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6 नवम्बर 2026, शुक्र

दिल्ली-NCR में दिवाली पर ग्रीन पटाखों को सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी: 7-8 नवंबर को सिर्फ 2 टाइम स्लॉट, QR कोड जरूरी, ऑनलाइन बिक्री बंद; 9 नवंबर से फिर पूरा बैन

नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट की इमारत

दिल्ली-NCR में इस बार दिवाली पर पटाखे फोड़े जा सकेंगे, लेकिन सिर्फ प्रमाणित ग्रीन पटाखे और वह भी तय घंटों में। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार, 2 नवंबर 2026 को अपने फैसले में 7 और 8 नवंबर को सुबह 6 से 7 बजे और रात 8 से 10 बजे के बीच ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति दी है। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि यह छूट अस्थायी है और 9 नवंबर 2026 से पटाखों पर पूरा प्रतिबंध फिर से लागू हो जाएगा।

यह फैसला जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की बेंच ने सुनाया। कोर्ट ने कहा कि अनुमति उसी तर्ज पर दी जा रही है, जैसी 15 अक्टूबर 2025 के आदेश में पिछली दिवाली पर दी गई थी। इस साल दिवाली 8 नवंबर को है।

सुप्रीम कोर्ट ने पूरा प्रतिबंध क्यों ढीला किया?

फैसले में कोर्ट ने माना कि पूरा प्रतिबंध रहने के बावजूद बाजार में पारंपरिक पटाखे “ग्रीन पटाखों” के नाम पर बिकते रहे। कोर्ट के मुताबिक, पूरा बैन एक तरफ अवैध बिक्री को बढ़ावा दे रहा था और दूसरी तरफ लोगों को जांचे-परखे असली ग्रीन पटाखे खरीदने से रोक रहा था। पहले के आदेशों का पालन न होना भी बार-बार की समस्या रही है। इसलिए कोर्ट ने कुछ समय के लिए पूरे बैन की जगह ग्रीन पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और इस्तेमाल को सख्त नियमों के साथ नियंत्रित करने का रास्ता चुना। कोर्ट ने इसके लिए 2018 के अर्जुन गोपाल और 2025 के एम.सी. मेहता मामलों में अपनाए गए “संतुलित रुख” का हवाला दिया।

फैसले की मुख्य शर्तें

  • समय: पटाखे सिर्फ 7 और 8 नवंबर को सुबह 6 से 7 बजे और रात 8 से 10 बजे तक फोड़े जा सकेंगे।
  • नो-क्रैकर जोन: अस्पताल, नर्सिंग होम, प्राथमिक और जिला स्वास्थ्य केंद्र, वृद्धाश्रम, शिक्षण संस्थान और अधिसूचित साइलेंस जोन के 300 मीटर दायरे में पटाखे नहीं जलेंगे। ऐसे इलाकों को चिह्नित करके सार्वजनिक किया जाएगा।
  • सिर्फ NEERI-प्रमाणित पटाखे: CSIR-NEERI और PESO से वैध प्रमाणन वाले निर्माता 2 से 6 नवंबर तक सिर्फ वही ग्रीन पटाखे बना सकेंगे जो CSIR-NEERI की वेबसाइट पर दर्ज हैं।
  • QR कोड जरूरी: हर डिब्बा पूरी तरह सील होगा और उस पर उत्पाद व बैच का अलग QR कोड होगा। स्कैन करने पर निर्माता, NEERI पंजीकरण, PESO/DM लाइसेंस, फॉर्मूलेशन और टेस्ट सर्टिफिकेट दिखना चाहिए। QR कोड बेचना उल्लंघन माना जाएगा और लाइसेंस रद्द होगा।
  • लड़ी और बेरियम पर रोक: लड़ी (सीरीज में जुड़े पटाखे), गारलैंड और बेरियम वाले पटाखों का निर्माण या बिक्री नहीं होगी।
  • बिक्री की तारीख: जिन व्यापारियों के लाइसेंस रद्द हुए थे, उन्हें 4 से 6 नवंबर तक अस्थायी रूप से बहाल किया गया है। नियम तोड़ने पर लाइसेंस तुरंत रद्द होगा।
  • ऑनलाइन बिक्री पूरी तरह बंद: पटाखे सिर्फ जिला प्रशासन और पुलिस की तय की गई जगहों पर ही बिकेंगे।

