अडानी समूह की प्रमुख कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज (AEL) ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को सितंबर तिमाही (Q2 FY27) के नतीजे घोषित किए। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 55% गिरकर ₹1,492 करोड़ रहा, लेकिन इसकी मुख्य वजह पिछले साल की उसी तिमाही का ऊंचा आधार है। कंपनी की कुल आय और EBITDA में तेज उछाल दर्ज हुआ। अडानी की मीडिया विज्ञप्ति, पीटीआई (बिजनेस स्टैंडर्ड), बिजनेस टुडे और इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्टों के आधार पर विस्तृत ब्योरा यहां है।
Q2 FY27 के मुख्य आंकड़े
कंपनी की विज्ञप्ति के अनुसार (₹ करोड़ में):
- कुल आय: 38,023, जो पिछले साल की 21,844 के मुकाबले 74% ज्यादा है।
- EBITDA: 6,316, यानी 62% की बढ़त (पिछले साल 3,902)।
- कर-पूर्व मुनाफा (PBT): 2,002, जो 146% ज्यादा है (पिछले साल 814)।
- शुद्ध मुनाफा (मालिकों को): 1,492, जो 55% कम है (पिछले साल 3,304)।
इकोनॉमिक टाइम्स ने “ऑपरेशंस से राजस्व” ₹37,216 करोड़ (75% वृद्धि) बताया है, जबकि कंपनी ने कुल आय ₹38,023 करोड़ बताई है। बिजनेस टुडे ने ₹38,023.11 करोड़ को राजस्व कहा है। अंतर इन आंकड़ों की परिभाषा का दिखता है।
मुनाफा क्यों गिरा
पीटीआई के अनुसार पिछले साल की तिमाही में ₹3,583 करोड़ का असाधारण लाभ दर्ज हुआ था, जो मुख्य रूप से AWL एग्री बिजनेस में बची हिस्सेदारी की बिक्री से आया था। इस बार दोनों तिमाहियों में कोई असाधारण मद के बिना कर-पूर्व मुनाफा 146% बढ़ा है। यानी गिरावट कमजोर कारोबार की बजाय ऊंचे आधार का नतीजा है, जैसा कंपनी के आंकड़े दिखाते हैं।
तांबा संयंत्र बना सबसे बड़ा सहारा
पीटीआई के मुताबिक मुंद्रा कॉपर स्मेल्टर मुख्य चालक रहा। खंड का ब्याज-पूर्व कर मुनाफा ₹1,038 करोड़ रहा, जबकि एक साल पहले ₹278 करोड़ का घाटा था। बिक्री मात्रा 11,800 टन से बढ़कर 80,600 टन हो गई। विज्ञप्ति के अनुसार पहली छमाही का कॉपर EBITDA ₹2,033 करोड़ रहा और पहली छमाही में कॉपर बिक्री मात्रा 5.2 गुना बढ़ी।
पहली छमाही का हाल
- छमाही आय 62% बढ़कर ₹71,569 करोड़ और EBITDA 56% बढ़कर ₹11,958 करोड़ रहा, जिसे कंपनी ने अपना अब तक का सबसे ऊंचा छमाही EBITDA बताया।
- मालिकों को मिलने वाला छमाही मुनाफा 92% गिरकर ₹332 करोड़ रहा। पीटीआई के अनुसार इसकी वजह पहली तिमाही में अमेरिकी ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) के साथ 27.5 करोड़ डॉलर के समझौते पर ₹2,644 करोड़ का शुल्क रहा।
- इस शुल्क को छोड़ दें तो छमाही का कर-पूर्व मुनाफा 45% बढ़कर ₹3,297 करोड़ रहा।
बिजनेस टुडे के अनुसार पहली तिमाही (Q1 FY27) में कंपनी को ₹1,160.23 करोड़ का घाटा हुआ था, इसलिए तिमाही दर तिमाही आधार पर कंपनी मुनाफे में लौटी। राजस्व पहली तिमाही के ₹33,546.26 करोड़ से 13.35% बढ़ा।
अन्य कारोबारी अपडेट
- कंपनी की विज्ञप्ति के अनुसार ANIL सोलर मॉड्यूल लाइन सितंबर 2026 में 4.3 GW टॉपकॉन चालू होने के साथ 10 GW तक पहुंच गई।
- अडानीकनेक्स ने नवी मुंबई डेटा सेंटर के लिए 240 MW का नया हाइपरस्केल ऑर्डर हासिल किया।
- CARE ने कंपनी की दीर्घकालिक क्रेडिट रेटिंग बढ़ाकर AA/स्टेबल की, जो कंपनी के अनुसार उसके इतिहास की सर्वोच्च रेटिंग है।
स्टैंडअलोन आंकड़े और कर खर्च
हिंदू बिजनेसलाइन की लाइव अपडेट के अनुसार कंपनी का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा Q2 FY27 में ₹1,224.45 करोड़ रहा। यह जून 2026 तिमाही के ₹890.34 करोड़ के घाटे और पिछले साल की Q2 के ₹4,235.39 करोड़ से तुलना में दर्ज किया गया। बिजनेस टुडे के अनुसार तिमाही का कर खर्च ₹947.32 करोड़ रहा, जो पिछले साल की उसी तिमाही के ₹1,001.07 करोड़ से कम है, पर पिछली तिमाही के ₹219.04 करोड़ से ज्यादा। कंसोलिडेटेड और स्टैंडअलोन आंकड़े अलग-अलग होते हैं, इसलिए तुलना करते समय एक ही आधार चुनें।
शेयर पर असर
हिंदू बिजनेसलाइन के अनुसार बुधवार को नतीजों के बाद शेयर करीब ₹2,474.80 पर लगभग सपाट रहा। यह निवेश सलाह नहीं है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
अडानी एंटरप्राइजेज का Q2 FY27 का शुद्ध मुनाफा कितना रहा?
₹1,492 करोड़, जो पिछले साल की उसी तिमाही के ₹3,304 करोड़ से 55% कम है।
मुनाफा गिरने की वजह क्या है?
पिछले साल की तिमाही में ₹3,583 करोड़ का असाधारण लाभ शामिल था।
EBITDA कितना बढ़ा?
62% बढ़कर ₹6,316 करोड़।
नोट: आंकड़े 28 अक्टूबर 2026 की कंपनी विज्ञप्ति और रिपोर्टों के अनुसार हैं।

