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7 नवम्बर 2026, शनि

महाराष्ट्र फ्लैट रजिस्ट्री नियम: अवैध निर्माण वाले फ्लैट की रजिस्ट्री पर रोक, घर खरीदने से पहले ये कागज़ ज़रूर जाँचें

ठाणे जिले के मीरा रोड में ऊँची रिहायशी इमारतें—महाराष्ट्र फ्लैट रजिस्ट्री नियम का प्रतीकात्मक चित्र

महाराष्ट्र में फ्लैट खरीदने की सोच रहे हैं? तो यह खबर आपके लिए बेहद काम की है। राज्य सरकार ने सब-रजिस्ट्रार दफ्तरों को निर्देश दिया है कि अवैध या बिना मंज़ूरी वाले निर्माण से जुड़े फ्लैटों के दस्तावेज़ रजिस्टर न किए जाएँ। 12 अक्टूबर के सर्कुलर के बाद 13 अक्टूबर से यह व्यवस्था लागू मानी जा रही है। यानी जिस फ्लैट के साथ तय मंज़ूरी वाले कागज़ नहीं लगे होंगे, या जिसका एरिया मंज़ूर नक्शे से ज़्यादा होगा, उसकी रजिस्ट्री अटक सकती है।

सरकार ने क्या आदेश दिया?

राजस्व विभाग ने सर्कुलर जारी कर सभी सब-रजिस्ट्रारों को नए दिशा-निर्देश सख्ती से लागू करने को कहा है। ये निर्देश सितंबर में राजस्व मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद आए हैं। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के मुताबिक यह फैसला गैर-आवासीय ज़ोन में बनी इमारतों, RERA में रजिस्ट्रेशन न कराने वाले बिल्डरों और मंज़ूर नक्शे से बड़े फ्लैट बेचने की शिकायतों के बाद लिया गया।

रजिस्ट्री के लिए अब कौन-से कागज़ ज़रूरी

  • RERA वाले प्रोजेक्ट (पहली बिक्री): MahaRERA का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट या ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट (OC), साथ में फ्लैट का एरिया दिखाने वाला मंज़ूर बिल्डिंग प्लान।
  • जिन प्रोजेक्ट्स को RERA से छूट है: कमेंसमेंट सर्टिफिकेट (निर्माण अनुमति), मंज़ूर नक्शा, ज़ोन सर्टिफिकेट और माप का नक्शा।
  • एरिया का नियम: अगर बिक्री दस्तावेज़ में फ्लैट का क्षेत्रफल मंज़ूर नक्शे में दर्ज क्षेत्रफल से ज़्यादा है, तो रजिस्ट्री नहीं होगी।

सर्कुलर में यह भी चेतावनी है कि अगर कोई सब-रजिस्ट्रार जानबूझकर अवैध निर्माण से जुड़े दस्तावेज़ रजिस्टर करता है, तो उसके खिलाफ विभागीय जाँच शुरू होगी।

किन दस्तावेज़ों पर असर

रिपोर्ट्स के मुताबिक यह रोक सिर्फ पहली बिक्री तक सीमित नहीं है। सेल एग्रीमेंट, सेल डीड, अपार्टमेंट डीड और फ्लैट को किसी दूसरे के नाम ट्रांसफर करने वाले दस्तावेज़ भी इसके दायरे में आ सकते हैं, अगर फ्लैट अवैध निर्माण का हिस्सा है। उदाहरण के लिए, अगर बिल्डर को 10 मंज़िल की मंज़ूरी मिली और उसने ऊपर अवैध मंज़िलें जोड़ दीं, तो ऐसे फ्लैटों की रजिस्ट्री पर सवाल उठ सकता है।

मंत्री बावनकुले ने कहा कि मकसद घर खरीदारों को अवैध प्रॉपर्टी में फँसकर पैसा गँवाने से बचाना है। मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) समेत राज्य के कई हिस्सों में अवैध निर्माण लंबे समय से बड़ी समस्या रहा है।

आप पर क्या असर पड़ेगा

अगर आप महाराष्ट्र में घर खरीदने जा रहे हैं, तो बुकिंग या बड़ी रकम देने से पहले ये चेकलिस्ट ज़रूर अपनाएँ:

  • RERA नंबर जाँचें: MahaRERA की वेबसाइट पर प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन और उसकी स्थिति देखें।
  • मंज़ूर नक्शा माँगें: बिल्डिंग प्लान देखें और मिलान करें कि आपका फ्लैट और मंज़िल उसी नक्शे में है या नहीं।
  • OC की स्थिति पूछें: तैयार फ्लैट ले रहे हैं तो OC की कॉपी ज़रूर माँगें। कागज़ अधूरे हों तो रजिस्ट्री के साथ-साथ होम लोन मिलने में भी अड़चन आ सकती है।
  • क्षेत्रफल मिलाएँ: एग्रीमेंट में लिखा कार्पेट एरिया मंज़ूर नक्शे से मेल खाना चाहिए।
  • शक हो तो सलाह लें: संबंधित रजिस्ट्रेशन ऑफिस या किसी प्रॉपर्टी वकील से दस्तावेज़ जँचवाएँ।

जिन लोगों ने पहले ही ऐसे प्रोजेक्ट में पैसा लगा रखा है जिसकी मंज़ूरियाँ अधूरी हैं, उन्हें अपने बिल्डर से लिखित में स्थिति स्पष्ट करानी चाहिए। वहीं ईमानदारी से नियम मानकर बनाए गए प्रोजेक्ट्स के खरीदारों के लिए यह आदेश भरोसा बढ़ाने वाला है।

आगे क्या

अब सारा दारोमदार ज़मीनी अमल पर है—सब-रजिस्ट्रार दफ्तरों में दस्तावेज़ों की जाँच कितनी सख्ती से होती है, यह आने वाले हफ्तों में साफ होगा। बिल्डर संगठनों की प्रतिक्रिया और पहले से अटके प्रोजेक्ट्स के नियमितीकरण (रेगुलराइज़ेशन) को लेकर सरकार क्या रास्ता निकालती है, इस पर भी नज़र रहेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

महाराष्ट्र में किन फ्लैटों की रजिस्ट्री रुकेगी?

अवैध या बिना ज़रूरी मंज़ूरी वाले निर्माण से जुड़े फ्लैट, और ऐसे फ्लैट जिनका क्षेत्रफल मंज़ूर नक्शे से ज़्यादा दिखाया गया हो।

RERA प्रोजेक्ट में पहली बिक्री के लिए क्या चाहिए?

MahaRERA रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट या ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट (OC), और फ्लैट का एरिया दर्ज मंज़ूर बिल्डिंग प्लान।

नियम तोड़ने वाले सब-रजिस्ट्रार पर क्या कार्रवाई होगी?

जानबूझकर अवैध निर्माण के दस्तावेज़ रजिस्टर करने पर विभागीय जाँच शुरू की जाएगी।

यह आदेश किसने जारी किया?

महाराष्ट्र के राजस्व विभाग ने सर्कुलर जारी किया है; राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने इसकी जानकारी दी।

स्रोत: Times of India, CNBC-TV18 (PTI), Free Press Journal, Lokmat Times (13 अक्टूबर 2026)।

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