Breaking
6 नवम्बर 2026, शुक्र

डियाजियो-नियंत्रित शराब कंपनी यूनाइटेड स्पिरिट्स (USL) ने 28 अक्टूबर 2026 को सितंबर तिमाही (Q2 FY27) के नतीजे घोषित किए। सीएनबीसी-टीवी18, हिंदू बिजनेसलाइन और बिजनेस स्टैंडर्ड (रॉयटर्स) की रिपोर्टों के अनुसार कंपनी का शुद्ध मुनाफा 2.1% घटकर ₹462 करोड़ रहा। प्रीमियम सेगमेंट बढ़ा, लेकिन सस्ती शराब (पॉपुलर) की बिक्री में भारी गिरावट आई।

मुनाफा, बिक्री और मार्जिन

सीएनबीसी-टीवी18 के अनुसार मुनाफा पिछले साल की इसी तिमाही के ₹472 करोड़ से घटकर ₹462 करोड़ रहा, जो उसके पोल अनुमान ₹471 करोड़ से कम है। नेट सेल्स वैल्यू (NSV) 2.8% बढ़कर ₹3,258 करोड़ रही (पिछले साल ₹3,170 करोड़), जबकि पोल का अनुमान ₹3,348 करोड़ था। बिजनेस स्टैंडर्ड ने रॉयटर्स के हवाले से “ऑपरेशंस से राजस्व” ₹7,001 करोड़ बताया। दोनों आंकड़े अलग मापदंड लगते हैं (NSV कंपनी का अपना पैमाना है), इसलिए इन्हें सीधे तुलना न करें।

EBITDA 4.3% घटकर ₹643 करोड़ (पिछले साल ₹672 करोड़) रहा, पर यह सीएनबीसी-टीवी18 के अनुमान ₹637 करोड़ से ऊपर था। EBITDA मार्जिन 19.7% रहा, जबकि एक साल पहले यह 21.2% था; बिजनेसलाइन के अनुसार मार्जिन 146 बेसिस पॉइंट घटा। कंपनी ने गिरावट की वजह त्योहारी सीजन से पहले विज्ञापन और प्रचार (A&P) पर ज्यादा खर्च को बताया। सकल मार्जिन 88 बेसिस पॉइंट बढ़कर 48% हुआ, जिसे बेहतर प्रोडक्ट मिक्स और उत्पादकता का सहारा मिला, हालांकि पश्चिम एशिया संकट का असर रहा (सीएनबीसी-टीवी18)।

प्रीमियम बढ़ा, पॉपुलर में गिरावट

प्रेस्टीज एंड अबव (P&A) सेगमेंट 6.3% बढ़ा। सीएनबीसी-टीवी18 और बिजनेसलाइन के अनुसार इसमें स्मिरनॉफ के स्थानीय फ्लेवर, जे एंड बी स्कॉच की री-लॉन्चिंग और लक्जरी पोर्टफोलियो की बढ़त का योगदान रहा, हालांकि महाराष्ट्र की प्रतिकूल नीति का असर बना रहा। पॉपुलर सेगमेंट का NSV तुलनात्मक आधार पर 22.7% घटकर ₹181 करोड़ रह गया। कंपनी ने महाराष्ट्र में MML से जुड़ी दिक्कतों और कर्नाटक में आबकारी स्लैब में बदलाव को वजह बताया, जिससे वहां प्राप्ति (रियलाइजेशन) और वृद्धि प्रभावित हुई। बिजनेसलाइन के अनुसार बिक्री की मात्रा 1.660 करोड़ केस से घटकर 1.576 करोड़ केस रह गई।

विज्ञापन खर्च और पहली छमाही

A&P पुनर्निवेश दर NSV के 11.6% पर पहुंची, जो एक साल पहले 7.6% थी। सीएनबीसी-टीवी18 के अनुसार पहली छमाही में NSV 4.2% बढ़कर ₹5,961 करोड़ रहा, EBITDA 1.1% घटकर ₹1,075 करोड़ हुआ और टैक्स के बाद मुनाफा 16.8% बढ़कर ₹853 करोड़ रहा। तिमाही में P&A सेगमेंट का हिस्सा NSV में 94.1% और पॉपुलर का 5.6% रहा।

प्रबंधन का बयान

सीईओ और एमडी प्रवीण सोमेश्वर ने कहा, जैसा कि सीएनबीसी-टीवी18 और बिजनेसलाइन ने उद्धृत किया, कि कंपनी ने मजबूत पिछले आधार और नियामकीय चुनौतियों के बावजूद “लचीली” तिमाही दी। उनके अनुसार भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते से संभव हुई जे एंड बी की री-लॉन्चिंग स्कॉच की पैठ बढ़ाने में मदद करेगी, और कंपनी ने स्मिरनॉफ आइस के साथ रेडी-टू-ड्रिंक सेगमेंट में प्रवेश भी किया। उन्होंने त्योहारी तिमाही को लेकर भरोसा जताया।

नतीजों के संकेत

कुल मिलाकर तस्वीर मिली-जुली है। प्रीमियम और लक्जरी ब्रांड कंपनी के कारोबार का लगभग 94% हिस्सा हैं, इसलिए पॉपुलर सेगमेंट की गिरावट का कुल बिक्री पर असर सीमित रहा, पर राज्यों की आबकारी नीतियों का जोखिम साफ दिखा। दूसरी ओर, बिक्री बढ़ने के बावजूद विज्ञापन खर्च बढ़ने से मुनाफा दबा। कंपनी का तर्क है कि यह निवेश त्योहारी सीजन और नए लॉन्च के लिए है; इसका फायदा आने वाली तिमाहियों में दिखेगा या नहीं, यह भविष्य के नतीजों से तय होगा।

शेयर

सीएनबीसी-टीवी18 के अनुसार BSE पर शेयर ₹36 या 2.85% गिरकर ₹1,229 पर बंद हुआ। यह निवेश की सलाह नहीं है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

यूनाइटेड स्पिरिट्स का Q2 FY27 मुनाफा कितना रहा?

₹462 करोड़, जो पिछले साल की इसी तिमाही के ₹472 करोड़ से 2.1% कम है।

पॉपुलर सेगमेंट में गिरावट क्यों आई?

कंपनी के अनुसार महाराष्ट्र में MML से जुड़ी दिक्कतों और कर्नाटक में आबकारी स्लैब बदलाव के कारण।

EBITDA मार्जिन कितना रहा?

19.7%, जबकि पिछले साल यह 21.2% था।

नोट: आंकड़े 28 अक्टूबर 2026 तक की रिपोर्टों के अनुसार हैं। यह निवेश की सलाह नहीं है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *