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8 नवम्बर 2026, रवि

केरल Vigilance and Anti-Corruption Bureau (VACB) की Special Investigation Unit-1 ने सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान विपक्ष नेता पिनराई विजयन तथा उनके परिवार के खिलाफ कथित CMRL घूसखोरी मामले में दो FIR दर्ज किए हैं। ये आरोप FIR और Enforcement Directorate (ED) की रिपोर्ट पर आधारित हैं; अदालत में दोष सिद्ध होना अलग प्रक्रिया है।

हाईकोर्ट के निर्देश के बाद कार्रवाई

केरल हाईकोर्ट ने 9 अक्टूबर को राज्य पुलिस को ED की रिपोर्ट पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। सिर्फ प्रारंभिक Crime Branch जाँच पर्याप्त नहीं मानी गई। उसी दिशा में VACB ने दो अलग FIR दर्ज किए हैं।

FIR 1: CMRL भुगतान और Exalogic

पहली FIR में कथित आरोपी पक्षों में शामिल हैं—पिनराई विजयन, उनकी बेटी वीना टी, उनकी कंपनी Exalogic Solutions Pvt Ltd, CMRL के MD एसएन ससीधरन कार्ता, CMRL अधिकारी पी सुरेश कुमार, CMRL, और Empower India Capital Investment Pvt Ltd।

आरोप यह है कि CMRL/Empower की ओर से वीना/Exalogic को IT कंसल्टेंसी/मार्केटिंग के नाम पर लगभग ₹3.28 करोड़ का भुगतान हुआ। Exalogic को मासिक रिटेनर ₹3 लाख और वीना को व्यक्तिगत रूप से ₹5 लाख प्रति माह का जिक्र है। 3 मार्च 2017 से 1 नवंबर 2017 के बीच बिना इनवॉइस के वीना को करीब ₹50 लाख दिए जाने का आरोप है। अगस्त 2016 से जून 2020 के बीच कुल लगभग ₹3.21 करोड़ अवैध लाभ (illegal gratification) का आरोप लगाया गया है।

मामले में Prevention of Corruption Act और आपराधिक साजिश/दुष्कर्म से जुड़े IPC/संबंधित प्रावधानों के तहत बुकिंग का उल्लेख है।

FIR 2: हवाला संबंधित आरोप

दूसरी FIR में आरोपी पक्षों में MLA पीए मुहम्मद रियास (दामाद), वीना, और मित्र/सहयोगी बताए गए शैलजल/श्याजल, निखिल पी, वारिस, फैजाज वीपी, नंदुलाल एम, सुबैर के तथा अज्ञात अन्य शामिल बताए गए हैं।

ED की 27 मई 2026 की रेड के दौरान वीना के निवास से मिले नोट्स का हवाला देते हुए आरोप है कि उनमें पति से जुड़े खातों और विदेशी ट्रांसफर का जिक्र है—जैसे Total Deposit 282,600 AED; सितंबर 2024 में फैजाज को 146,600 AED ट्रांसफर; तथा “Total sent from here 85L” जैसा उल्लेख। वारिस पर जुलाई 2024 से जुलाई 2025 के बीच पाँच मौकों पर हवाला एजेंट सुबैर के जरिए दुबई में फैजाज को करीब ₹1.20 करोड़ भेजने का आरोप है। “Nammal Beypore core Team” नाम के व्हाट्सऐप ग्रुप का भी जिक्र है।

हाईकोर्ट में अपील का जिक्र

विजयन और परिवार की ओर से FIR-निर्देश वाले आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील भी की गई है—यह अलग विकासक्रम है।

क्या समझें, क्या न समझें

FIR दर्ज होना जाँच की शुरुआत है, सजा नहीं। आरोप FIR/ED सामग्री से लिए गए हैं। दोष या निर्दोषता का फैसला अदालत करेगी। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से अलग, कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

VACB ने कितने FIR दर्ज किए?

12 अक्टूबर 2026 को Special Investigation Unit-1 ने दो FIR दर्ज किए—एक CMRL भुगतान/Exalogic से जुड़ा, दूसरा हवाला संबंधित आरोपों से।

CMRL मामले में मुख्य आरोप क्या है?

आरोप है कि IT कंसल्टेंसी/मार्केटिंग के नाम पर वीना/Exalogic को कुल लगभग ₹3.21–3.28 करोड़ का भुगतान हुआ, जिसमें बिना इनवॉइस वाले भुगतान भी शामिल बताए गए हैं।

दूसरी FIR में कौन नामित हैं?

MLA पीए मुहम्मद रियास, वीना तथा अन्य नामित व्यक्ति—शैलजल/श्याजल, निखिल पी, वारिस, फैजाज वीपी, नंदुलाल एम, सुबैर के और अज्ञात अन्य।

क्या दोष सिद्ध हो चुका है?

नहीं। ये आरोप FIR और ED रिपोर्ट पर आधारित हैं। जाँच और अदालती प्रक्रिया बाकी है।

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