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7 नवम्बर 2026, शनि

पुणे की ऑटोमोटिव सॉफ्टवेयर कंपनी केपीआईटी टेक्नोलॉजीज ने 28 अक्टूबर 2026 को सितंबर तिमाही (Q2 FY27) के नतीजे जारी किए। बिजनेस स्टैंडर्ड (पीटीआई) के अनुसार समेकित शुद्ध मुनाफा करीब 29% घटकर ₹121 करोड़ रहा, जबकि राजस्व 6.5% बढ़कर ₹1,691 करोड़ पहुंचा। सीएनबीसी-टीवी18 के अनुसार नतीजों के बाद शेयर दिन में 5% तक चढ़ा, क्योंकि कंपनी ने मार्जिन सुधरने और घाटे के घटने की बात कही।

मुनाफा और राजस्व

पीटीआई के अनुसार पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹169 करोड़ था, यानी सालाना आधार पर करीब 29% की गिरावट आई। सीएनबीसी-टीवी18 ने तिमाही-दर-तिमाही तुलना में मुनाफे को 4.3% बढ़ा बताया। राजस्व पिछले साल के ₹1,588 करोड़ से बढ़कर ₹1,691 करोड़ हुआ। कंपनी की विज्ञप्ति के अनुसार राजस्व $176.8 मिलियन रहा; रुपये में सालाना वृद्धि 6.5% रही, जबकि डॉलर में 2.2% की कमी और कॉन्स्टेंट करेंसी में केवल 0.2% की वृद्धि दर्ज हुई।

मार्जिन और अन्य मदें

कंपनी की विज्ञप्ति के अनुसार EBITDA मार्जिन 17.8% रहा, जो पिछली तिमाही से 60 बेसिस पॉइंट अधिक है। सीएनबीसी-टीवी18 ने EBIT ₹197 करोड़ (तिमाही आधार पर +4.2%) और EBIT मार्जिन 11.65% बताया, जबकि कंपनी की विज्ञप्ति में EBIT 12.7% दिया गया है; दोनों आंकड़े अलग गणना पर आधारित हो सकते हैं, इसलिए इन्हें सीधे नहीं जोड़ना चाहिए। तिमाही में ₹17.1 करोड़ का फॉरेक्स नुकसान हुआ (पिछली तिमाही ₹16.3 करोड़), और जेडएफ ग्रुप के साथ संयुक्त उद्यम क्योरिक्स (Qorix) के घाटे का हिस्सा ₹15.6 करोड़ रहा, जो जून तिमाही के ₹14 करोड़ से अधिक है। प्रबंधन को उम्मीद है कि ये घाटे चालू तिमाही से घटेंगे (सीएनबीसी-टीवी18)।

खंड और नई डील

पीटीआई के अनुसार पैसेंजर कार खंड का राजस्व सालाना आधार पर 7.8% घटकर $132.36 मिलियन रहा, जबकि कमर्शियल वाहन खंड का राजस्व 27.3% बढ़कर $39.98 मिलियन हुआ। कंपनी के अनुसार तिमाही में नए सौदों का कुल अनुबंध मूल्य (TCV) $213 मिलियन रहा। कंपनी ने बताया कि ट्रक और ऑफ-हाइवे खंड, अमेरिका और भारत, तथा कनेक्टेड व आफ्टरसेल्स क्षेत्रों की वृद्धि ने शीर्ष दो ग्राहकों से राजस्व में लगभग 13% की सालाना गिरावट की भरपाई की।

प्रबंधन क्या कह रहा है

सह-संस्थापक और संयुक्त एमडी सचिन टिकेकर ने कहा कि दो सबसे बड़े ग्राहकों, जिनमें एक यूरोप और एक जापान का है, की गिरावट अगले “दो-तीन तिमाहियों में” थम जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यूरोपीय पैसेंजर कार निर्माताओं पर चीन से मिल रही प्रतिस्पर्धा के कारण बिक्री और मार्जिन का भारी दबाव है, जिससे निर्णय लेने में देरी हो रही है। उनके अनुसार अमेरिकी कंपनियां अपेक्षाकृत सुरक्षित हैं, और भारत पैसेंजर कारों का सबसे तेजी से बढ़ता बाजार है, जहां मारुति सुजुकी, महिंद्रा, टाटा मोटर्स, हुंडई और किआ में वृद्धि दिख रही है। सीईओ किशोर पाटिल ने कहा कि पैसेंजर वाहन, ऑफ-हाइवे और ट्रक खंडों में अवसर बढ़ रहे हैं।

रणनीति और AI पर जोर

कंपनी की विज्ञप्ति के अनुसार केपीआईटी अपने “बीकन” नामक मोबिलिटी इंटेलिजेंस उत्पाद को बढ़ावा दे रही है और इंजीनियरिंग, डिलीवरी और आंतरिक संचालन में एआई के उपयोग को तेज कर रही है। टिकेकर ने कहा कि केयरसॉफ्ट के एकीकरण से वाहन इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग कंसल्टिंग की क्षमता मजबूत हो रही है। इन बयानों को कंपनी का नजरिया समझें; असली नतीजे आने वाली तिमाहियों में ग्राहकों की मांग पर निर्भर करेंगे।

शेयर की स्थिति

सीएनबीसी-टीवी18 के अनुसार शेयर दिन में 5% तक चढ़ा और खबर लिखते समय 3.6% की बढ़त के साथ ₹551 पर था। रिपोर्ट के अनुसार इस साल शेयर अब तक 52% गिर चुका है, यानी आधे से ज्यादा मूल्य खो चुका है। यह निवेश की सलाह नहीं है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

केपीआईटी का Q2 FY27 मुनाफा कितना रहा?

₹121 करोड़, जो सालाना आधार पर करीब 29% कम है।

राजस्व कितना रहा?

₹1,691 करोड़, जो सालाना आधार पर 6.5% अधिक है (पीटीआई)।

कंपनी को कैसी उम्मीद है?

प्रबंधन के अनुसार शीर्ष दो ग्राहकों की गिरावट अगले कुछ तिमाहियों में थमेगी और घाटे कम होंगे; यह कंपनी का अनुमान है, गारंटी नहीं।

नोट: आंकड़े 28 अक्टूबर 2026 तक की रिपोर्टों और कंपनी की विज्ञप्ति के अनुसार हैं। यह निवेश की सलाह नहीं है।

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