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6 नवम्बर 2026, शुक्र

दीया मिर्जा का प्रदूषण-मुक्त दिवाली वीडियो BMC ने हटाया: भाजपा नेता की आपत्ति के बाद फैसला, मेयर के बयान पर बढ़ा विवाद; अभिनेत्री बोलीं- ‘कोई पैसे नहीं लिए’

अभिनेत्री दीया मिर्जा, जिनका प्रदूषण-मुक्त दिवाली वाला वीडियो BMC ने हटाया (फाइल फोटो)

मुंबई में प्रदूषण-मुक्त दिवाली के लिए चलाया गया एक सरकारी जागरूकता अभियान अब राजनीतिक विवाद में बदल गया है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने अभिनेत्री दीया मिर्जा का वह वीडियो अपने सोशल मीडिया हैंडल से हटा दिया, जिसमें वह लोगों से पटाखे न फोड़ने और शोर व वायु प्रदूषण से बचने की अपील कर रही थीं। वीडियो हटाने का फैसला मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमीत साटम की आपत्ति के कुछ ही घंटों बाद आया। इसके बाद मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े के बयान ने विवाद को और हवा दे दी, जबकि विपक्ष ने BMC प्रशासन पर दबाव में काम करने का आरोप लगाया है।

क्या है पूरा मामला?

द हिंदू (PTI) और टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, बढ़ते वायु प्रदूषण और त्योहारों में पटाखों पर नियंत्रण न कर पाने को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने BMC को फटकार लगाई थी। इसके बाद BMC ने पर्यावरण के अनुकूल दिवाली मनाने के लिए एक अभियान शुरू किया और इसमें कई जानी-मानी हस्तियों को जोड़ा। इनमें दीया मिर्जा के अलावा अभिनेत्री माधुरी दीक्षित, मराठी अभिनेत्री निशिगंधा वाड और क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे शामिल थे। BMC की पोस्ट में यह भी लिखा गया था कि हाईकोर्ट के निर्देशों के मुताबिक सार्वजनिक सड़कों, गलियों और फुटपाथ पर पटाखे फोड़ना सख्त मना है।

रविवार, 1 नवंबर 2026 को भाजपा मुंबई अध्यक्ष अमीत साटम ने X पर BMC के आधिकारिक अकाउंट को टैग करते हुए दीया मिर्जा के वीडियो पर आपत्ति जताई। उन्होंने लिखा, “We don’t need lessons on how to celebrate #Diwali from @deespeak. Our traditions are deeply rooted in our culture” यानी हमें दीया मिर्जा से दिवाली मनाने का सबक नहीं चाहिए, हमारी परंपराएं हमारी संस्कृति में गहराई से जुड़ी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस पोस्ट के कुछ घंटों के भीतर नगर आयुक्त अश्विनी भिड़े के नेतृत्व वाले BMC प्रशासन ने दीया मिर्जा का वीडियो हटा दिया। माधुरी दीक्षित, निशिगंधा वाड और अजिंक्य रहाणे के वीडियो BMC के X और इंस्टाग्राम पेज पर बने रहे। BMC ने वीडियो हटाने की कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई और अधिकारियों ने मीडिया के सवालों का जवाब नहीं दिया।

मेयर ऋतु तावड़े ने क्या कहा?

NDTV के मुताबिक, सोमवार 2 नवंबर को मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े ने वीडियो हटाने का बचाव किया और दीया मिर्जा पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यह मामला किसी धर्म से जुड़ा नहीं है और विरोध की वजह अभिनेत्री का “सरकार-विरोधी” रुख है। तावड़े ने यह भी कहा कि दीया मिर्जा अपने निजी हैंडल पर जो चाहें पोस्ट कर सकती हैं, लेकिन BMC के हैंडल पर नहीं, और टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार उन्होंने अभिनेत्री को “ब्लैकलिस्ट” करने की बात कही।

हालांकि मेयर ने वीडियो हटाने के सवाल पर BMC प्रशासन की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि वीडियो क्यों डाला गया और फिर क्यों हटाया गया, इसका जवाब प्रशासन देगा, क्योंकि प्रशासन ने निर्वाचित प्रतिनिधियों से सलाह नहीं ली थी। उन्होंने इसे “प्रशासन की ओर से गलत संवाद” बताया और कहा कि वह नगर आयुक्त से बात करेंगी ताकि आगे से जनसंपर्क विभाग ऐसे प्रस्ताव उनके सामने भी रखे। तावड़े ने यह भी माना कि अभियान हाईकोर्ट के निर्देश पर चलाया गया था।

