हिसार के महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट से नियमित उड़ानों का इंतज़ार हरियाणा के लोग लंबे समय से कर रहे थे। जनवरी 2025 की शुरुआत में उम्मीद और बढ़ गई, जब राज्य के मुख्य सचिव विवेक जोशी ने रविवार, 5 जनवरी को एयरपोर्ट का दौरा किया और विकास कार्यों की समीक्षा की। यह पोस्ट उसी दौरे के बाद लिखी गई थी। यहां निरीक्षण से जुड़े तथ्यों को उस समय की रिपोर्ट्स से मिलाकर ठीक किया गया है, और यह भी जोड़ा गया है कि आगे चलकर एयरपोर्ट से उड़ानें कब शुरू हुईं।
मुख्य सचिव के निरीक्षण में क्या हुआ
विवेक जोशी ने हवाई पट्टी, हैंगर, लाइटिंग और टर्मिनल का जायज़ा लिया। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि एयरपोर्ट के लिए ली गई ज़मीन में कौन-सा प्रोजेक्ट कहां बन रहा है, आगे की योजना क्या है और काम कब तक पूरा होगा। इसके बाद अधिकारियों के साथ बैठक में उन्हें प्रेजेंटेशन के ज़रिये अब तक के काम की जानकारी दी गई।
- बिजली विभाग ने बताया कि उसके हिस्से का सारा काम पूरा हो चुका है।
- पब्लिक हेल्थ से जुड़े काम जल्दी पूरे करने का भरोसा दिया गया।
- मुख्य सचिव ने तकनीकी पहलुओं और सुरक्षा मानकों पर खास ध्यान देने को कहा, और जल्द पूरे होने वाले प्रोजेक्ट्स की अपडेट रिपोर्ट मांगी।
- बैठक में संकेत मिले कि जनवरी में ही उड़ानें शुरू करने का लाइसेंस मिल सकता है। यह चर्चा भी हुई कि नए अंतरराष्ट्रीय स्तर के टर्मिनल का शिलान्यास प्रधानमंत्री से कराया जा सकता है।
सुधार: पुरानी पोस्ट में मुख्य सचिव के नाम से एक सीधा बयान उद्धरण के रूप में दिया गया था, जो उस समय की किसी रिपोर्ट में नहीं मिला। इसलिए उसे हटाकर ऊपर बैठक में दिए गए निर्देश लिखे गए हैं।
प्रोजेक्ट की स्थिति (जनवरी 2025)
हरियाणा एयरपोर्ट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के अधिकारियों के मुताबिक एयरपोर्ट को तीन चरणों में विकसित किया जा रहा था। उस समय दूसरे चरण का काम चल रहा था, जिसमें टर्मिनल भी शामिल था। पुरानी पोस्ट में लिखा था कि पहला चरण लगभग पूरा है और दूसरे चरण में बड़ा रनवे, आधुनिक टर्मिनल और कार्गो सुविधा बनेगी। अधिकारियों ने यह भी बताया कि जयपुर, अहमदाबाद, चंडीगढ़, अयोध्या और जम्मू के लिए उड़ानों के समझौते (MoU) हो चुके हैं।
हिसार एयरपोर्ट क्यों अहम है
- कनेक्टिविटी: हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, भिवानी और आसपास के लोगों को अब तक उड़ान के लिए दिल्ली या चंडीगढ़ जाना पड़ता है। नज़दीक एयरपोर्ट से समय और खर्च दोनों बचते हैं।
- निवेश और रोज़गार: एयरपोर्ट के आसपास होटल, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर में काम के मौके बनते हैं।
- व्यापार: कार्गो सुविधा से इलाके के कारोबारियों को सामान भेजने का नया रास्ता मिल सकता है।
आप पर क्या असर पड़ेगा / आगे क्या
छोटे शहरों के एयरपोर्ट से शुरुआत में हफ्ते में कुछ ही उड़ानें होती हैं, और ज़्यादातर छोटे विमान चलते हैं। इसलिए टिकट जल्दी बुक करना बेहतर रहता है। उड़ानों का शेड्यूल एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर ही देखें, क्योंकि शुरुआती महीनों में दिन और समय बदलते रहते हैं। छोटे एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच जल्दी हो जाती है, फिर भी कम से कम डेढ़ घंटा पहले पहुंचें। एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए सार्वजनिक परिवहन सीमित हो सकता है, इसलिए वापसी का इंतज़ाम पहले से सोच लें।
बाद में क्या हुआ: 14 अप्रैल 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिसार से अयोध्या की पहली व्यावसायिक उड़ान को हरी झंडी दिखाई। एलायंस एयर ने यह सेवा शुरू की। उसी दिन उन्होंने ₹410 करोड़ से ज़्यादा की लागत से बनने वाले नए टर्मिनल भवन का शिलान्यास भी किया, जिसमें यात्री टर्मिनल, कार्गो टर्मिनल और ATC भवन शामिल हैं। इसे दो साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया। घोषणा के मुताबिक अयोध्या के लिए हफ्ते में दो उड़ानें और जम्मू, अहमदाबाद, जयपुर व चंडीगढ़ के लिए हफ्ते में तीन-तीन उड़ानें तय की गईं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
हिसार एयरपोर्ट का पूरा नाम क्या है?
महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट, हिसार।
हिसार से पहली व्यावसायिक उड़ान कब शुरू हुई?
14 अप्रैल 2025 को, हिसार से अयोध्या के लिए।
मुख्य सचिव ने एयरपोर्ट का निरीक्षण कब किया था?
रविवार, 5 जनवरी 2025 को।
हिसार से किन शहरों के लिए उड़ानें तय हुईं?
अयोध्या के अलावा जम्मू, अहमदाबाद, जयपुर और चंडीगढ़। उड़ानों का ताज़ा शेड्यूल एयरलाइन की वेबसाइट पर ही देखें।
स्रोत: ETV भारत, अमर उजाला, The Hindu, Business Standard, Indian Express, ThePrint

