भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 की शाम दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल के अधिकारियों के हवाले से आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, 98 साल के आडवाणी को सीने में संक्रमण (chest infection) की शिकायत थी। उन्हें पल्मोनरी (फेफड़ों से जुड़े) विभाग में रखा गया है और उनकी हालत स्थिर बताई गई है।
खबर सामने आते ही गूगल पर “LK Advani” सर्च तेज़ी से बढ़ा। गूगल ट्रेंड्स इंडिया पर शुक्रवार शाम से ही यह विषय ट्रेंड कर रहा है। लोग जानना चाहते हैं कि उन्हें क्या हुआ है, डॉक्टर क्या कह रहे हैं और इससे पहले वे कब-कब अस्पताल गए। इस रिपोर्ट में अब तक की पुष्ट जानकारी, उनकी सेहत से जुड़ा पिछला रिकॉर्ड और बुजुर्गों में सीने के संक्रमण से जुड़ी ज़रूरी बातें एक जगह पढ़िए।
अब तक क्या पता है
- कब और कहां: शुक्रवार, 16 अक्टूबर की शाम करीब 7:30 बजे उन्हें नई दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल लाया गया।
- वजह: सीने में संक्रमण की शिकायत। कुछ रिपोर्ट्स में इसे फेफड़ों से जुड़ी परेशानी (pulmonary issues) और उम्र से जुड़ी दिक्कतें भी बताया गया है।
- इलाज कहां: पल्मोनरी विभाग में, डॉक्टरों की एक टीम की निगरानी में।
- हालत: अस्पताल के अधिकारियों के मुताबिक स्थिर। जांचें चल रही हैं।
- क्या अभी साफ नहीं: The Statesman के मुताबिक संक्रमण कितना गंभीर है और उन्हें कितने दिन अस्पताल में रहना होगा, इस पर अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है। PTI की रिपोर्ट (Deccan Herald में प्रकाशित) के मुताबिक अस्पताल ने कहा था कि उनकी सेहत पर बयान जल्द जारी किया जाएगा।
यह जानकारी The Indian Express, NDTV, Hindustan Times, India Today, Moneycontrol और The Hindu की रिपोर्ट्स से मिलाकर दी गई है। इन सभी रिपोर्ट्स में समय, अस्पताल, विभाग और “हालत स्थिर” वाली बात एक जैसी है। ध्यान रहे, अभी तक अस्पताल का कोई विस्तृत मेडिकल बुलेटिन सार्वजनिक नहीं हुआ है। इसलिए सोशल मीडिया पर चल रहे “गंभीर हालत” या “ICU” जैसे दावों पर भरोसा न करें, जब तक अस्पताल या परिवार की ओर से ऐसी जानकारी न आए।
इसी साल मई में भी अपोलो में भर्ती हुए थे
आडवाणी की उम्र 98 साल है और पिछले करीब ढाई साल में वे कई बार अस्पताल जा चुके हैं। रिपोर्ट्स के आधार पर उनकी सेहत का हालिया रिकॉर्ड इस तरह है:
- मई 2026: उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के चलते इसी इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में भर्ती हुए थे। कुछ दिन इलाज के बाद छुट्टी मिल गई थी (Indian Express, NDTV, HT)।
- जून 2024: 26 जून 2024 को उन्हें उम्र से जुड़ी परेशानियों के चलते दिल्ली के AIIMS में भर्ती कराया गया था। अगले दिन छुट्टी मिल गई थी (Moneycontrol; India Today ने भी 2024 में AIIMS और अपोलो में भर्ती का ज़िक्र किया है)।
- दिसंबर 2024: उन्हें इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के ICU में रखा गया था। तब वे वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. विनीत सूरी की देखरेख में थे। 17 दिसंबर 2024 को अस्पताल ने बताया था कि उनकी हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है (HT, NDTV, The Statesman)।
यानी इस बार का दाखिला एक साल के भीतर अपोलो में उनका दूसरा दाखिला है। अच्छी बात यह है कि पिछले मौकों पर वे इलाज के बाद घर लौट आए थे।
नौ दिन पहले पीएम मोदी उनसे मिलने गए थे
India Today और The Statesman की रिपोर्ट के मुताबिक, अस्पताल में भर्ती होने से नौ दिन पहले, 7 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नई दिल्ली में आडवाणी के घर गए थे। मोदी ने सरकार के मुखिया के तौर पर 25 साल पूरे होने पर उनका आशीर्वाद लिया था। मोदी 7 अक्टूबर 2001 को पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे और 2014 में प्रधानमंत्री बने। मुलाकात के बाद मोदी ने कहा था कि आडवाणी की दशकों की सार्वजनिक सेवा ने देश के जीवन पर गहरी छाप छोड़ी है।
लालकृष्ण आडवाणी: एक नज़र में
आडवाणी भारतीय राजनीति के उन नेताओं में हैं जिनका सफर आज़ादी से पहले शुरू हुआ और जिन्होंने BJP को राष्ट्रीय पार्टी बनाने में बड़ी भूमिका निभाई। उनके सफर की मुख्य बातें:
- जन्म: 8 नवंबर 1927, कराची (अब पाकिस्तान में)। 1947 में बंटवारे के समय भारत आए।
- सूचना एवं प्रसारण मंत्री: मोरारजी देसाई सरकार में 1977 से 1979 तक।
- BJP अध्यक्ष: तीन बार, 1986–1990, 1993–1998 और 2004–2005।
