उत्तर प्रदेश के धान किसानों के लिए सरकारी खरीद का पूरा खाका तैयार हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 की धान खरीद नीति को मंज़ूरी मिल गई है। इस बार सरकार ने 65 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा है, और वादा किया है कि किसानों का पैसा 48 घंटे के भीतर उनके बैंक खाते में पहुँचेगा।
पिछले रिकॉर्ड से आगे का लक्ष्य
पिछले सीज़न में प्रदेश में करीब 62 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हुई थी, जो अपने आप में रिकॉर्ड था। इस बार लक्ष्य बढ़ाकर 65 लाख मीट्रिक टन किया गया है। खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज पांडेय के मुताबिक खरीद के लिए पूरे प्रदेश में 4,500 क्रय केंद्र खोले जाएँगे, जिन्हें आठ सरकारी एजेंसियाँ चलाएँगी। किस एजेंसी को कौन-से केंद्र मिलेंगे, यह ज़िलाधिकारी स्थानीय उत्पादन और आवक के हिसाब से तय करेंगे।
कब और कहाँ होगी खरीद
प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में फसल पकने का समय अलग होता है, इसलिए खरीद दो चरणों में होगी:
- पश्चिमी उत्तर प्रदेश: 15 अक्टूबर 2026 से 15 फरवरी 2027 तक
- पूर्वी उत्तर प्रदेश: 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक
MSP: किस धान का कितना दाम
- सामान्य (कॉमन) धान: ₹2,441 प्रति क्विंटल
- ग्रेड-ए धान: ₹2,461 प्रति क्विंटल
ये दरें केंद्र सरकार की ओर से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में करीब 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद तय हुई हैं।
इस बार क्या नया है
- फार्मर ID से सीधी तौल: केंद्र की एग्रीस्टैक योजना के तहत जिन किसानों की फार्मर ID बन चुकी है, उन्हें विभाग के पोर्टल पर अलग से रजिस्ट्रेशन नहीं कराना होगा। उसी ID से पहचान होकर तौल हो जाएगी।
- 48 घंटे में भुगतान: सत्यापन के बाद पैसा PFMS (पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम) के ज़रिए 48 घंटे के अंदर सीधे बैंक खाते में भेजा जाएगा। बेवजह देरी करने वाले अफसरों-कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
- GPS वाली गाड़ियाँ: धान की ढुलाई सिर्फ GPS लगे वाहनों से होगी, ताकि रास्ते में हेराफेरी न हो।
- QR कोड पायलट: कुछ चुने हुए ज़िलों में चावल के बोरों पर QR कोड लगाकर उनकी आवाजाही पर नज़र रखी जाएगी।
आप पर क्या असर पड़ेगा
अगर आप धान किसान हैं, तो यह नीति सीधे आपकी जेब से जुड़ी है। कुछ काम की बातें:
- फार्मर ID बनवा लें: अगर अब तक फार्मर रजिस्ट्री में नाम नहीं जुड़ा है, तो नज़दीकी CSC या कृषि विभाग से संपर्क करें—इससे खरीद केंद्र पर अलग पंजीकरण का झंझट बचेगा।
- बैंक खाता आधार से जुड़ा रखें: 48 घंटे वाला भुगतान तभी समय पर आएगा जब खाते की जानकारी सही हो।
- धान सुखाकर लाएँ: नमी ज़्यादा होने पर केंद्र पर धान लौटाया जा सकता है या तौल में दिक्कत आती है। ग्रेड-ए का पूरा दाम पाने के लिए गुणवत्ता मानक का ध्यान रखें।
- MSP से कम में न बेचें: मंडी में बिचौलिया कम दाम दे रहा हो, तो सरकारी केंद्र का विकल्प चुनें। केंद्रों की सूची और नियम खाद्य एवं रसद विभाग की वेबसाइट fcs.up.gov.in पर देखे जा सकते हैं।
पश्चिमी यूपी के किसान पहले बेच सकेंगे, जबकि पूर्वांचल के किसानों को नवंबर तक इंतज़ार करना होगा। अपने ज़िले की तारीख और नज़दीकी केंद्र की पुष्टि स्थानीय विपणन अधिकारी से ज़रूर कर लें।
आगे क्या
लक्ष्य बड़ा है, असली परीक्षा केंद्रों पर होगी—समय पर बोरे, तौल की रफ्तार और भुगतान की निगरानी। पिछले सीज़नों में कई जगह केंद्र देर से खुलने या किसानों को लौटाए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। GPS ट्रैकिंग, QR कोड और फार्मर ID जैसी डिजिटल व्यवस्थाएँ अगर ज़मीन पर ठीक से चलीं, तो किसानों के लिए यह सीज़न पहले से आसान हो सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
यूपी में इस बार कितना धान खरीदा जाएगा?
खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में 65 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा गया है।
धान का MSP कितना है?
सामान्य धान ₹2,441 प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए धान ₹2,461 प्रति क्विंटल।
पश्चिमी और पूर्वी यूपी में खरीद कब शुरू होगी?
पश्चिमी यूपी में 15 अक्टूबर 2026 से 15 फरवरी 2027 तक और पूर्वी यूपी में 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक।
भुगतान कितने दिन में मिलेगा?
सत्यापन के बाद 48 घंटे के भीतर PFMS के ज़रिए सीधे किसान के बैंक खाते में।
स्रोत: India Today, Aaj Tak, ABP Live, उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट ब्रीफिंग (13 अक्टूबर 2026)।

