दिवाली के दिन, रविवार 8 नवंबर 2026 को हुए एक घंटे के विशेष मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र में शेयर बाजार की शुरुआत तो तेजी से हुई, लेकिन आखिर में सेंसेक्स और निफ्टी हल्की गिरावट के साथ बंद हुए। क्लोजिंग ऑक्शन के बाद BSE सेंसेक्स 28.62 अंक (0.04%) फिसलकर 80,999.40 पर और NSE निफ्टी 50 43.95 अंक (0.18%) गिरकर 24,986.40 पर बंद हुआ। इसके साथ ही संवत 2083 की शुरुआत हुई और दोनों सूचकांकों का लगातार सात सत्रों से चला आ रहा बढ़त का सिलसिला टूट गया।
सत्र में क्या-क्या हुआ
NSE और BSE पर मुहूर्त ट्रेडिंग दोपहर 2:20 बजे से 3:30 बजे तक हुई, जबकि प्री-ओपन सत्र 2:05 बजे शुरू हुआ। Moneycontrol के लाइव अपडेट के मुताबिक, दोपहर 2:22 बजे सेंसेक्स 394.49 अंक (0.49%) चढ़कर 81,422.51 पर था और निफ्टी 94.90 अंक की बढ़त के साथ 25,125.25 पर पहुंच गया था। इसके बाद ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली शुरू हुई। 3 बजे तक भी सेंसेक्स करीब 267 अंक ऊपर था, लेकिन प्री-क्लोज और क्लोजिंग ऑक्शन में बढ़त पूरी तरह खत्म हो गई और दोनों सूचकांक लाल निशान में आ गए।
शुक्रवार, 6 नवंबर को सेंसेक्स 81,028.02 और निफ्टी 25,030.35 पर बंद हुआ था, जो आठ महीने से ज्यादा का ऊंचा स्तर था। यानी रविवार की गिरावट बहुत छोटी है, लेकिन निफ्टी फिर से 25,000 के नीचे आ गया है।
9 साल में पहली बार मुहूर्त सत्र लाल निशान में
The Economic Times (ETMarkets) की रिपोर्ट के अनुसार, यह पिछले 9 वर्षों में पहली बार है जब मुहूर्त ट्रेडिंग का सत्र सेंसेक्स और निफ्टी में नुकसान के साथ खत्म हुआ। आम तौर पर निवेशक इस सत्र को शुभ मानकर छोटी-छोटी खरीदारी करते हैं, इसलिए ज्यादातर सालों में यह सत्र हल्की बढ़त के साथ बंद होता रहा है। इस बार पिछले हफ्ते की तेज रैली के बाद मुनाफावसूली हावी रही।
बड़े शेयर गिरे, लेकिन छोटे-मझोले शेयरों में खरीदारी
बेंचमार्क सूचकांकों की गिरावट के बावजूद बाजार की चौड़ाई (market breadth) मजबूत रही। Moneycontrol के अनुसार 3,136 शेयर बढ़त में और 913 शेयर गिरावट में बंद हुए। Zee Business की रिपोर्ट के मुताबिक निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.22% और निफ्टी स्मॉलकैप 250 में 1.15% की तेजी रही, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 0.13% और निफ्टी 500 भी 0.13% ऊपर बंद हुआ।
सेक्टरों की बात करें तो मीडिया और फार्मा शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि बैंकिंग, IT और रियल्टी शेयरों में कमजोरी रही। निफ्टी में सन फार्मा और टाटा स्टील सबसे आगे रहे। LiveMint के अनुसार टाटा स्टील सत्र के दौरान करीब 2.5% चढ़कर ₹191 के आसपास पहुंचा। कंपनी ने शनिवार को सितंबर तिमाही के नतीजे जारी किए थे, जिनमें समेकित शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 16% से ज्यादा बढ़कर ₹3,700 करोड़ रहा। BSE और अल्ट्राटेक सीमेंट भी सत्र के दौरान बढ़त वाले शेयरों में दिखे।
पिछले हफ्ते की रैली का संदर्भ
मुहूर्त सत्र से ठीक पहले बाजार ने जबरदस्त हफ्ता देखा था। Zee Business के अनुसार 6 नवंबर को खत्म हुए हफ्ते में सेंसेक्स 8.82% और निफ्टी 8.58% चढ़ा, जो फरवरी 2021 के बाद का सबसे अच्छा साप्ताहिक प्रदर्शन था। इस दौरान सेंसेक्स 6,568.49 अंक और निफ्टी 1,977.25 अंक चढ़ा तथा BSE पर सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण करीब ₹28.70 लाख करोड़ बढ़ा। इतनी तेज चढ़ाई के बाद कुछ मुनाफावसूली होना स्वाभाविक माना जाता है, और रविवार के सत्र में यही देखने को मिला।
मुहूर्त ट्रेडिंग क्या है?
मुहूर्त ट्रेडिंग दिवाली (लक्ष्मी पूजन) के दिन होने वाला एक प्रतीकात्मक, लगभग एक घंटे का विशेष सत्र है, जिससे हिंदू कैलेंडर के नए संवत की शुरुआत मानी जाती है। कई परिवार और कारोबारी इस दिन नई खरीदारी को शुभ मानते हैं। इस सत्र में होने वाले सौदों पर सामान्य नियम ही लागू होते हैं, यानी इंट्राडे पोजिशन उसी सत्र में स्क्वेयर-ऑफ होती हैं और डिलीवरी वाले सौदों का सेटलमेंट सामान्य प्रक्रिया से होता है। इस सत्र में कारोबार कम होता है, इसलिए इसके नतीजे को आगे के बाजार की दिशा का पक्का संकेत नहीं माना जाना चाहिए।
आप पर क्या असर पड़ेगा
- लंबी अवधि के निवेशक: सेंसेक्स में 0.04% और निफ्टी में 0.18% की गिरावट बहुत मामूली है। SIP या लंबी अवधि का निवेश करने वालों के लिए एक सत्र का नतीजा फैसला बदलने की वजह नहीं होना चाहिए।
- स्मॉलकैप-मिडकैप में रुचि: छोटे शेयरों में तेज खरीदारी दिखी, लेकिन ऐसे शेयर उतार-चढ़ाव भी ज्यादा दिखाते हैं। सिर्फ एक दिन की तेजी देखकर बड़ा दांव लगाने से बचें।
- ट्रेडर्स: निफ्टी का 25,000 के आसपास रहना अब अहम स्तर बन गया है। पिछले हफ्ते की 8% से ज्यादा की रैली के बाद आगे भी मुनाफावसूली के दौर आ सकते हैं, इसलिए स्टॉप-लॉस के साथ ही ट्रेड करें।
आगे क्या देखें
अगले कारोबारी सत्रों में बाजार की नजर कंपनियों के बाकी तिमाही नतीजों, विदेशी निवेशकों (FII) के रुख, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक बाजारों के संकेतों पर रहेगी। तेज रैली के बाद बाजार कुछ दिन सीमित दायरे में भी रह सकता है। ध्यान रखें कि यह लेख सिर्फ जानकारी के लिए है, निवेश सलाह नहीं है। कोई भी निवेश फैसला अपनी जोखिम क्षमता देखकर और जरूरत हो तो पंजीकृत सलाहकार से बात करके ही लें।
स्रोत: Moneycontrol (मुहूर्त ट्रेडिंग लाइव अपडेट, 8 नवंबर 2026), Zee Business, The Economic Times (ETMarkets) और LiveMint की रिपोर्ट।