- राम रथ यात्रा: 25 सितंबर 1990 को गुजरात के सोमनाथ से यात्रा शुरू की। 23 अक्टूबर 1990 को बिहार के समस्तीपुर में उनकी गिरफ्तारी के बाद यात्रा रुक गई। The Indian Express के मुताबिक इस यात्रा ने राम मंदिर आंदोलन को राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में ला दिया।
- बाबरी मामला: 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के मामले में वे आरोपियों में थे। बरसों बाद विशेष CBI अदालत ने उन्हें और अन्य आरोपियों को बरी कर दिया।
- गृह मंत्री और उपप्रधानमंत्री: अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में 1998 से 2004 तक केंद्रीय गृह मंत्री और 2002 से 2004 तक उपप्रधानमंत्री रहे। 1999 का करगिल युद्ध और 2001 का संसद हमला उनके गृह मंत्री रहते हुआ।
- भारत रत्न: मार्च 2024 में उन्हें देश का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान भारत रत्न मिला। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 31 मार्च 2024 को उनके घर जाकर यह सम्मान दिया था। उस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी भी मौजूद थे।
98 की उम्र में सीने का संक्रमण: डॉक्टर सतर्क क्यों रहते हैं
नोट: नीचे दी गई जानकारी सामान्य है और ब्रिटेन की सरकारी स्वास्थ्य सेवा NHS की गाइडलाइन पर आधारित है। यह आडवाणी की मेडिकल स्थिति के बारे में कोई दावा नहीं है। उनकी हालत की जानकारी सिर्फ अस्पताल ही दे सकता है।
NHS के मुताबिक, सीने का संक्रमण फेफड़ों या बड़ी श्वास नलियों का संक्रमण है। कई बार यह हल्का होता है और 7 से 10 दिन में अपने आप ठीक हो जाता है, लेकिन कुछ मामलों में गंभीर भी हो सकता है। अक्सर यह सर्दी-ज़ुकाम या फ्लू के बाद होता है। इसके आम लक्षण हैं:
- बलगम वाली खांसी (हरा या पीला बलगम)
- घरघराहट और सांस फूलना
- सीने में दर्द या भारीपन
- तेज़ बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और थकान
NHS साफ कहता है कि 65 साल से ज़्यादा उम्र के लोग, कमज़ोर इम्यूनिटी वाले लोग (जैसे डायबिटीज़ के मरीज़) और दिल, फेफड़े या किडनी की पुरानी बीमारी वाले लोग सीने में संक्रमण होने पर डॉक्टर को ज़रूर दिखाएं। लक्षण गंभीर हों तो यह निमोनिया भी हो सकता है। संक्रमण वायरस से है या बैक्टीरिया से, यह जानने के लिए खून या बलगम की जांच की जा सकती है। एंटीबायोटिक सिर्फ बैक्टीरिया वाले संक्रमण में काम करती है, वायरल में नहीं। यही वजह है कि बहुत बुज़ुर्ग मरीज़ों को अक्सर अस्पताल में निगरानी में रखकर जांच की जाती है।
आप पर क्या असर: घर के बुज़ुर्गों का ऐसे रखें ख्याल
अक्टूबर-नवंबर में उत्तर भारत में मौसम बदलता है। सुबह-शाम ठंडक बढ़ती है और सर्दी-ज़ुकाम के मामले बढ़ते हैं। ऐसे में घर के बुज़ुर्गों के लिए NHS की ये सामान्य सलाह काम की है:
- टीकों के बारे में डॉक्टर से पूछें: 65 से ज़्यादा उम्र वालों को सालाना फ्लू वैक्सीन और निमोनिया से बचाने वाली न्यूमोकोकल वैक्सीन के बारे में डॉक्टर से सलाह लेने को कहा जाता है।
- खांसी को हल्के में न लें: खांसी तीन हफ्ते से ज़्यादा चले, बलगम में खून आए या सांस फूले, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
- आराम और पानी: भरपूर आराम करें और खूब पानी पिएं, ताकि बलगम ढीला रहे। सोते समय सिर थोड़ा ऊंचा रखने से सांस लेने में आसानी होती है।
- धूम्रपान से दूरी: धूम्रपान लक्षणों को और बिगाड़ता है।
- संक्रमण न फैलाएं: खांसते-छींकते समय मुंह ढकें, हाथ धोते रहें और इस्तेमाल किए टिश्यू तुरंत फेंकें।
याद रखें, ये सामान्य सलाह हैं। किसी भी दवा या एंटीबायोटिक को डॉक्टर की सलाह के बिना शुरू न करें।
राजनीति से जुड़ी हाल की दूसरी खबरें: एल. मुरुगन का इस्तीफा मंज़ूर, राष्ट्रपति मुर्मू ने दी स्वीकृति और ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में पीएम मोदी का भाषण।
आगे क्या
अब सबकी नज़र अस्पताल के अगले आधिकारिक बयान पर है, जिसमें जांच के नतीजे और इलाज की आगे की योजना पता चलेगी। पिछली बार, मई 2026 में, वे कुछ दिन के इलाज के बाद घर लौट आए थे। 8 नवंबर 2026 को आडवाणी 99 साल के हो जाएंगे। TrendFlash अस्पताल या परिवार की ओर से आने वाले हर आधिकारिक अपडेट के साथ यह खबर अपडेट करेगा। तब तक अफवाहों से बचें और सिर्फ आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।
स्रोत: The Indian Express (17 अक्टूबर 2026), NDTV, Hindustan Times, India Today, Moneycontrol, The Hindu (16–17 अक्टूबर), The Statesman (17 अक्टूबर), PTI/Deccan Herald (17 अक्टूबर); भारत रत्न समारोह: राष्ट्रपति सचिवालय (31 मार्च 2024); सीने के संक्रमण की सामान्य जानकारी: NHS (UK) की “Chest infection” गाइड; गूगल ट्रेंड्स इंडिया (“lk advani”, 2K+ सर्च)।

