पुणे के ऐतिहासिक लोहागड़ किले पर 18 जून 2026 को हुई कारोबारी केतन विशाल अग्रवाल की मौत पहले एक ट्रेकिंग हादसा मानी गई थी। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने इसे सुनियोजित हत्या बताया। यह लेख पुलिस की जांच, चार्जशीट और अदालती प्रक्रिया की अब तक की जानकारी देता है। इसमें जो भी बातें हैं, वे पुलिस के आरोप हैं; अदालत में दोष साबित होना अभी बाकी है और आरोपी निर्दोष माने जाने के अधिकार के साथ मुकदमे का सामना करेंगे।
शुरुआत में क्या हुआ था
केतन अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ लोहागड़ किले पर गए थे, जहां वे खाई में गिरे और उनकी मौत हो गई। परिवार का कहना था कि केतन ट्रेकिंग में हमेशा सावधानी रखते थे और खतरनाक जगहों से दूर रहते थे, इसलिए इसे सिर्फ दुर्घटना मानना उन्हें कठिन लगा। यहीं से जांच ने दिशा बदली।
CCTV में दिखा हुडी वाला शख्स
पुलिस के अनुसार जांच की पहली बड़ी कड़ी CCTV फुटेज थी। उसमें केतन और सिया के पीछे लगभग 20-30 फीट की दूरी पर एक व्यक्ति चलता दिखा, जिसने 33 डिग्री सेल्सियस की गर्मी में भी मोटी हुडी पहन रखी थी और चेहरा ढका हुआ था। तकनीकी जांच, मोबाइल डेटा और अन्य सबूतों के आधार पर पुलिस ने इस व्यक्ति की पहचान 22 वर्षीय चेतन बाबूलाल चौधरी के रूप में की, जिसे पुलिस सिया का प्रेमी बताती है।
चार्जशीट में क्या आरोप हैं
इंडिया टुडे और हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस ने 19 सितंबर 2026 को वडगांव मावल की अदालत में 5,053 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। यह चार्जशीट गवाहों के बयान, डिजिटल सबूत, मोबाइल डेटा, चैट, तस्वीरें, कॉल रिकॉर्ड और CCTV फुटेज पर आधारित बताई गई है। पुलिस के दावे संक्षेप में ये हैं:
- सिया और चेतन 2025 में मिले थे और पुलिस के अनुसार उन्होंने केतन से सगाई से पहले ही शादी कर ली थी, जो चेतन के दोस्त रितेश हांगे के अलावा किसी को पता नहीं थी।
- फरवरी 2026 में सिया की सगाई केतन से हुई और शादी नवंबर के लिए तय हुई। पुलिस का आरोप है कि सिया यह शादी नहीं करना चाहती थी।
- तीनों ने किसी बाहरी व्यक्ति को सुपारी देने के बजाय ऐसी योजना बनाई जिससे मौत हादसा लगे। जगह के रूप में लोहागड़ किला चुना गया।
- पुलिस के मुताबिक 14 जून को पहली कोशिश हुई, जो एक पेड़ की वजह से नाकाम रही।
- 18 जून को केतन को एक फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए “सरप्राइज बर्थडे” के बहाने बुलाया गया। आरोप है कि सिया ने पहले धक्का दिया और फिर चेतन ने लात मारकर उन्हें खाई में गिरा दिया।
इसके अलावा टाइम्स ऑफ इंडिया और इंडिया टीवी की रिपोर्ट्स में पुलिस के हवाले से कहा गया कि सिया ने बाली की प्री-वेडिंग यात्रा से पहले केतन का पासपोर्ट फाड़ दिया था और उसके फोन में “How to get away with murder” जैसी सर्च मिली। ये भी आरोप हैं, अदालत में परखे जाने बाकी हैं।
आरोपियों का पक्ष
बचाव पक्ष के वकील ने कहा है कि पुलिस के पास कोई चश्मदीद या स्वतंत्र गवाह नहीं है और सीधा सबूत स्थापित नहीं हुआ है। रिपोर्ट्स के अनुसार आरोपियों ने आरोपों से इनकार किया है। अदालत सबूतों को देखकर तय करेगी कि कौन-सी धाराएं तय होंगी।
अब आगे क्या
सिया गोयल, चेतन चौधरी और रितेश हांगे के नाम चार्जशीट में हैं और रिपोर्ट्स के अनुसार तीनों यरवदा जेल में हैं। परिवार की मांग पर वरिष्ठ वकील उज्ज्वल निकम को विशेष सरकारी वकील नियुक्त किया गया है। 19 अक्टूबर 2026 तक की रिपोर्ट्स में आरोप तय होने या जमानत मिलने की खबर नहीं थी। अगला चरण आरोप तय करना और उसके बाद मुकदमे की सुनवाई है। नई जानकारी आने पर यह लेख फिर अपडेट किया जा सकता है।
आप पर क्या असर पड़ेगा / इस मामले से सीख
इस केस से आम लोगों के लिए कुछ व्यावहारिक बातें निकलती हैं:
- ट्रेकिंग या सुनसान जगह जाने से पहले परिवार को लोकेशन और साथ जाने वालों की जानकारी जरूर दें।
- किसी अनजान सोशल मीडिया अकाउंट के बुलावे पर अकेले या सुनसान जगह न जाएं।
- किसी भी संदिग्ध घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दें। डिजिटल सबूत, जैसे चैट और लोकेशन, जांच में बड़ी भूमिका निभाते हैं।
- सोशल मीडिया पर अधूरी जानकारी के आधार पर किसी को दोषी न ठहराएं। फैसला अदालत का काम है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
लोहागड़ किले की घटना कब हुई?
18 जून 2026 को। इसी दिन केतन अग्रवाल की खाई में गिरने से मौत हुई।
पुलिस ने किन्हें आरोपी बनाया है?
सिया गोयल, चेतन चौधरी और रितेश हांगे को। रिपोर्ट्स के अनुसार तीनों न्यायिक हिरासत में हैं।
क्या आरोप साबित हो चुके हैं?
नहीं। अभी चार्जशीट दाखिल हुई है। अदालत आरोप तय करेगी और उसके बाद सुनवाई होगी।
सरकारी वकील कौन हैं?
रिपोर्ट्स के अनुसार वरिष्ठ वकील उज्ज्वल निकम को विशेष सरकारी वकील नियुक्त किया गया है।

