दशहरे के बाद दिल्ली-एनसीआर की हवा तेजी से बिगड़ने लगी है और इसके साथ ही इस सीजन की पहली प्रदूषण-रोधी पाबंदियां लागू हो गई हैं। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने बुधवार, 21 अक्टूबर को पूरे एनसीआर में ग्रैप (GRAP) यानी ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान का पहला चरण तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया। आयोग के आदेश के मुताबिक दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 20 अक्टूबर को 179 (‘मध्यम’) था, जो 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे उछलकर 244 (‘खराब’) पर पहुंच गया। गुरुवार सुबह भी हालात सुधरे नहीं और AQI करीब 226 दर्ज हुआ।
CAQM ने क्यों लगाया GRAP-1
CAQM की GRAP उप-समिति ने 21 अक्टूबर को बैठक कर हवा की स्थिति और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) व भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के पूर्वानुमान की समीक्षा की। पूर्वानुमान के मुताबिक आने वाले दिनों में भी AQI ‘खराब’ श्रेणी में बना रह सकता है। इसलिए आयोग ने 29 सितंबर 2026 को जारी GRAP के संशोधित शेड्यूल के तहत स्टेज-1 के सभी कदम पूरे एनसीआर में लागू करने का आदेश दिया, ताकि हवा और खराब न हो। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक यह पिछले पांच साल में दशहरे के बाद का सबसे प्रदूषित दिन रहा।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार सुबह दिल्ली के 59 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से जहांगीरपुरी (309), विवेक विहार (309) और चांदनी चौक (306) ‘बहुत खराब’ श्रेणी में थे, जबकि आनंद विहार, ITO, रोहिणी, बवाना, पटपड़गंज जैसे इलाके ‘खराब’ श्रेणी में रहे।
GRAP के चार चरण: कब क्या लागू होता है
- स्टेज-1 (खराब): AQI 201 से 300
- स्टेज-2 (बहुत खराब): AQI 301 से 400
- स्टेज-3 (गंभीर): AQI 401 से 450
- स्टेज-4 (अति गंभीर): AQI 450 से ऊपर
GRAP क्रमिक व्यवस्था है, यानी हवा और बिगड़ी तो ऊपर के चरण के साथ नीचे के चरणों के नियम भी लागू रहते हैं। यह योजना सुप्रीम कोर्ट के दिसंबर 2016 के निर्देशों के बाद जनवरी 2017 में अधिसूचित हुई थी और अब इसे CAQM लागू करता है।
GRAP-1 में क्या-क्या सख्ती
- तंदूर में कोयला-लकड़ी पर रोक: होटल, रेस्टोरेंट और खुले ढाबों के तंदूर में कोयला और लकड़ी जलाना प्रतिबंधित है। इन्हें बिजली, गैस या मंजूर साफ ईंधन ही इस्तेमाल करना होगा।
- डीजल जेनरेटर: DG सेट को बिजली के नियमित स्रोत के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा; सिर्फ आपात या जरूरी सेवाओं में तय नियमों के तहत छूट है।
- पुराने वाहन: अदालती आदेशों के मुताबिक 10 साल से पुराने डीजल और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों पर रोक को सख्ती से लागू किया जाएगा; दिखने में धुआं छोड़ने वाले वाहनों पर कार्रवाई होगी। संशोधित योजना में डीजल जेनरेटर और ओवरएज वाहनों से जुड़े कुछ कदम स्टेज-2 से खिसकाकर स्टेज-1 में लाए गए हैं।
- धूल और निर्माण: सड़कों की मशीन से सफाई, पानी का छिड़काव, एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल; 500 वर्ग मीटर या उससे बड़े निर्माण स्थलों को पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन और धूल-नियंत्रण नियमों का पालन करना होगा, वरना काम रोका जा सकता है।
- कचरा जलाने पर पूरी रोक: खुले में कचरा या बायोमास जलाने पर सख्त प्रतिबंध और NGT आदेशों के मुताबिक पर्यावरण मुआवजा।
- बसें: इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक संशोधित शेड्यूल में प्रावधान है कि हरियाणा, यूपी, राजस्थान और कुछ अन्य राज्यों से आने वाली इंटरसिटी/अंतरराज्यीय बसें तभी एनसीआर में चल सकेंगी जब वे इलेक्ट्रिक, CNG या BS-VI डीजल हों।
ध्यान रहे, स्टेज-1 अपने आप में निजी वाहनों, स्कूलों, दफ्तरों या हर तरह के निर्माण पर पूरी रोक नहीं लगाता। स्कूल सामान्य रूप से खुले रहेंगे, जब तक कोई अलग सरकारी आदेश न आए।
1 नवंबर से और क्या बदल सकता है
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा है कि करीब 30 एजेंसियां 11-सूत्री प्रदूषण नियंत्रण योजना पर काम कर रही हैं। PTI के हवाले से आई रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार की विंटर एक्शन प्लान के तहत 1 नवंबर से बिना वैध PUC सर्टिफिकेट वाले वाहनों को ईंधन न देने (‘नो PUC, नो फ्यूल’) का नियम, दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड गैर-BS-VI वाहनों की 1 नवंबर से 31 जनवरी तक एंट्री पर रोक (CNG और इलेक्ट्रिक को छूट) और अधिकृत पार्किंग का शुल्क दोगुना करने (मेट्रो पार्किंग को छोड़कर) जैसे कदम प्रस्तावित हैं। ये GRAP-1 से अलग, दिल्ली सरकार के अपने उपाय हैं।
आप पर क्या असर पड़ेगा, अभी क्या करें
- गाड़ी का PUC सर्टिफिकेट जांच लें; 1 नवंबर के बाद इसके बिना पेट्रोल-डीजल मिलने में दिक्कत हो सकती है।
- रेड लाइट पर इंजन बंद करें, टायर प्रेशर और इंजन ट्यूनिंग ठीक रखें; जहां संभव हो मेट्रो, बस या कारपूल अपनाएं।
- कचरा न जलाएं और खुले में न फेंकें; प्रदूषण की शिकायत SAMEER, ग्रीन दिल्ली या 311 ऐप पर करें।
- बच्चों, बुजुर्गों और सांस/दिल के मरीजों को सुबह-शाम की तेज सैर या खुले में भारी व्यायाम से बचाएं; बाहर जाते समय अच्छा मास्क (N95) मददगार है।
- रोज का AQI SAMEER ऐप या CAQM वेबसाइट पर देखें, ताकि बाहर निकलने की योजना उसी हिसाब से बना सकें।
आगे क्या
दिवाली, पराली जलाने का मौसम और गिरता तापमान आम तौर पर नवंबर में दिल्ली की हवा को और बिगाड़ते हैं। अगर AQI 300 के पार ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंचता है तो CAQM GRAP-2 लागू कर सकता है, जिसमें पाबंदियां और कड़ी होती हैं। आयोग ने कहा है कि वह हालात पर लगातार नजर रखेगा और पूर्वानुमान के आधार पर आगे का फैसला लेगा। TrendFlash दिल्ली-एनसीआर की हवा और नई पाबंदियों पर हर अपडेट आप तक पहुंचाता रहेगा।
स्रोत: CAQM आदेश (21 अक्टूबर 2026), मिंट, इंडियन एक्सप्रेस, टाइम्स ऑफ इंडिया, NDTV (PTI इनपुट के साथ)।

