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6 नवम्बर 2026, शुक्र

भागलपुर में गंगा का अचानक कटाव: 50 मीटर तटबंध क्षतिग्रस्त, चार मकान तबाह

बिहार के सुल्तानगंज में गंगा नदी का दृश्य

बिहार के भागलपुर जिले में गंगा का अचानक कटाव शुक्रवार शाम करीब छह बजे शुरू हुआ। बाईं तट पर महादेवपुर घाट और राघोपुर गांव के पास, परित्यक्त रेलवे लाइन वाले इलाके में पानी का तेज बहाव तटबंध पर टूट पड़ा। स्थानीय लोगों के लिए यह दृश्य बेहद चिंताजनक रहा।

कितना नुकसान हुआ?

लगभग 50 मीटर लंबा तटबंध क्षतिग्रस्त हो गया। आसपास के करीब 40 से 50 घर प्रभावित बताए गए। हिंदुस्तान टाइम्स/पीटीआई के अनुसार चार घर पूरी तरह नष्ट हो गए। करीब 10 पक्के मकानों में दरारें आ गईं। सबसे ज्यादा नुकसान कच्चे मकानों को हुआ। कई परिवारों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया।

पानी का स्तर और बहाव

गंगा का जलस्तर चेतावनी चिह्न से नीचे रहा। पिछले 12 घंटों में स्तर करीब 12 सेंटीमीटर गिरने की बात कही गई। फिर भी बाईं तट की ओर तेज करंट बना हुआ था, इसलिए जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं माना गया। शनिवार को स्थिति नियंत्रण में बताई गई और उस दिन नए कटाव की कोई रिपोर्ट नहीं आई।

प्रशासन और विभाग की कार्रवाई

जल संसाधन विभाग ने शिफ्ट में काम करने वाले 15 इंजीनियर टीमों को मैदान में लगाया। राहत और मजबूती के लिए करीब 50,000 रेत भरे बोरे, मेगा जियो-बैग, ईसीओ बैग, नायलॉन क्रेट, ट्रैक्टर, नावें और स्टीमर जुटाए गए। तटबंध की मरम्मत और कटाव रोकने का काम रात-दिन जारी रखने की तैयारी दिखाई गई।

नौगछिया एसपी वैभव शर्मा ने कहा कि इलाके में घोषणाएं की गईं और लोगों को सुरक्षित निकालने में सहयोग दिया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन का फोकस निकासी, अस्थायी आश्रय और तटबंध की मरम्मत पर रहा।

राघोपुर और आसपास का माहौल

परित्यक्त रेलवे लाइन वाले हिस्से में कटाव तेज दिखा। कच्चे मकान पहले प्रभावित हुए, फिर पक्के घरों में दरारें दिखने लगीं। परिवारों ने सामान समेटकर सुरक्षित जगहों की तरफ रुख किया। शनिवार आते-आते नए कटाव की खबर नहीं आने से थोड़ी राहत मिली, लेकिन निगरानी जारी रखी गई।

आगे की सतर्कता क्यों जरूरी?

जलस्तर गिरने के बावजूद करंट का रुख बाईं तट की ओर बना रहना चिंता की वजह है। विभाग की टीमें बोरों और जियो-बैग से कमजोर बिंदुओं को मजबूत करने पर काम कर रही हैं। प्रभावित परिवारों के लिए राहत सामग्री और सुरक्षित शिफ्टिंग का इंतजाम स्थानीय प्रशासन के एजेंडे में रहा।

भागलपुर में गंगा किनारे रहने वाले गांवों के लिए यह घटना फिर याद दिलाती है कि मौसम और धारा दोनों बदलते रहते हैं। फिलहाल आधिकारिक आकलन यही है—नुकसान हुआ है, टीमें मैदान में हैं, और शनिवार को नया कटाव नहीं हुआ। आगे की अपडेट विभाग और जिला प्रशासन की निगरानी पर निर्भर करेंगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

कटाव कहां और कब शुरू हुआ?

भागलपुर जिले में महादेवपुर घाट और राघोपुर गांव के पास, बाईं तट पर परित्यक्त रेलवे लाइन वाले इलाके में शुक्रवार शाम करीब छह बजे कटाव शुरू हुआ।

कितने घर प्रभावित हुए?

करीब 40–50 घर प्रभावित बताए गए। चार घर पूरी तरह नष्ट हुए; लगभग 10 पक्के मकानों में दरारें आईं। ज्यादातर नुकसान कच्चे ढांचों का रहा।

सरकार ने क्या कदम उठाए?

जल संसाधन विभाग ने 15 इंजीनियर टीमें लगाईं और 50,000 रेत भरे बोरे, जियो-बैग, ईसीओ बैग, नायलॉन क्रेट, ट्रैक्टर, नावें व स्टीमर जुटाए। एसपी वैभव शर्मा ने निकासी सहयोग की पुष्टि की।

क्या स्थिति नियंत्रण में है?

शनिवार को स्थिति नियंत्रण में बताई गई और उस दिन नए कटाव की रिपोर्ट नहीं आई। फिर भी बाईं तट की ओर तेज करंट की वजह से निगरानी जारी रखी गई।

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