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6 नवम्बर 2026, शुक्र

दिल्ली CJP प्रदर्शन रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को दूसरे दिन में पहुंच गया। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शुरू हुए इस आंदोलन में शनिवार को 7,000 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया था। रविवार को सुप्रीम कोर्ट की विशेष बेंच ने सुनवाई कर राजधानी में मेट्रो, ट्रेन, इंटरनेट और लोगों की आवाजाही बहाल करने का आदेश दिया। वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के तीन प्रमुख नेताओं को भी रिहा कर दिया गया।

सुप्रीम कोर्ट ने रविवार को की विशेष सुनवाई

जस्टिस जे. बागची और जस्टिस वी. मोहना की विशेष बेंच ने वरिष्ठ वकीलों की दलीलें करीब दो घंटे तक सुनीं। वकीलों ने आवाजाही पर रोक और बड़े पैमाने पर कथित अवैध हिरासत का मुद्दा उठाया था।

यह एक अंतरिम आदेश है और मामले की अगली सुनवाई मंगलवार को होगी। कोर्ट ने शुक्रवार के अपने आदेश की कथित अवमानना वाली याचिका पर भी नोटिस जारी किया है।

कोर्ट के आदेश की मुख्य बातें

  • मेट्रो और रेल सेवाएं सामान्य रूप से चलेंगी, जब तक जनहित में नियम लागू करना जरूरी न हो।
  • ट्रैफिक नियमों के अधीन लोगों को शहर में आने-जाने की छूट होगी; बैरिकेडिंग की जरूरत की समीक्षा होगी।
  • इंटरनेट सेवाएं बाधित नहीं की जाएंगी।
  • BNSS की धारा 163 वाले इलाके के बाहर शांतिपूर्ण और निहत्थे लोगों को कानूनी प्रक्रिया के बिना हिरासत में नहीं लिया जाएगा।

CJP के तीन बड़े नेता रिहा

CJP की लीगल हेड रत्ना सिंह के अनुसार, संस्थापक अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को कार्यकारी मजिस्ट्रेट कोर्ट ने रिहा कर दिया। तीनों को शनिवार को दिल्ली पहुंचते ही हिरासत में ले लिया गया था और वे करीब 24 घंटे हिरासत में रहे।

शनिवार को किले में बदली दिल्ली

शनिवार को पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। रिपोर्ट्स के अनुसार हिरासत में लिए गए 7,000 से ज्यादा लोगों में विपक्षी नेता, पूर्व मुख्यमंत्री और यूट्यूबर ध्रुव राठी भी शामिल थे। राठी को शनिवार देर रात छोड़ दिया गया।

बिजनेस स्टैंडर्ड के मुताबिक राजधानी में 30,000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए और 45 मेट्रो स्टेशन बंद रहे, जिससे कई इलाकों में आवाजाही प्रभावित हुई।

आज भी ट्रैफिक पाबंदियां

रविवार को भी करीब 30 प्रमुख जगहों पर ट्रैफिक डायवर्जन की संभावना बताई गई है। पुलिस ने लोगों को गैर-जरूरी यात्रा से बचने और रेलवे स्टेशन, ISBT व एयरपोर्ट जाने के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी है।

क्यों हो रहा है विरोध?

विवाद की जड़ मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) है। रिपोर्ट्स के अनुसार इस प्रक्रिया में करीब 13 करोड़ नाम मतदाता सूचियों से हटाए जा चुके हैं। CJP और विपक्षी दल CEC ज्ञानेश कुमार पर पक्षपात और “वोट चोरी” के आरोप लगा रहे हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि यह मृत, डुप्लीकेट या अयोग्य मतदाताओं को हटाने की नियमित प्रक्रिया है।

CJP ने रविवार को भी प्रदर्शन का आह्वान किया है, जबकि विपक्ष ने सोमवार से नए प्रदर्शनों की घोषणा की है।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न 1: CJP प्रदर्शन किस मांग को लेकर है?

उत्तर: CJP मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनावी सुधारों की मांग कर रही है।

प्रश्न 2: सुप्रीम कोर्ट ने क्या आदेश दिया?

उत्तर: कोर्ट ने दिल्ली में मेट्रो, ट्रेन, इंटरनेट और आवाजाही बहाल करने तथा शांतिपूर्ण लोगों की गैरकानूनी हिरासत पर रोक का अंतरिम आदेश दिया।

प्रश्न 3: मामले की अगली सुनवाई कब है?

उत्तर: सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई मंगलवार को होगी।

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