दीया मिर्जा का जवाब

दीया मिर्जा ने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में सवाल उठाया कि जनहित में बॉम्बे हाईकोर्ट और BMC के कहने पर रिकॉर्ड किए गए वीडियो की आलोचना क्यों की जा रही है। उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण चिंता का विषय है और इसे कम करने की हर कोशिश का स्वागत होना चाहिए, क्योंकि यह जन स्वास्थ्य का मामला है। सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा, “कोई पैसे नहीं लिए हैं। भलाई का जमाना ही नहीं रहा।” यानी उन्होंने इस अभियान के लिए BMC से कोई फीस नहीं ली थी।

सियासी बयानबाजी: किसने क्या कहा

  • शिवसेना (UBT): प्रवक्ता और पूर्व मेयर किशोरी पेडनेकर ने पूछा कि क्या नगर प्रशासन भाजपा या उसके मुंबई अध्यक्ष का “गुलाम” बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि BMC के रोजमर्रा के कामकाज में साटम का दखल बढ़ रहा है।
  • MNS: नगरसेवक यशवंत किल्लेदार ने साटम पर निशाना साधते हुए कहा कि दिवाली एक दीया और कंदील जलाकर भी मनाई जा सकती है।
  • भाजपा मंत्री नितेश राणे: उन्होंने दीया मिर्जा की आलोचना करते हुए सवाल किया कि वह दूसरे त्योहारों पर ऐसी सलाह क्यों नहीं देतीं, और कहा कि वह इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री फडणवीस से बात करेंगे।
  • शिवसेना प्रवक्ता शाइना एनसी: उन्होंने कहा कि सबको प्रदूषण का ध्यान रखने और पटाखे न फोड़ने की जरूरत पता है।
  • केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले: उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को किसी समुदाय से नहीं जोड़ा जाना चाहिए, संविधान हर धर्म को अपने त्योहार मनाने का अधिकार देता है, लेकिन ज्यादा प्रदूषण की चिंता भी करनी होगी।

ध्यान रहे, ऊपर दिए गए आरोप और टिप्पणियां संबंधित नेताओं के बयान हैं। BMC प्रशासन ने अब तक इस पर आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा है।

विवाद की असल जड़: प्रदूषण और हाईकोर्ट के निर्देश

इस बहस के बीच असली मुद्दा मुंबई की हवा है। हर साल सर्दियों की शुरुआत और त्योहारों के मौसम में मुंबई समेत कई बड़े शहरों में हवा की गुणवत्ता खराब हो जाती है। निर्माण कार्य की धूल, वाहनों का धुआं और पटाखों का धुआं इसमें बड़ी भूमिका निभाते हैं। इसी वजह से बॉम्बे हाईकोर्ट ने BMC को प्रदूषण पर सख्ती करने को कहा था, और यह अभियान उसी का हिस्सा था। द हिंदू के मुताबिक BMC ने दिवाली से पहले पूरे शहर में धूल कम करने का अभियान भी शुरू किया है।

आप पर क्या असर पड़ेगा?

राजनीतिक विवाद चाहे जो हो, हाईकोर्ट के निर्देश और BMC के नियम अपनी जगह लागू हैं। अगर आप मुंबई में रहते हैं तो ये बातें ध्यान रखें:

  • BMC के मुताबिक सार्वजनिक सड़कों, गलियों और फुटपाथ पर पटाखे फोड़ना मना है। नियम तोड़ने पर कार्रवाई हो सकती है।
  • बच्चों, बुजुर्गों और सांस या दिल की बीमारी वाले लोगों के लिए धुआं और तेज आवाज ज्यादा नुकसानदेह होती है, इसलिए उन्हें धुएं से दूर रखें।
  • दीये, कंदील और कम धुएं वाले विकल्पों से भी त्योहार की रौनक बनी रहती है।
  • अपने इलाके का AQI (वायु गुणवत्ता सूचकांक) चेक करते रहें और हवा खराब होने पर सुबह-शाम बाहर कसरत कम करें।

आगे क्या?

मेयर ऋतु तावड़े ने कहा है कि वह इस मुद्दे पर नगर आयुक्त से बात करेंगी, जबकि मंत्री नितेश राणे ने मुख्यमंत्री से चर्चा की बात कही है। विपक्ष इस मामले को BMC के कामकाज में राजनीतिक दखल के तौर पर उठा रहा है। अब नजर इस पर है कि BMC प्रशासन वीडियो हटाने पर कोई आधिकारिक सफाई देता है या नहीं, और दिवाली तक बाकी अभियान किस रूप में चलता है। इस खबर से जुड़ा कोई नया अपडेट आने पर TrendFlash पर बताया जाएगा।

स्रोत: द हिंदू (PTI), NDTV, टाइम्स ऑफ इंडिया।

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