अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (APSEZ) ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को सितंबर तिमाही (Q2 FY27) के नतीजे जारी किए। कंपनी के बयान और बिज़नेस स्टैंडर्ड व इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्टों के अनुसार समेकित शुद्ध मुनाफा 18% बढ़कर ₹3,682 करोड़ और राजस्व 24% बढ़कर ₹11,340 करोड़ रहा। कंपनी ने पूरे वित्त वर्ष FY27 के राजस्व, EBITDA और पूंजीगत खर्च (कैपेक्स) के अनुमान भी बढ़ा दिए।
Q2 FY27 के मुख्य आंकड़े
कंपनी की विज्ञप्ति के अनुसार राजस्व ₹9,167 करोड़ से बढ़कर ₹11,340 करोड़ (+24%), EBITDA ₹5,550 करोड़ से बढ़कर ₹6,807 करोड़ (+23%) और शुद्ध मुनाफा (PAT) ₹3,120 करोड़ से बढ़कर ₹3,682 करोड़ (+18%) रहा। पहली छमाही (H1 FY27) में राजस्व ₹22,161 करोड़, EBITDA ₹13,347 करोड़ और PAT ₹7,332 करोड़ रहा, जो पिछले साल से क्रमशः 21%, 21% और 14% ज्यादा है। ध्यान दें कि इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के शुरुआती सार में मुनाफा “₹3,622 करोड़, 17% वृद्धि” छपा है, जबकि उसी रिपोर्ट के भीतर और कंपनी व बिज़नेस स्टैंडर्ड में ₹3,682 करोड़ (18%) है। यहां कंपनी का आंकड़ा लिया गया है।
कारोबार के हिसाब से प्रदर्शन
कंपनी की तालिका के अनुसार घरेलू बंदरगाहों का राजस्व 13% बढ़कर ₹7,177 करोड़ और EBITDA 11% बढ़कर ₹5,201 करोड़ रहा, मार्जिन 72.5%। अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों का राजस्व 71% बढ़कर ₹1,839 करोड़ और EBITDA ₹261 करोड़ से बढ़कर ₹878 करोड़ हो गया, मार्जिन रिकॉर्ड 47.7%। लॉजिस्टिक्स का राजस्व 21% बढ़कर ₹1,273 करोड़, मरीन का राजस्व 57% बढ़कर ₹1,007 करोड़ रहा। इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार घरेलू बंदरगाह राजस्व के लिहाज से अंतरराष्ट्रीय कारोबार से लगभग चार गुना और EBITDA के लिहाज से करीब छह गुना बड़े हैं, यानी कमाई का मुख्य आधार अब भी भारत है।
विदेशी बंदरगाहों की तेज़ बढ़त पर एक सावधानी
अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों पर वॉल्यूम कंपनी के अनुसार 24 मिलियन टन रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के 10 मिलियन टन से ज्यादा है (इकोनॉमिक टाइम्स ने पिछले साल का आंकड़ा 9.7 मिलियन टन दिया है)। कंपनी ने इसका श्रेय कोलंबो वेस्ट इंटरनेशनल टर्मिनल (CWIT), तंजानिया और ऑस्ट्रेलिया के नॉर्थ क्वींसलैंड एक्सपोर्ट टर्मिनल (NQXT) को दिया। इकोनॉमिक टाइम्स ने साफ लिखा है कि NQXT पिछले साल की तिमाही में समेकित नहीं था, इसलिए यह बढ़ोतरी पूरी तरह जैविक (ऑर्गेनिक) नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार ऑस्ट्रेलिया से 10 मिलियन टन, कोलंबो से 8 मिलियन टन (साल भर पहले का दोगुना), तंजानिया से 4 मिलियन टन और हाइफा से 2 मिलियन टन कार्गो आया।
घरेलू कार्गो और लॉजिस्टिक्स
कंपनी के अनुसार घरेलू बंदरगाहों पर कार्गो 118 MMT रहा, देश के कुल कार्गो में बाजार हिस्सेदारी 27.3% और कंटेनर में 44.4%, जबकि घरेलू क्षमता 671 MMT है। तिमाही में पारादीप पोर्ट के CQ-I और CQ-II ड्राई बल्क बर्थ की 30 साल की रियायत मिली और विझिंजम में EXIM परिचालन शुरू हुआ। लॉजिस्टिक्स कारोबार पहली तिमाही में पश्चिम एशिया संकट से प्रभावित हुआ था; Q2 में TEU वॉल्यूम 15% बढ़कर 167,453 हो गया (Q1 में 145,310)। बिज़नेस स्टैंडर्ड ने भी यही रिकवरी दर्ज की है।
FY27 के अनुमान ऊपर
कंपनी ने राजस्व अनुमान ₹1,000 करोड़ बढ़ाकर ₹44,000–46,000 करोड़ और EBITDA अनुमान ₹26,000–27,000 करोड़ कर दिया। कैपेक्स अनुमान ₹3,000 करोड़ बढ़ाकर ₹15,000–17,000 करोड़ किया गया है। पहली छमाही में ₹10,521 करोड़ का कैपेक्स हुआ और पिछले दो साल में कुल ₹30,346 करोड़। शुद्ध कर्ज/EBITDA 1.8 गुना है और नकदी ₹12,502 करोड़। कंपनी का FY31 का लक्ष्य ₹91,500 करोड़ राजस्व और ₹52,000 करोड़ EBITDA है। विज्ञप्ति के अनुसार S&P ने रेटिंग “BBB-” से बढ़ाकर “BBB” (स्थिर आउटलुक) की है।
शेयर का हाल
इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार बुधवार दोपहर 1:23 बजे BSE पर शेयर करीब ₹1,757.95 पर था, लगभग 0.33% नीचे (रिपोर्ट में आंकड़ा “17,57.95” छपा है, जिसे यहां ₹1,757.95 पढ़ा गया है)। यह खबर सिर्फ जानकारी के लिए है, निवेश सलाह नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
अदाणी पोर्ट्स का Q2 FY27 मुनाफा कितना रहा?
कंपनी और बिज़नेस स्टैंडर्ड के अनुसार समेकित PAT ₹3,682 करोड़, यानी 18% की बढ़त।
कंपनी ने कौन से अनुमान बढ़ाए?
FY27 का राजस्व (₹44,000–46,000 करोड़), EBITDA (₹26,000–27,000 करोड़) और कैपेक्स (₹15,000–17,000 करोड़)।
विदेशी कारोबार इतना तेज़ क्यों बढ़ा?
CWIT, तंजानिया और NQXT के योगदान से; पर NQXT पिछले साल समेकित नहीं था।
नोट: आंकड़े 28 अक्टूबर 2026 तक की कंपनी विज्ञप्ति और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित हैं।

