बबलू और उसके परिवार के सदस्यों के नाम पर म्यूचुअल फंड, शेयर और एलआईसी में लाखों रुपये के निवेश की जानकारी सामने आई है। प्रयागराज और प्रतापगढ़ में जमीन खरीदने के दस्तावेज भी मिले हैं।
  • खुदाई जारी: पुलिस और आयकर विभाग की निगरानी में मजदूर शिफ्ट में मकान के अंदर खुदाई कर रहे हैं।

पुलिस का क्या कहना है?

डीसीपी गंगानगर सोनम कुमार के मुताबिक, आयकर विभाग ने तीनों ड्रमों के नोटों की गिनती पूरी कर ली है और मकान में सर्च ऑपरेशन जारी है। परिवार के सदस्यों और करीबी रिश्तेदारों से पूछताछ की जा रही है। डीसीपी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में साइबर अपराध या किसी अन्य बड़ी आपराधिक गतिविधि में संलिप्तता सामने नहीं आई है, लेकिन आरोपी रकम के स्रोत के बारे में अब तक साफ जवाब नहीं दे सका है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों भाइयों ने पूछताछ में बार-बार अपने बयान बदले। शुरुआत में उन्होंने नकदी को अपना बताया, लेकिन बाद में इससे मुकर गए। गांव वालों ने जांचकर्ताओं को बताया कि राजेश यादव पहले पुणे और मुंबई में काम करता था और कोविड के दौरान गांव लौट आया था। इसके बाद उसने चार गांवों में प्लॉट, ट्रैक्टर-ट्रॉली और एक पिकअप वाहन खरीदा। पुणे में किसी फर्म की रकम लेकर भागने की चर्चा भी सामने आई है, लेकिन पुलिस ने अब तक इसकी पुष्टि नहीं की है। यह ध्यान रखना जरूरी है कि अभी जांच जारी है और किसी पर कोई आरोप अदालत में साबित नहीं हुआ है।

आयकर विभाग ऐसे मामलों में क्या करता है?

जब किसी व्यक्ति के पास से भारी मात्रा में ऐसी नकदी मिलती है जिसका स्रोत वह नहीं बता पाता, तो आयकर कानून के तहत इसे “अघोषित आय” माना जा सकता है। ऐसी रकम पर भारी टैक्स और जुर्माना लगाया जा सकता है। विभाग पहले नकदी जब्त करता है, फिर व्यक्ति से उसकी आय और संपत्ति का हिसाब मांगता है। अगर स्रोत संतोषजनक नहीं होता, तो आगे की कार्रवाई होती है। अगर जांच में किसी अपराध से संबंध मिलता है, तो दूसरी एजेंसियां भी जांच में शामिल हो सकती हैं।

आप पर क्या असर पड़ेगा / आगे क्या?

आम लोगों के लिए यह मामला एक बड़ी सीख है। घर में बड़ी मात्रा में बिना हिसाब की नकदी रखना कानूनी रूप से जोखिम भरा है। अगर आपके पास नकदी है, तो उसका स्रोत (जैसे वेतन, खेती की आय, कारोबार या संपत्ति बिक्री) साबित करने वाले कागजात संभालकर रखें। बैंक में पैसा रखना न केवल सुरक्षित है, बल्कि इससे आपकी आय का रिकॉर्ड भी बनता है।

आगे की बात करें तो आयकर विभाग जब्त दस्तावेजों और निवेशों की जांच करेगा, ताकि पता चल सके कि यह रकम कहां से आई। मकान में खुदाई के नतीजे भी अगले कुछ दिनों में सामने आ सकते हैं। पुलिस और आयकर विभाग की आधिकारिक जानकारी आने पर ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी। इस मामले से जुड़े हर नए अपडेट के लिए TrendFlash से जुड़े रहें।

स्रोत: लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, टाइम्स ऑफ इंडिया।

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