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6 नवम्बर 2026, शुक्र

INDIA गठबंधन की रैली पर व्यापारी बनाम विपक्ष: CTI का दावा- 2.5 लाख दुकानें बंद, ₹10-12 हजार करोड़ के कारोबार पर असर; राहुल बोले- खरीदारी भी कीजिए

पुरानी दिल्ली का चांदनी चौक बाजार, जहां INDIA गठबंधन की रैली के चलते कारोबार पर असर का दावा किया गया

दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली के बीच राजधानी के कारोबारियों और विपक्ष के बीच भी जुबानी जंग छिड़ गई है। व्यापारियों के संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने रविवार (1 नवंबर 2026) को दावा किया कि रैली की वजह से रामलीला मैदान के 5 किलोमीटर दायरे के करीब 3 लाख दुकानों में से लगभग 2.5 लाख बंद रह सकती हैं और करीब 80% कारोबार ठप हो सकता है। संगठन ने 20 बड़े बाजारों में रोजाना 10,000 से 12,000 करोड़ रुपये के कारोबार पर असर की आशंका जताई है। वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रैली में आने वालों से दिल्ली के बाजारों में खरीदारी करने की अपील की है और भाजपा पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाया है। ध्यान रहे, बंद दुकानों और नुकसान के ये आंकड़े CTI के अपने अनुमान हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

CTI ने क्या-क्या दावे किए?

समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि राहुल गांधी ने भले ही लोगों से स्थानीय कारोबार को सहारा देने की अपील की हो, लेकिन जमीनी हालात अलग हैं और दुकानदारों व ग्राहकों में घबराहट है। गोयल ने सवाल किया, “जब दुकानें ही बंद रहेंगी तो रैली में आने वाले लोग खरीदारी करने कहां जाएंगे?” CTI के प्रमुख दावे:

  • रैली स्थल के 10 किलोमीटर दायरे में माल की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित, लोडिंग-अनलोडिंग लगभग ठप रहने की आशंका।
  • नरेला, बवाना, ओखला, मायापुरी, मुंडका और उद्योग नगर समेत 56 औद्योगिक क्षेत्रों से रोज करीब 5,000 ट्रक और टेंपो इन बाजारों तक माल लाते हैं; धनतेरस का माल गोदामों में अटका होने का दावा।
  • सोनीपत, पानीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, नोएडा, मेरठ, बहादुरगढ़ और झज्जर से आने वाले ग्राहक ट्रैफिक के डर से दिल्ली आने से बच सकते हैं।
  • रैली में आने वालों के लिए अनुमानित 15,000-20,000 बसों, कारों और टेंपो की पार्किंग पर सवाल; जेएलएन मार्ग, बहादुर शाह जफर मार्ग, नेताजी सुभाष मार्ग, अजमेरी गेट और चांदनी चौक रोड पर जाम की आशंका।
  • करीब 20 लाख व्यापारियों और व्यापार से जुड़े 75 लाख लोगों की रोजी-रोटी पर असर का दावा।

CTI ने इस मुद्दे पर राहुल गांधी को चौथी चिट्ठी लिखी है। गोयल ने कहा कि करीब 100 बड़े बाजार संघों ने रैली टालने की अपील की थी, लेकिन यह राजनीतिक नहीं बल्कि रोजी-रोटी का सवाल है। उन्होंने कहा, “हम व्यापारी हैं, बीजेपी के एजेंट नहीं।” CTI ने यह भी साफ किया कि वह रैली के खिलाफ नहीं है, बस दिवाली के कारोबार की कीमत पर रैली नहीं होनी चाहिए।

राहुल गांधी का जवाब: ‘प्रोटेस्ट भी कीजिए, खरीदारी भी’

रैली से एक दिन पहले राहुल गांधी ने X पर वीडियो संदेश में कहा था कि त्योहारों का मौसम है और बाहर से दिल्ली आ रहे लाखों लोग यहां के व्यापारियों की मदद करें। उन्होंने लिखा, “प्रोटेस्ट, मार्च, रैली कीजिए, साथ में थोड़ी सी खरीदारी भी कीजिए – व्यापारियों का फायदा हो जाएगा।” उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पता है रैली से व्यापारियों को नुकसान नहीं होगा और आरोप लगाया, “BJP डरी हुई है इसलिए अफवाह फैला रही है।” CTI ने इस अपील का स्वागत तो किया, लेकिन कहा कि पहले सड़कें खुली रहना सुनिश्चित किया जाए।

रैली किस मुद्दे पर है?

INDIA गठबंधन यह रैली मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रोकने की मांग को लेकर कर रहा है। विपक्ष का आरोप है कि SIR में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है; ये विपक्ष के आरोप हैं, जिनकी किसी अदालत या स्वतंत्र जांच में पुष्टि नहीं हुई है। रविवार दोपहर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव समेत विपक्षी नेता मिंटो रोड-कनॉट प्लेस जंक्शन से रामलीला मैदान की ओर मार्च पर निकले। भाजपा ने भी इसके जवाब में काउंटर मार्च का आह्वान किया है। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार सुरक्षा के लिए 3,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी और 10,000 अर्धसैनिक बल तैनात हैं और अधिकारियों को करीब 50,000 लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।

आप पर क्या असर पड़ेगा?

धनतेरस 6 नवंबर और दिवाली 8 नवंबर को है, इसलिए यह हफ्ता दिल्ली के बाजारों के लिए सबसे व्यस्त माना जाता है। अगर आज आप चांदनी चौक, सदर बाजार, चावड़ी बाजार या कनॉट प्लेस जैसे इलाकों में खरीदारी का प्लान बना रहे हैं, तो:

  • दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी देखकर ही निकलें; रामलीला मैदान के आसपास कई रास्तों पर डायवर्जन है।
  • निजी गाड़ी की बजाय मेट्रो बेहतर विकल्प है, क्योंकि मध्य और पुरानी दिल्ली में पार्किंग मिलना मुश्किल हो सकता है।
  • जिस दुकान पर जाना है, संभव हो तो पहले फोन करके पता कर लें कि वह खुली है या नहीं।

रैली शाम 5 बजे तक चलनी है। असल में कितनी दुकानें बंद रहीं और कारोबार पर कितना असर पड़ा, इसकी तस्वीर दिन ढलने के बाद ही साफ होगी। TrendFlash इस खबर पर नजर बनाए हुए है।

स्रोत: IANS, हिंदुस्तान टाइम्स, द हिंदू, इंडियन एक्सप्रेस, NDTV।

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