प्रोविडेंट फंड (PF) का बैलेंस जानने के लिए अब EPFO पोर्टल पर लॉगिन करने या UAN पासवर्ड याद रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने रविवार, 1 नवंबर 2026 को अपने 74वें स्थापना दिवस पर WhatsApp के जरिए सेवाएं शुरू कर दी हैं। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने नई दिल्ली में इस सुविधा की शुरुआत की। इसके साथ ही 1,000 रुपये तक बैलेंस वाले निष्क्रिय (inoperative) PF खातों के अपने-आप सेटलमेंट की व्यवस्था भी लॉन्च की गई है।
WhatsApp पर EPFO की कौन-कौन सी सेवाएं मिलेंगी?
श्रम मंत्रालय के बयान (PIB) के मुताबिक, EPF सदस्य EPFO की वेरिफाइड WhatsApp सेवा के जरिए ये जानकारी ले सकेंगे:
- PF बैलेंस: खाते में कुल जमा रकम।
- आखिरी पांच ट्रांजेक्शन: हाल में खाते में आया कर्मचारी और नियोक्ता का योगदान या अन्य लेन-देन।
- पासबुक की जानकारी: योगदान का ब्योरा देखने के लिए अलग से पोर्टल खोलने की जरूरत कम होगी।
- PMVBRY में मदद: प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PMVBRY) से जुड़ी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए व्यक्तिगत मार्गदर्शन।
मंत्रालय का कहना है कि इससे रोजमर्रा की सेवाएं एक जाने-पहचाने मोबाइल प्लेटफॉर्म पर मिलेंगी और EPFO दफ्तर जाने की जरूरत घटेगी। द हिंदू बिजनेसलाइन की रिपोर्ट के अनुसार, EPFO सितंबर के मध्य से इस सेवा के लिए डेटा और तकनीकी ढांचे को अपग्रेड कर रहा था।
WhatsApp पर PF बैलेंस कैसे चेक करें?
ET Now स्वदेश की रिपोर्ट के मुताबिक, इस सेवा के लिए नंबर 8796441800 पर WhatsApp मैसेज भेजना होगा। रिपोर्ट में बताए गए स्टेप इस तरह हैं:
- अपने WhatsApp से 8796441800 पर “Hi” लिखकर भेजें।
- चैट में अपनी भाषा चुनें। हिंदी, अंग्रेजी, बंगाली, मराठी, तेलुगु, तमिल, गुजराती, उर्दू, कन्नड़ और मलयालम समेत 10 भाषाओं का विकल्प बताया गया है।
- बैलेंस, आखिरी पांच ट्रांजेक्शन या पासबुक में से जरूरी विकल्प चुनें।
- पहचान की पुष्टि के लिए आए OTP से वेरिफिकेशन करें।
- एक से ज्यादा PF खाते हों तो संबंधित खाता चुनें, जिसके बाद जानकारी स्क्रीन पर दिख जाएगी।
जरूरी सावधानी: लाइवमिंट ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि मंत्रालय की 1 नवंबर की आधिकारिक घोषणा में WhatsApp नंबर का जिक्र नहीं था। इसलिए नंबर इस्तेमाल करने से पहले उसे EPFO की आधिकारिक वेबसाइट या उसके वेरिफाइड सोशल मीडिया हैंडल से जरूर मिला लें और देखें कि WhatsApp पर उस अकाउंट के साथ वेरिफाइड बैज है। किसी भी चैट या कॉल पर UAN पासवर्ड, OTP, आधार नंबर या बैंक डिटेल साझा न करें। EPFO कभी फोन पर पैसे या पासवर्ड नहीं मांगता।
1,000 रुपये तक के निष्क्रिय खातों का अपने-आप होगा भुगतान
स्थापना दिवस पर दूसरी बड़ी घोषणा निष्क्रिय EPF खातों को लेकर रही। जिन सदस्यों के आधार-सत्यापित निष्क्रिय EPF खातों में 1,000 रुपये तक की रकम पड़ी है, उन्हें अब अलग से क्लेम फाइल नहीं करना होगा। EPFO तय पहचान और बैंक खाते के सत्यापन के बाद खुद सेटलमेंट शुरू करेगा और पैसा सही लाभार्थी तक पहुंचाएगा। मंत्रालय के अनुमान के मुताबिक करीब एक लाख खातों में पड़े लगभग 5 करोड़ रुपये इससे लौटेंगे।
आम तौर पर कोई खाता तब निष्क्रिय माना जाता है जब उसमें लंबे समय तक योगदान नहीं आता, जैसे नौकरी छोड़ने के बाद पुराना PF खाता यूं ही पड़ा रह जाए। छोटी रकम होने पर लोग अक्सर क्लेम करने की झंझट से बचते हैं और पैसा सालों तक फंसा रहता है।
EPFO के 74 साल: 8 करोड़ सदस्य, 32 लाख करोड़ का फंड
कार्यक्रम में मांडविया ने कहा कि 74 साल के सफर में EPFO कामगारों का भरोसेमंद संस्थान बना है। PTI के मुताबिक उन्होंने बताया कि 8 करोड़ से ज्यादा सदस्यों के योगदान से EPFO का कोष 32 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इस मौके पर सात प्रकाशन भी जारी किए गए। मंत्री ने अधिकारियों से 75वें साल की ओर बढ़ते हुए कामगार-केंद्रित नए प्रयोगों पर ध्यान देने को कहा।
आप पर क्या असर पड़ेगा?
- नौकरीपेशा लोगों के लिए: सैलरी से PF कटने के बाद कंपनी ने पैसा जमा किया या नहीं, यह अब कुछ सेकंड में WhatsApp पर देखा जा सकेगा। आखिरी पांच ट्रांजेक्शन से यह पता करना आसान होगा कि किस महीने का योगदान नहीं आया।
- कम पढ़े-लिखे या छोटे शहरों के सदस्यों के लिए: 10 भाषाओं का विकल्प और WhatsApp जैसा जाना-पहचाना ऐप पोर्टल की तुलना में आसान है।
- पुरानी नौकरी के छोटे बैलेंस वालों के लिए: अगर आपका आधार UAN से जुड़ा और सत्यापित है, तो 1,000 रुपये तक की रकम बिना क्लेम के खाते में आ सकती है। इसलिए बैंक खाता और आधार की KYC अपडेट रखें।
आगे क्या?
फिलहाल WhatsApp सेवा जानकारी देखने (बैलेंस, ट्रांजेक्शन, पासबुक) और PMVBRY मार्गदर्शन तक सीमित बताई गई है। PF निकासी, ट्रांसफर या एडवांस क्लेम जैसे काम पहले की तरह EPFO पोर्टल और UMANG ऐप से ही होंगे। आने वाले समय में सेवाओं का दायरा बढ़ता है या नहीं, इसकी जानकारी EPFO की ओर से दी जाएगी। तब तक सदस्य किसी भी नए नंबर या लिंक पर भरोसा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि जरूर करें।
स्रोत: PIB (श्रम एवं रोजगार मंत्रालय), PTI/द ट्रिब्यून, द हिंदू बिजनेसलाइन, लाइवमिंट, ET Now स्वदेश।