पुलिस और प्रशासन को क्या करना होगा

कोर्ट ने दिल्ली-NCR के सभी पटाखा निर्माताओं और व्यापारियों से “अच्छी-खासी” सुरक्षा राशि जमा कराने को कहा है, जो नियम तोड़ने पर जब्त हो जाएगी। पुलिस को बिक्री वाली जगहों पर गश्ती टीमें बनाकर नियमित जांच करनी होगी, QR कोड की असलियत परखनी होगी, अवैध या पारंपरिक पटाखे तुरंत जब्त करने होंगे और दोषियों पर मुकदमा चलाना होगा। दिल्ली-NCR में आने वाले वाहनों की भी जांच होगी ताकि बाहर से अवैध पटाखे न आएं। दुकानों पर बैनर लगाकर लोगों को बताना होगा कि असली ग्रीन पटाखे कैसे पहचानें और शिकायत कहां करें।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) को राज्य प्रदूषण बोर्डों के साथ मिलकर दिवाली से पहले (2 से 6 नवंबर), दिवाली के दिन (7 और 8 नवंबर) और बाद में (9 से 30 नवंबर) हर दिन की हवा की गुणवत्ता की रिपोर्ट बनानी होगी। बंद पड़े AQI मॉनिटरिंग स्टेशनों की जांच कर उन्हें ठीक करने को कहा गया है। राज्यों को 30 नवंबर तक अस्पतालों में मरीजों की भर्ती में हुई बढ़ोतरी पर भी हलफनामा देना होगा। सभी रिपोर्ट 14 दिसंबर 2026 तक कोर्ट में जमा करनी हैं, वरना जिम्मेदार अफसरों पर अवमानना की कार्रवाई हो सकती है।

पृष्ठभूमि: दिल्ली की हवा पहले से खराब

दिवाली से पहले ही दिल्ली की हवा “बहुत खराब” श्रेणी में पहुंच चुकी है। द इकोनॉमिक टाइम्स के लाइव अपडेट के मुताबिक, सोमवार सुबह आरके पुरम इलाके में AQI 370 दर्ज किया गया। हर साल अक्टूबर-नवंबर में पराली, वाहनों के धुएं, ठंडे मौसम और पटाखों का धुआं मिलकर राजधानी की हवा को और जहरीला बना देते हैं। इसी वजह से दिल्ली-NCR में पटाखों पर साल भर का प्रतिबंध लगा था, जिसे इस फैसले में सिर्फ दो दिन के लिए ढीला किया गया है। फैसले में कोर्ट ने यह भी लिखा कि सरकार और राज्य विंटर एक्शन प्लान 2026 और CAQM की सालाना योजना जैसे कदम अखबारों और चैनलों में प्रकाशित करें।

आप पर क्या असर पड़ेगा?

  • अगर आप दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद, फरीदाबाद या NCR के किसी और जिले में रहते हैं, तो पटाखे सिर्फ 7-8 नवंबर को तय घंटों में ही फोड़ें। इसके बाहर पटाखा जलाना कोर्ट के आदेश का उल्लंघन होगा।
  • पटाखे सिर्फ प्रशासन द्वारा तय दुकानों से खरीदें, ऑनलाइन बिल्कुल नहीं। खरीदते समय डिब्बा सील है या नहीं और उस पर QR कोड है या नहीं, यह जरूर देखें। QR स्कैन करके निर्माता और NEERI पंजीकरण की जानकारी मिलाएं।
  • लड़ी या बेरियम वाले पटाखे न खरीदें, क्योंकि ये प्रतिबंधित हैं और जब्त हो सकते हैं।
  • अस्पताल, स्कूल या वृद्धाश्रम के पास रहते हैं तो 300 मीटर के दायरे में पटाखे न चलाएं।
  • बच्चे, बुजुर्ग और सांस या दिल के मरीज इन दिनों मास्क पहनें और जरूरत न हो तो रात में बाहर कम निकलें।

आगे क्या?

9 नवंबर 2026 से दिल्ली-NCR में पटाखों पर पूरा प्रतिबंध फिर से लागू हो जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह समय-समय पर सुनवाई करके आदेश के पालन पर नजर रखेगा। 14 दिसंबर तक आने वाली प्रदूषण और अस्पताल भर्ती की रिपोर्टों से तय होगा कि यह “नियंत्रित छूट” कितनी कारगर रही। फैसले के अंत में कोर्ट ने वकीलों, जानी-मानी हस्तियों, फिल्मी सितारों और खिलाड़ियों से अपील की कि वे स्वैच्छिक जागरूकता अभियान में आगे आएं, ताकि लोग त्योहार सुरक्षित और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार तरीके से मनाएं। कोर्ट के शब्दों में, असली बदलाव तभी आएगा जब पटाखों को लेकर लोगों की सोच बदलेगी।

स्रोत: सुप्रीम कोर्ट का 2 नवंबर 2026 का फैसला (LiveLaw पर उपलब्ध प्रति), LiveLaw, Business Standard, The Hindu और The Economic Times की रिपोर्ट।

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